{"_id":"576c298d4f1c1bd632b48135","slug":"the-winds-of-political-change-contenders-restless","type":"story","status":"publish","title_hn":"बदली सियासी बयार से दावेदार ‘बेचैन’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बदली सियासी बयार से दावेदार ‘बेचैन’
Kushinagar/ उदयभान त्रिपाठी
Updated Thu, 23 Jun 2016 11:55 PM IST
विज्ञापन
नेता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक पखवारे में जिले के दो बड़े सियासी बदलाव हुए। पहला कांग्रेस द्वारा खड्डा विधायक विजय दुबे का पार्टी से निष्कासन और दूसरा बसपा के कद्दावर नेता व पडरौना विधायक स्वामी प्रसाद मौर्य का पार्टी छोड़ना। हालांकि दोनों ने अभी तक अपने नए राजनीतिक पड़ाव का खुलासा नहीं किया, लेकिन इस सियासी बदलाव से विभिन्न दलों से चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों की बेचैनी जरूर बढ़ गई है। चर्चा है कि जिले में कुछ और नेता भी जल्दी ही अपने दल को अलविदा कह सकते हैं।
कुशीनगर जिले में जनप्रतिनिधियों का पार्टी बदलने का चलन नया नहीं है। पूर्व विधायक सुरेंद्र शुक्ल व पूर्व सांसद बालेश्वर यादव समेत कई दिग्गज टिकट के लिए दल बदल कर चुके हैं। परंतु इस बार का मामला ज्यादा चर्चा में है। वजह यह कि भाजपा छोड़कर कांग्रेस में गए विजय दुबे भी निष्कासन के बाद पुन: वापसी की डगर पर हैं। यही नहीं उनके समर्थक अगले चुनाव में उनके खड्डा से ही चुनाव लड़ने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं।
खड्डा सीट पर भाजपा शुरू से ही मजबूत स्थिति में रही है। यहां से (तब इसका नाम नौरंगिया था) श्रीनारायण उर्फ भुलई भाई, दीपलाल भारती और शंभू चौधरी भाजपा के टिकट पर विधायक रह चुके हैं। इस क्षेत्र में भाजपा के साथ ही हिन्दू युवा वाहिनी का संगठन भी मजबूत है। विधान सभा चुनाव के लिए यहां से भाजपा व हियुवा के कई दिग्गज टिकट के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं। परंतु विजय दुबे के कांग्रेस से निष्कासन के बाद भाजपा व हिंदू युवा वाहिनी के कई दावेदार अपनी दावेदारी पर ग्रहण लगता हुआ देख रहे हैं।
विज्ञापन
वहीं बसपा के वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्या के भी पार्टी छोड़ने से दूसरे दलों खासकर सपा में अंदरूनी हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि वे सपा में शामिल होंगे। अगर ऐसा हुआ तो फिर यहां भी कई दावेदारों की दावेदारी गड़बड़ा सकती है। यहां सपा ने पहले ही पूर्व सांसद बालेश्वर यादव के पुत्र विजेंद्र पॉल उर्फ बबलू का टिकट घोषित कर रखा है। बदलती सियासी बयार में टिकट कटने के भय से कई अन्य नेताओं ने भी प्रयास शुरू भी कर दिए हैं।
विज्ञापन
कुशीनगर जिले में जनप्रतिनिधियों का पार्टी बदलने का चलन नया नहीं है। पूर्व विधायक सुरेंद्र शुक्ल व पूर्व सांसद बालेश्वर यादव समेत कई दिग्गज टिकट के लिए दल बदल कर चुके हैं। परंतु इस बार का मामला ज्यादा चर्चा में है। वजह यह कि भाजपा छोड़कर कांग्रेस में गए विजय दुबे भी निष्कासन के बाद पुन: वापसी की डगर पर हैं। यही नहीं उनके समर्थक अगले चुनाव में उनके खड्डा से ही चुनाव लड़ने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं।
विज्ञापन
खड्डा सीट पर भाजपा शुरू से ही मजबूत स्थिति में रही है। यहां से (तब इसका नाम नौरंगिया था) श्रीनारायण उर्फ भुलई भाई, दीपलाल भारती और शंभू चौधरी भाजपा के टिकट पर विधायक रह चुके हैं। इस क्षेत्र में भाजपा के साथ ही हिन्दू युवा वाहिनी का संगठन भी मजबूत है। विधान सभा चुनाव के लिए यहां से भाजपा व हियुवा के कई दिग्गज टिकट के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं। परंतु विजय दुबे के कांग्रेस से निष्कासन के बाद भाजपा व हिंदू युवा वाहिनी के कई दावेदार अपनी दावेदारी पर ग्रहण लगता हुआ देख रहे हैं।
विज्ञापन
वहीं बसपा के वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्या के भी पार्टी छोड़ने से दूसरे दलों खासकर सपा में अंदरूनी हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि वे सपा में शामिल होंगे। अगर ऐसा हुआ तो फिर यहां भी कई दावेदारों की दावेदारी गड़बड़ा सकती है। यहां सपा ने पहले ही पूर्व सांसद बालेश्वर यादव के पुत्र विजेंद्र पॉल उर्फ बबलू का टिकट घोषित कर रखा है। बदलती सियासी बयार में टिकट कटने के भय से कई अन्य नेताओं ने भी प्रयास शुरू भी कर दिए हैं।