{"_id":"6952d6a673da323986038af7","slug":"the-warehousing-policy-has-increased-investment-opportunities-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-151678-2025-12-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: वेयरहाउसिंग नीति से निवेश की संभावना बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: वेयरहाउसिंग नीति से निवेश की संभावना बढ़ी
Tue, 30 Dec 2025 12:59 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 30 Dec 2025 12:59 AM IST
विज्ञापन
पडरौना। प्रदेश सरकार की वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स नीति-2022 अब कुशीनगर के औद्योगिक विकास की रफ्तार बढ़ाने जा रही है। नीति के तहत जिले में निवेश को आकर्षित करने के लिए करोड़ों रुपये की पूंजीगत सब्सिडी, स्टाम्प शुल्क में छूट और बिजली शुल्क में राहत जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। डीएम महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश पर लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग क्षेत्र को मजबूत करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
उपायुक्त उद्योग एवं जिला उद्योग उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के उपायुक्त अभय कुमार सुमन ने बताया कि नीति का मकसद आधुनिक लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम विकसित कर परिवहन लागत कम करना है।
आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करना और स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करना है। वेयरहाउसिंग सुविधाओं पर पांच करोड़ रुपये तक और लॉजिस्टिक्स पार्क पर 25 करोड़ रुपये तक की पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।
विज्ञापन
पूर्वांचल क्षेत्र होने के कारण कुशीनगर में निवेशकों को स्टाम्प शुल्क में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। इसके अलावा भूमि उपयोग परिवर्तन व विकास शुल्क में 75 प्रतिशत तक और बिजली शुल्क में 10 वर्षों तक पूरी छूट दी जाएगी। लॉजिस्टिक्स पार्क और ड्राई पोर्ट (आईसीडी/सीएफएस) परियोजनाओं पर भी स्टाम्प शुल्क में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। वहीं, लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के लिए प्रति श्रमिक छह माह तक एक हजार रुपये का प्रशिक्षण अनुदान भी मिलेगा।
नीति के अनुसार लॉजिस्टिक्स पार्क के लिए न्यूनतम 500 करोड़ रुपये निवेश और 25 एकड़ भूमि, वेयरहाउसिंग सुविधा के लिए 20 करोड़, कोल्ड स्टोरेज के लिए 15 करोड़ तथा ड्राई पोर्ट के लिए 50 करोड़ रुपये निवेश और 10 एकड़ भूमि निर्धारित की गई है। जिला प्रशासन ने बताया कि इच्छुक निवेशक निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
प्रशासन ने उद्यमियों से अपील की है कि वे इस महत्वाकांक्षी नीति का लाभ उठाकर कुशीनगर में निवेश करें और जिले को औद्योगिक विकास व रोजगार का नया हब बनाने में भागीदार बनें।
विज्ञापन
उपायुक्त उद्योग एवं जिला उद्योग उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के उपायुक्त अभय कुमार सुमन ने बताया कि नीति का मकसद आधुनिक लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम विकसित कर परिवहन लागत कम करना है।
विज्ञापन
आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करना और स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करना है। वेयरहाउसिंग सुविधाओं पर पांच करोड़ रुपये तक और लॉजिस्टिक्स पार्क पर 25 करोड़ रुपये तक की पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।
विज्ञापन
पूर्वांचल क्षेत्र होने के कारण कुशीनगर में निवेशकों को स्टाम्प शुल्क में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। इसके अलावा भूमि उपयोग परिवर्तन व विकास शुल्क में 75 प्रतिशत तक और बिजली शुल्क में 10 वर्षों तक पूरी छूट दी जाएगी। लॉजिस्टिक्स पार्क और ड्राई पोर्ट (आईसीडी/सीएफएस) परियोजनाओं पर भी स्टाम्प शुल्क में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। वहीं, लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के लिए प्रति श्रमिक छह माह तक एक हजार रुपये का प्रशिक्षण अनुदान भी मिलेगा।
नीति के अनुसार लॉजिस्टिक्स पार्क के लिए न्यूनतम 500 करोड़ रुपये निवेश और 25 एकड़ भूमि, वेयरहाउसिंग सुविधा के लिए 20 करोड़, कोल्ड स्टोरेज के लिए 15 करोड़ तथा ड्राई पोर्ट के लिए 50 करोड़ रुपये निवेश और 10 एकड़ भूमि निर्धारित की गई है। जिला प्रशासन ने बताया कि इच्छुक निवेशक निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
प्रशासन ने उद्यमियों से अपील की है कि वे इस महत्वाकांक्षी नीति का लाभ उठाकर कुशीनगर में निवेश करें और जिले को औद्योगिक विकास व रोजगार का नया हब बनाने में भागीदार बनें।