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Kushinagar News: पानी डालकर ट्रांसफाॅर्मर को किया जा रहा ठंडा
Tue, 23 Jun 2026 02:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 23 Jun 2026 02:37 AM IST
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विधुत उप केन्द्र कोटवा में पावर पर्वतक को ओवर हीट से बचाने के लिए पानी से नहलवाता विधुतकर्मी।सं
पकड़ियार बाजार। भीषण गर्मी और बढ़ती बिजली मांग के बीच नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र का कोटवा विद्युत उपकेंद्र ओवरलोड के कारण हांफने लगा है। स्थिति यह है कि 20 हजार उपभोक्ताओं की क्षमता वाले इस उपकेंद्र पर करीब 40 हजार उपभोक्ताओं का भार पड़ रहा है।
उपकरणों को बचाने के लिए पानी से नहलाया जा रहा है। लगभग चालीस वर्ष पूर्व बने उपकेंद्र के अधिकांश उपकरण जर्जर हो चुके हैं। अत्यधिक लोड से ट्रांसफार्मर और अन्य उपकरण गर्म हो रहे हैं। ट्रांसफार्मरों को बचाने के लिए कर्मचारियों को समय-समय पर उन पर पानी का छिड़काव करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर जुगाड़ के सहारे विद्युत आपूर्ति बनाए रखने में जुटे हुए हैं।
लोड अधिक होने के कारण उपकेंद्र से जुड़े विभिन्न फीडरों को बारी-बारी से बंद और चालू कर बिजली आपूर्ति दी जा रही है। इससे क्षेत्र में अघोषित कटौती जैसी स्थिति बन गई है। उमस और गर्मी से परेशान उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि लगातार बिजली बाधित होने से घरेलू कार्यों के साथ-साथ व्यापार और खेती-किसानी भी प्रभावित हो रही है।
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स्थानीय लोगों ने विभाग से उपकेंद्र की क्षमता बढ़ाने, नए ट्रांसफार्मर एवं आधुनिक उपकरण लगाने की मांग की है, ताकि निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। वहीं विभागीय कर्मचारी सीमित संसाधनों के बीच व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। एसडीओ सुनील पाल ने कहा कि बारी-बारी से फीडरों को बंद कर ठंडा किया जा रहा है। नहीं तो उपकरणों के जलने का डर है।
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उपकरणों को बचाने के लिए पानी से नहलाया जा रहा है। लगभग चालीस वर्ष पूर्व बने उपकेंद्र के अधिकांश उपकरण जर्जर हो चुके हैं। अत्यधिक लोड से ट्रांसफार्मर और अन्य उपकरण गर्म हो रहे हैं। ट्रांसफार्मरों को बचाने के लिए कर्मचारियों को समय-समय पर उन पर पानी का छिड़काव करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर जुगाड़ के सहारे विद्युत आपूर्ति बनाए रखने में जुटे हुए हैं।
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लोड अधिक होने के कारण उपकेंद्र से जुड़े विभिन्न फीडरों को बारी-बारी से बंद और चालू कर बिजली आपूर्ति दी जा रही है। इससे क्षेत्र में अघोषित कटौती जैसी स्थिति बन गई है। उमस और गर्मी से परेशान उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि लगातार बिजली बाधित होने से घरेलू कार्यों के साथ-साथ व्यापार और खेती-किसानी भी प्रभावित हो रही है।
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स्थानीय लोगों ने विभाग से उपकेंद्र की क्षमता बढ़ाने, नए ट्रांसफार्मर एवं आधुनिक उपकरण लगाने की मांग की है, ताकि निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। वहीं विभागीय कर्मचारी सीमित संसाधनों के बीच व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। एसडीओ सुनील पाल ने कहा कि बारी-बारी से फीडरों को बंद कर ठंडा किया जा रहा है। नहीं तो उपकरणों के जलने का डर है।