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Kushinagar News: बारिश में भी निभाई परंपरा, कुछ जलकर तो कुछ गलकर खत्म हुआ रावण का पुतला
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खड्डा के मठिया मेले में शुक्रवार को बारिश के बीच छाता लगाकर लोगों ने रावण दहन किया।
बारिश के चलते छाता लगाकर सांसद के नेतृत्व में लोगों ने लगाया जयश्रीराम का नारा
खड्डा। खड्डा क्षेत्र के मठिया बुजुर्ग स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में 98वें मठिया मेले का आयोजन हुआ। शुक्रवार को लगातार बारिश के बावजूद वर्षों पुरानी परंपरा निभाते हुए रावण दहन किया गया। पुतले पर तीर चलाते ही मेला परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। इस दौरान आतिशबाजी देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे।
शुक्रवार को पारंपरिक रावण दहन कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। बारिश के बावजूद भी रावण के विशाल पुतले का दहन होते ही पूरा मेला परिसर ''जय श्रीराम'' के जयघोष से गूंज उठा।लगातार बारिश के बावजूद आयोजकों ने वर्षों पुरानी परंपरा निभाई और शाम को रावण के पुतले का दहन किया। बारिश के कारण पुतला पूरी तरह जलने से पहले ही कुछ हिस्सा जलकर तो कुछ पानी में गलकर जमीन पर गिर गया।
इस दौरान आतिशबाजी से आसमान जगमगा उठा और उत्सव का माहौल बना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मंडल अध्यक्ष अजय गोविंद राव थे। उन्होंने शाम 4:30 बजे रावण के पुतले पर तीर चलाकर दहन का शुभारंभ किया। रावण दहन देखने के लिए दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंचे। लोगों ने भगवान श्रीराम के जयकारे लगाते हुए असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश आत्मसात किया।
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अजय गोविन्द राव ने बताया कि ऐतिहासिक मठिया मेले की शुरुआत कुशीनगर सांसद विजय कुमार दूबे के पूर्वजों द्वारा की गई थी। आज सांसद विजय कुमार दूबे के प्रयासों और दूबे परिवार के सहयोग से यह गौरवशाली परंपरा निरंतर आगे बढ़ रही है।
मेला संयोजक और कुशीनगर सांसद विजय कुमार दूबे ने सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह मेला धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक है। मठिया बुजुर्ग का यह पारंपरिक मेला क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों, नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का संदेश दिया जाता है। दूबे परिवार, मेला आयोजन समिति और ग्रामवासियों के सामूहिक प्रयास से यह परंपरा आज भी पूरी भव्यता के साथ जीवंत है।
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खड्डा। खड्डा क्षेत्र के मठिया बुजुर्ग स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में 98वें मठिया मेले का आयोजन हुआ। शुक्रवार को लगातार बारिश के बावजूद वर्षों पुरानी परंपरा निभाते हुए रावण दहन किया गया। पुतले पर तीर चलाते ही मेला परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। इस दौरान आतिशबाजी देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे।
शुक्रवार को पारंपरिक रावण दहन कार्यक्रम श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। बारिश के बावजूद भी रावण के विशाल पुतले का दहन होते ही पूरा मेला परिसर ''जय श्रीराम'' के जयघोष से गूंज उठा।लगातार बारिश के बावजूद आयोजकों ने वर्षों पुरानी परंपरा निभाई और शाम को रावण के पुतले का दहन किया। बारिश के कारण पुतला पूरी तरह जलने से पहले ही कुछ हिस्सा जलकर तो कुछ पानी में गलकर जमीन पर गिर गया।
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इस दौरान आतिशबाजी से आसमान जगमगा उठा और उत्सव का माहौल बना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मंडल अध्यक्ष अजय गोविंद राव थे। उन्होंने शाम 4:30 बजे रावण के पुतले पर तीर चलाकर दहन का शुभारंभ किया। रावण दहन देखने के लिए दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंचे। लोगों ने भगवान श्रीराम के जयकारे लगाते हुए असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश आत्मसात किया।
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अजय गोविन्द राव ने बताया कि ऐतिहासिक मठिया मेले की शुरुआत कुशीनगर सांसद विजय कुमार दूबे के पूर्वजों द्वारा की गई थी। आज सांसद विजय कुमार दूबे के प्रयासों और दूबे परिवार के सहयोग से यह गौरवशाली परंपरा निरंतर आगे बढ़ रही है।
मेला संयोजक और कुशीनगर सांसद विजय कुमार दूबे ने सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह मेला धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक है। मठिया बुजुर्ग का यह पारंपरिक मेला क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों, नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का संदेश दिया जाता है। दूबे परिवार, मेला आयोजन समिति और ग्रामवासियों के सामूहिक प्रयास से यह परंपरा आज भी पूरी भव्यता के साथ जीवंत है।