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Kushinagar News: लुढ़का पारा, शुरू हुआ ठंड का सितम... बचाव के इंतजाम नाकाफी
Sun, 05 Jan 2025 12:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 05 Jan 2025 12:21 AM IST
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पडरौना। साल की शुरुआत से ही सर्दी का प्रकोप देखने को मिला रहा है। सुबह और शाम बादल छाए रहने और सर्द हवाएं चलने से लोग परेशान रहे। दोपहर में निकल रही धूप लोगों को ठंड से राहत देने में नाकाम रही। ज्यादातर लोग सर्दी से बचने के लिए घरों में दुबके रहे। जो जरूरी काम से निकले, उन्होंने भी खुद को गर्म कपड़ों से अच्छी तरह से ढका। ऐसे लोग ठंड से बचाव के लिए अलाव तलाशते नजर आए। इस भीषण ठंड में सरकारी महकमों में ठंड से बचने के इंतजाम भी नाकाफी हैं। मेडिकल कॉलेज में मरीजों को मिलने वाला कंबल उन्हें ठंड से राहत नहीं दे पा रहा है, जिसकी वजह से उन्हें घर से कंबल या रजाई लाना पड़ रहा है। वहीं रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को ठंड से बचाव या अलाव तक की व्यवस्था नहीं है। लोगों को खुले में बैठक कर ट्रेन का इंतजार करना पड़ रहा है।
शनिवार को जिले के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान एक डिग्री गिरकर 18 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं, न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सर्द हवा दिनभर लोगों को कंपकंपी का अहसास कराती रही। शीतलहर का असर बाजार में भी दिखा। आम दिनों की अपेक्षा बाजार में खरीदार कम नजर आए। दुकान व हीटर जलाकर सर्दी से बचाव करते नजर आए। कुछ चौराहों को छोड़ अधिकांश चौराहों पर अब तक अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे शहर आए लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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रेलवे स्टेशन पर नहीं है ठंड से बचाव के इंतजाम
ठंड का सितम दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदारी गंभीर नहीं हो रहे हैं। पडरौना रेलवे स्टेशन पर भवन निर्माण कार्य चल रहा है। इसके चलते मुख्य स्टेशन को छोड़कर आसपास जगह-जगह निर्माण सामग्री रखी गई है। यहां मुसाफिरों के लिए ठंड से बचाव के लिए स्टेशन परिसर में कहीं भी अलाव तक व्यवस्था नहीं की गई है। इसके चलते यात्रियों को खुले में खड़े होकर ट्रेन की प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। शनिवार को दुदही जाने के लिए रेलवे स्टेशन पर आए उमेश पांडेय, जहीरुद्दीन अंसारी, मोसाहेब अली, सत्येंद्र कुशवाहा ने बताया कि ठंड से बचाव के लिए स्टेशन पर पर्याप्त इंतजाम होना चाहिए। पिछले वर्षों में यहां अलावा का इंतजाम रहता था, लेकिन इस वर्ष नही है।
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अस्पताल परिसर में भी नहीं जल रहा है अलाव
मेडिकल कॉलेज रविंद्रनगर परिसर में अलाव नहीं जल रहा है। इससे तीमारदारों को ठंड से परेशान होना पड़ रहा है। उधर, भर्ती मरीजों को अस्पताल की तरफ से उपलब्ध कराए गए कंबल ठंड से बचाव के लिए नाकाफी साबित हो रहे हैं। उन्हें घर से अतिरिक्त कंबल या रजाई लानी पड़ रही है।
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अभी पांच-छह दिन और सताएगी सर्दी
सरगटिया के मौसम विज्ञानी श्रुति वी सिंह ने बताया कि अभी पांच से छह दिन मौसम ऐसा ही रहेगा। पछुआ हवा का प्रकोप बढ़ने से ठंड में इजाफा होगा। मौसम में गलन बने रहने से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। नौ जनवरी तक ऐसा ही मौसम रहेगा। इसके बाद तापमान में और भी गिरावट होगी। उन्होंने बताया कि दिन में कुछ देर के लिए धूप निकल रहा है। इससे फसलों में अभी किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा, लेकिन यदि धूप नहीं निकले तो फसलों को नुकसान हो सकता है।
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इन बातों का रखें ध्यान
- भारी कपड़ों की एक परत के बजाय ढीले, हल्के, गर्म ऊनी कपड़ों की परतें पहनें।
- सिर, गर्दन, हाथों और पैर की अंगुलियों को ढककर रखें।
- नियमित रूप से गर्म तरल पदार्थ पिएं।
- तेल, पेट्रोलियम जेली या बॉडी क्रीम से नियमित रूप से शरीर की मालिश करें।
- गैर औद्योगिक इमारतों के लिए गर्मी इंसुलेशन गाइडलाइन का पालन करें।
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ठंड में यह न करें
- लंबे समय तक ठंड के संपर्क में रहने से बचें।
- ठंड से प्रभावित अंग की मालिश न करें। इससे अधिक नुकसान हो सकता है।
- कंपकंपी को नजरअंदाज न करें।
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शनिवार को जिले के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान एक डिग्री गिरकर 18 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं, न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सर्द हवा दिनभर लोगों को कंपकंपी का अहसास कराती रही। शीतलहर का असर बाजार में भी दिखा। आम दिनों की अपेक्षा बाजार में खरीदार कम नजर आए। दुकान व हीटर जलाकर सर्दी से बचाव करते नजर आए। कुछ चौराहों को छोड़ अधिकांश चौराहों पर अब तक अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे शहर आए लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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रेलवे स्टेशन पर नहीं है ठंड से बचाव के इंतजाम
ठंड का सितम दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदारी गंभीर नहीं हो रहे हैं। पडरौना रेलवे स्टेशन पर भवन निर्माण कार्य चल रहा है। इसके चलते मुख्य स्टेशन को छोड़कर आसपास जगह-जगह निर्माण सामग्री रखी गई है। यहां मुसाफिरों के लिए ठंड से बचाव के लिए स्टेशन परिसर में कहीं भी अलाव तक व्यवस्था नहीं की गई है। इसके चलते यात्रियों को खुले में खड़े होकर ट्रेन की प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। शनिवार को दुदही जाने के लिए रेलवे स्टेशन पर आए उमेश पांडेय, जहीरुद्दीन अंसारी, मोसाहेब अली, सत्येंद्र कुशवाहा ने बताया कि ठंड से बचाव के लिए स्टेशन पर पर्याप्त इंतजाम होना चाहिए। पिछले वर्षों में यहां अलावा का इंतजाम रहता था, लेकिन इस वर्ष नही है।
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अस्पताल परिसर में भी नहीं जल रहा है अलाव
मेडिकल कॉलेज रविंद्रनगर परिसर में अलाव नहीं जल रहा है। इससे तीमारदारों को ठंड से परेशान होना पड़ रहा है। उधर, भर्ती मरीजों को अस्पताल की तरफ से उपलब्ध कराए गए कंबल ठंड से बचाव के लिए नाकाफी साबित हो रहे हैं। उन्हें घर से अतिरिक्त कंबल या रजाई लानी पड़ रही है।
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अभी पांच-छह दिन और सताएगी सर्दी
सरगटिया के मौसम विज्ञानी श्रुति वी सिंह ने बताया कि अभी पांच से छह दिन मौसम ऐसा ही रहेगा। पछुआ हवा का प्रकोप बढ़ने से ठंड में इजाफा होगा। मौसम में गलन बने रहने से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। नौ जनवरी तक ऐसा ही मौसम रहेगा। इसके बाद तापमान में और भी गिरावट होगी। उन्होंने बताया कि दिन में कुछ देर के लिए धूप निकल रहा है। इससे फसलों में अभी किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा, लेकिन यदि धूप नहीं निकले तो फसलों को नुकसान हो सकता है।
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इन बातों का रखें ध्यान
- भारी कपड़ों की एक परत के बजाय ढीले, हल्के, गर्म ऊनी कपड़ों की परतें पहनें।
- सिर, गर्दन, हाथों और पैर की अंगुलियों को ढककर रखें।
- नियमित रूप से गर्म तरल पदार्थ पिएं।
- तेल, पेट्रोलियम जेली या बॉडी क्रीम से नियमित रूप से शरीर की मालिश करें।
- गैर औद्योगिक इमारतों के लिए गर्मी इंसुलेशन गाइडलाइन का पालन करें।
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ठंड में यह न करें
- लंबे समय तक ठंड के संपर्क में रहने से बचें।
- ठंड से प्रभावित अंग की मालिश न करें। इससे अधिक नुकसान हो सकता है।
- कंपकंपी को नजरअंदाज न करें।