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Kushinagar News: महिला पुलिसकर्मी न होने से अतिक्रमण हटवाने की टीम बैरंग लौटी
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विशुनपुरा गांव में 10-11 महिलाएं करने लगी कार्रवाई का विरोध
पिपरा बाजार। विशुनपुरा गांव में शनिवार को नवीन परती की जमीन से अतिक्रमण हटवाने पहुंची नायब तहसीलदार एकता त्रिपाठी की टीम को बैरंग लौटना पड़ा। टीम में महिला पुलिसकर्मी नहीं होने के कारण गांव की महिलाओं के विरोध के सामने कार्रवाई टालनी पड़ी।
कप्तानगंज तहसील और पडरौना कोतवाली की राजस्व-पुलिस टीम अतिक्रमण हटाने गई थी। अब्दुल रहमान ने एसडीएम से असगर के अतिक्रमण को हटवाने की शिकायत की थी। असगर की जर्जर झोपड़ी अब्दुल रहमान के मकान के ठीक सामने थी। नायब तहसीलदार एकता त्रिपाठी के साथ राजस्व निरीक्षक नीरज दुबे, लेखपाल आरके श्रीवास्तव और चौकी प्रभारी शैलेंद्र मिश्र भी थे।
टीम अपने साथ बुलडोजर और ट्रैक्टर-ट्रॉली भी लेकर गई थी। करीब 10-11 महिलाओं ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। महिला पुलिसकर्मी न होने से महिलाओं से बातचीत करना असहज हो गया। गांव के लोगों ने असगर को गरीब बताते हुए एक महीने की मोहलत मांगी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि करीब 10 लोगों ने अतिक्रमण किया है लेकिन प्रशासन सिर्फ असगर पर कार्रवाई कर रहा है।
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ग्रामीणों ने सभी अतिक्रमणकारियों पर समान कार्रवाई की मांग की। विरोध बढ़ने पर तत्काल अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका। पुलिस ने अंगद यादव और प्रह्लाद यादव को शांतिभंग में चालान कर न्यायालय भेज दिया। असगर से अतिक्रमण हटाने का आश्वासन लेकर टीम वापस लौट गई।
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पिपरा बाजार। विशुनपुरा गांव में शनिवार को नवीन परती की जमीन से अतिक्रमण हटवाने पहुंची नायब तहसीलदार एकता त्रिपाठी की टीम को बैरंग लौटना पड़ा। टीम में महिला पुलिसकर्मी नहीं होने के कारण गांव की महिलाओं के विरोध के सामने कार्रवाई टालनी पड़ी।
कप्तानगंज तहसील और पडरौना कोतवाली की राजस्व-पुलिस टीम अतिक्रमण हटाने गई थी। अब्दुल रहमान ने एसडीएम से असगर के अतिक्रमण को हटवाने की शिकायत की थी। असगर की जर्जर झोपड़ी अब्दुल रहमान के मकान के ठीक सामने थी। नायब तहसीलदार एकता त्रिपाठी के साथ राजस्व निरीक्षक नीरज दुबे, लेखपाल आरके श्रीवास्तव और चौकी प्रभारी शैलेंद्र मिश्र भी थे।
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टीम अपने साथ बुलडोजर और ट्रैक्टर-ट्रॉली भी लेकर गई थी। करीब 10-11 महिलाओं ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। महिला पुलिसकर्मी न होने से महिलाओं से बातचीत करना असहज हो गया। गांव के लोगों ने असगर को गरीब बताते हुए एक महीने की मोहलत मांगी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि करीब 10 लोगों ने अतिक्रमण किया है लेकिन प्रशासन सिर्फ असगर पर कार्रवाई कर रहा है।
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ग्रामीणों ने सभी अतिक्रमणकारियों पर समान कार्रवाई की मांग की। विरोध बढ़ने पर तत्काल अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका। पुलिस ने अंगद यादव और प्रह्लाद यादव को शांतिभंग में चालान कर न्यायालय भेज दिया। असगर से अतिक्रमण हटाने का आश्वासन लेकर टीम वापस लौट गई।