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तीन दिनों की जांच-पड़ताल के बाद लौट गई टीम
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तीन दिनों की जांच-पड़ताल के बाद लौट गई टीम
जिला अस्पताल के आरटीपीसीआर लैब के कर्मियों से भी की पूछताछ
तीन दिनों तक टीम अलग-अलग स्थानों पर करती रही गोपनीय जांच
जिला अस्पताल के आरटीपीसीआर लैब में गलत सैंपल रिपोर्ट का मामला
कोविड सैंपल रिपोर्ट अब मेडिकल कॉलेज भेजने के सीएमओ को दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। जिला अस्पताल के आरटीपीसीआर लैब से गलत सैंपल रिपोर्ट मामले में तीन दिनों तक जिला अस्पताल के आरटीपीसीआर लैब सहित अलग-अलग स्थानों पर पूछताछ करने के बाद लखनऊ से आई दो सदस्यीय टीम बृहस्पतिवार की शाम को वापस लौट गई। टीम ने अपनी रिपोर्ट लखनऊ में उच्चाधिकारियों को सौंपने की बात कही है। जाते-जाते टीम के सदस्यों ने कोविड सैंपल की जांच जिला अस्पताल के आरटीपीसीआर लैब में कराने की बजाए मेडिकल कॉलेज भेजने का निर्देश दिया है। जिला अस्पताल के आरटीपीसीआर लैब से सात अगस्त की देर शाम 20 व्यक्तियों के संक्रमित होने की रिपोर्ट आने और जांच में 17 के नाम, पते और संपर्क नंबर फर्जी फर्जी मिलने के बाद जांच और कार्रवाई शुरू हो गई थी। इस लापरवाही में जिला अस्पताल के सीएमएस, पैथालॉजिस्ट और एसएलटी सहित छह लोगों पर महामारी एक्ट और वायरस के संक्रमण से लोगों की जान खतरे में डालने के आरोप में सीएमओ की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके अलावा मंगलवार से ही लखनऊ की दो सदस्यीय टीम जिले में इस मामले में जांच पड़ताल कर रही थी। इस टीम में शामिल डॉ. अनुज त्रिपाठी और डॉ. मुकेश ने जिला अस्पताल के आरटीपीसीआर लैब के सभी स्वास्थ्यकर्मियों के अलावा संबंधित अन्य लोगों से पूछताछ की। बुधवार की रात जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके वर्मा से भी पूछताछ हुई थी।
सीएमएस बोले
सीएमएस डॉ. एसके वर्मा ने बताया कि टीम की तरफ से सभी स्वास्थ्यकर्मियों से अलग-अलग गोपनीय तरीके से पूछताछ की गई। उन्होंने पूरे घटनाक्रम के बारे में टीम को विस्तार से जानकारी दी। बृहस्पतिवार इस टीम ने लैब के पैथालॉजिस्ट, एसएलटी सहित अन्य लोगों से पूछताछ की। यह टीम हाटा सहित उन स्थानों पर भी पता लगाने गई थी, जहां के लोगों का नाम कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की सूची में था। टीम ने जांच के बारे में कुछ भी बताने में असमर्थता जाहिर की।
सीएमओ बोले
सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने बताया कि जनपद में तीन दिनों तक कोविड सैंपल रिपोर्ट के बारे में जांच-पड़ताल करने के बाद बृहस्पतिवार की शाम को लखनऊ वापस लौट गई। इस टीम ने जांच के बारे में कोई जानकारी देने से मना किया। साथ ही कहा कि जिला अस्पताल के आरटीपीसीआर लैब का मामला जांच में है। इसलिए कोविड के सभी सैंपल मेडिकल कॉलेज गोरखपुर भेजने का निर्देश दिया गया है।
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जिला अस्पताल के आरटीपीसीआर लैब के कर्मियों से भी की पूछताछ
तीन दिनों तक टीम अलग-अलग स्थानों पर करती रही गोपनीय जांच
जिला अस्पताल के आरटीपीसीआर लैब में गलत सैंपल रिपोर्ट का मामला
कोविड सैंपल रिपोर्ट अब मेडिकल कॉलेज भेजने के सीएमओ को दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। जिला अस्पताल के आरटीपीसीआर लैब से गलत सैंपल रिपोर्ट मामले में तीन दिनों तक जिला अस्पताल के आरटीपीसीआर लैब सहित अलग-अलग स्थानों पर पूछताछ करने के बाद लखनऊ से आई दो सदस्यीय टीम बृहस्पतिवार की शाम को वापस लौट गई। टीम ने अपनी रिपोर्ट लखनऊ में उच्चाधिकारियों को सौंपने की बात कही है। जाते-जाते टीम के सदस्यों ने कोविड सैंपल की जांच जिला अस्पताल के आरटीपीसीआर लैब में कराने की बजाए मेडिकल कॉलेज भेजने का निर्देश दिया है। जिला अस्पताल के आरटीपीसीआर लैब से सात अगस्त की देर शाम 20 व्यक्तियों के संक्रमित होने की रिपोर्ट आने और जांच में 17 के नाम, पते और संपर्क नंबर फर्जी फर्जी मिलने के बाद जांच और कार्रवाई शुरू हो गई थी। इस लापरवाही में जिला अस्पताल के सीएमएस, पैथालॉजिस्ट और एसएलटी सहित छह लोगों पर महामारी एक्ट और वायरस के संक्रमण से लोगों की जान खतरे में डालने के आरोप में सीएमओ की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके अलावा मंगलवार से ही लखनऊ की दो सदस्यीय टीम जिले में इस मामले में जांच पड़ताल कर रही थी। इस टीम में शामिल डॉ. अनुज त्रिपाठी और डॉ. मुकेश ने जिला अस्पताल के आरटीपीसीआर लैब के सभी स्वास्थ्यकर्मियों के अलावा संबंधित अन्य लोगों से पूछताछ की। बुधवार की रात जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके वर्मा से भी पूछताछ हुई थी।
सीएमएस बोले
सीएमएस डॉ. एसके वर्मा ने बताया कि टीम की तरफ से सभी स्वास्थ्यकर्मियों से अलग-अलग गोपनीय तरीके से पूछताछ की गई। उन्होंने पूरे घटनाक्रम के बारे में टीम को विस्तार से जानकारी दी। बृहस्पतिवार इस टीम ने लैब के पैथालॉजिस्ट, एसएलटी सहित अन्य लोगों से पूछताछ की। यह टीम हाटा सहित उन स्थानों पर भी पता लगाने गई थी, जहां के लोगों का नाम कोरोना संक्रमित व्यक्तियों की सूची में था। टीम ने जांच के बारे में कुछ भी बताने में असमर्थता जाहिर की।
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सीएमओ बोले
सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने बताया कि जनपद में तीन दिनों तक कोविड सैंपल रिपोर्ट के बारे में जांच-पड़ताल करने के बाद बृहस्पतिवार की शाम को लखनऊ वापस लौट गई। इस टीम ने जांच के बारे में कोई जानकारी देने से मना किया। साथ ही कहा कि जिला अस्पताल के आरटीपीसीआर लैब का मामला जांच में है। इसलिए कोविड के सभी सैंपल मेडिकल कॉलेज गोरखपुर भेजने का निर्देश दिया गया है।
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