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कुशीनगर: चार आंखों वाली मछली देखकर हैरान रह गए लोग, देखने वालों की उमड़ी भीड़
Thu, 22 Sep 2022 11:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 22 Sep 2022 11:41 AM IST
सार
मछुआरों ने मछली को डिब्बे में बंद करके इसकी जानकारी वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को दी। चार आंखों वाली तथा विचित्र रंग-रूप की मछली को देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई।
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बिहार प्रदेश के बगहां क्षेत्र के वंचरी गांव के पास हरहा नदी में मिली विचित्र मछली। संवाद
- फोटो : KUSHINAGAR
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विस्तार
बिहार के बगहा स्थित बनचरही गांव के पास हरहा नदी (पहाड़ी नदी) में विचित्र मछली पाई गई है। उसकी चार आंखें हैं और रंग-रूप भी अन्य मछलियों से अलग है। बुधवार की दोपहर गांव के अशोक साहनी, हिटलर सिंह, पवन तिवार और नन्हें सिंह जाल लगाकर मछली पकड़ रहे थे। तभी मछली उसमें फंस गई।
मछुआरों ने मछली को डिब्बे में बंद करके इसकी जानकारी वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को दी। चार आंखों वाली तथा विचित्र रंग-रूप की मछली को देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई।
क्षेत्र में दिनभर मछली कौतूहल बनी रही। विश्व वन्यजीव कोष के समन्वयक कमलेश मौर्या और उनके सहयोगी सु्ब्रह लेहरा ने मछली का परीक्षण किया। दोनों ने बताया कि इस तरह की मछली अमेरिका के अमेजन नदी में पाई जाती है।
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इस मछली को सकरमाउथ कैटफिश के नाम से जाना जाता है। यह मछली स्थानीय मछलियों के लिए खतरा बनकर नदी का इको सिस्टम को खराब सकती है। इसका परीक्षण किया जा रहा है।
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मछुआरों ने मछली को डिब्बे में बंद करके इसकी जानकारी वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को दी। चार आंखों वाली तथा विचित्र रंग-रूप की मछली को देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई।
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क्षेत्र में दिनभर मछली कौतूहल बनी रही। विश्व वन्यजीव कोष के समन्वयक कमलेश मौर्या और उनके सहयोगी सु्ब्रह लेहरा ने मछली का परीक्षण किया। दोनों ने बताया कि इस तरह की मछली अमेरिका के अमेजन नदी में पाई जाती है।
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इस मछली को सकरमाउथ कैटफिश के नाम से जाना जाता है। यह मछली स्थानीय मछलियों के लिए खतरा बनकर नदी का इको सिस्टम को खराब सकती है। इसका परीक्षण किया जा रहा है।