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भगवान की कथा से अंत:करण होता है शुद्ध
Mon, 02 Feb 2026 01:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 02 Feb 2026 01:34 AM IST
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कसया। नगर स्थित श्रीरामजानकी मंदिर (मठ) में अनवरत सोलहवें वर्ष आयोजित दस दिवसीय श्रीराम महायज्ञ का रविवार को भव्य भंडारे एवं महाप्रसाद के साथ विधिवत पूर्णाहुति सपन्न हुई। भंडारे में कसया नगर सहित पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से आए श्रद्धालुओं के साथ-साथ विभिन्न राज्यों एवं कुशीनगर जनपद के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
पूर्णाहुति के साथ ही श्रीराम महायज्ञ के अंतर्गत चल रहे श्रीमद्भागवत कथा एवं अखंड श्रीसीताराम नाम संकीर्तन को भी विश्राम दिया गया।
इससे पूर्व अंतिम दिन श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथा व्यास रमाशंकर शास्त्री महाराज ने कहा कि भगवान की कथा से मनुष्य का अंतःकरण शुद्ध होता है और भक्ति, ज्ञान व वैराग्य का मार्ग प्रशस्त होता है। संकीर्तन ही जीवन को संस्कारित बनाता है।
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पूर्णाहुति के साथ ही श्रीराम महायज्ञ के अंतर्गत चल रहे श्रीमद्भागवत कथा एवं अखंड श्रीसीताराम नाम संकीर्तन को भी विश्राम दिया गया।
इससे पूर्व अंतिम दिन श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथा व्यास रमाशंकर शास्त्री महाराज ने कहा कि भगवान की कथा से मनुष्य का अंतःकरण शुद्ध होता है और भक्ति, ज्ञान व वैराग्य का मार्ग प्रशस्त होता है। संकीर्तन ही जीवन को संस्कारित बनाता है।
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