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Kushinagar News: दानचक के पास धंसा एपी बांध, तेज रिसाव से बढ़ा खतरा
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तमकुहीराज। एपी बांध पर पानी का दबाव लगातार बढ़ने से दानचक के पास करीब तीन किमी हिस्से में बांध धंस गया है। धंसे हिस्से से तेज रिसाव के बाद खतरा बढ़ गया है। बिहार पुलिस ने बांध पर चारपहिया वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी है। वहीं, रिसाव वाले हिस्से पर मिट्टी की बोरियां डालकर बांध को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। गौरहा गांव के पास एपी बांध टूटने से पहले ही 30 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। ऐसे में एक और हिस्से में बांध कमजोर होने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
तरायासुजान थाना क्षेत्र के अहिरौलीदान गांव के दानचक के पास पानी के लगातार दबाव से बांध का करीब तीन किमी हिस्सा धंस गया। धंसे हिस्से से पानी का रिसाव तेज होने के बाद बांध पर खतरा मंडराने लगा। बचाव के लिए मिट्टी की बोरियां गिराई गई हैं। प्रशासन और पुलिस की निगरानी में कमजोर हिस्से को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
बांध पर वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। रिसाव वाले हिस्से की स्थिति को देखते हुए बिहार पुलिस ने चारपहिया वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी है। इससे बांध की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी का दबाव इसी तरह बना रहा तो धंसा हिस्सा और कमजोर हो सकता है।
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अहिरौलीदान के 22 टोलों में दूसरे दिन भी चला राहतव बचाव कार्य
-अहिरौलीदान गांव के 22 टोलों में दूसरे दिन भी राहत और बचाव कार्य जारी रहा। बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने के साथ जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम किया गया। अधिकारी और कर्मचारी मौके पर सक्रिय रहे। जलभराव वाले इलाकों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। दानचक के पास चारपहिया वाहनों को रोकने के बाद बांध की स्थिति को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि जिस हिस्से में पानी का दबाव अधिक है, वहां तत्काल प्रभावी सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं। फिलहाल मिट्टी की बोरियों के सहारे रिसाव रोकने की कोशिश जारी है। बांध की स्थिति पर प्रशासन और पुलिस की नजर है।
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तरायासुजान थाना क्षेत्र के अहिरौलीदान गांव के दानचक के पास पानी के लगातार दबाव से बांध का करीब तीन किमी हिस्सा धंस गया। धंसे हिस्से से पानी का रिसाव तेज होने के बाद बांध पर खतरा मंडराने लगा। बचाव के लिए मिट्टी की बोरियां गिराई गई हैं। प्रशासन और पुलिस की निगरानी में कमजोर हिस्से को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
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बांध पर वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। रिसाव वाले हिस्से की स्थिति को देखते हुए बिहार पुलिस ने चारपहिया वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी है। इससे बांध की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी का दबाव इसी तरह बना रहा तो धंसा हिस्सा और कमजोर हो सकता है।
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अहिरौलीदान के 22 टोलों में दूसरे दिन भी चला राहतव बचाव कार्य
-अहिरौलीदान गांव के 22 टोलों में दूसरे दिन भी राहत और बचाव कार्य जारी रहा। बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने के साथ जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम किया गया। अधिकारी और कर्मचारी मौके पर सक्रिय रहे। जलभराव वाले इलाकों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। दानचक के पास चारपहिया वाहनों को रोकने के बाद बांध की स्थिति को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि जिस हिस्से में पानी का दबाव अधिक है, वहां तत्काल प्रभावी सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं। फिलहाल मिट्टी की बोरियों के सहारे रिसाव रोकने की कोशिश जारी है। बांध की स्थिति पर प्रशासन और पुलिस की नजर है।