{"_id":"6933417c8416a602220ec8ba","slug":"the-road-built-on-ap-dam-will-be-widened-the-way-to-bihar-will-be-easier-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-150159-2025-12-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: चौड़ी होगी एपी बांध पर बनी सड़क, बिहार की राह होगी आसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: चौड़ी होगी एपी बांध पर बनी सड़क, बिहार की राह होगी आसान
Sat, 06 Dec 2025 02:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 06 Dec 2025 02:03 AM IST
विज्ञापन
अहिरौलीदान जाने वाली सड़क। संवाद
तमकुहीरोड। एपी बांध पर पिपराघाट से अहिरौलीदान तक 14 किमी बनी सड़क की चौड़ाई बढ़ाई जाएगी। इससे बांध की टर्निंग प्वाइंट को जहां मजबूती मिलेगी, वहीं आवागमन भी होगा। इस सड़क के चौड़ा हो जाने से करीब 40 हजार आबादी को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इस रास्ते लोगों का बिहार के गोपालगंज तक सफर आसान हो जाएगा।
इस पर करीब 3.40 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पीडब्ल्यूडी इसका निर्माण कराएगा। सेवरही विकास ब्लॉक के एपी बंधे के जीरो बांध पिपराघाट से कुशीनगर जिले के अंतिम गांव अहिरौलीदान तक बहने वाली गंडक नदी की कटान से गांवों के बचाव के लिए यह बांध बनाया गया है। इसे मजबूत बनाने के लिए बाढ़ खड़ विभाग की ओर से तीन सालों में करीब 40 करोड़ से अधिक रुपये अलग-अलग परियोजनाओं पर खर्च कर दिया गया है।
बावजूद बंधे की मजबूती में कमी है। पहले बंधे पर पिच कराया गया था, जो पूरी तरह जर्जर हो गया था। तमकुहीराज विधायक डा. असीम राय की पहल पर शासन की ओर से इस बंधे पर बनी सड़क की 14 किमी तक चौड़ाई बढ़ाने की अनुमति दी गई है। इसके लिए 3.40 करोड़ रुपये स्वीकृत हुआ है। पीडब्ल्यूडी विभाग इसका निर्माण कराएगा। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन, एई व इंजीनियर बंधे का भ्रमण किया।
विज्ञापन
यह बंधा जिले के अंतिम गांव अहिरौलीदान के पास गाइड बांध से जुड़ जाएगा। गाइड बांध जिले को गोपालगंज से जोड़ता है, बिहार जाने वाले लोगों को इस बंधे के रास्ते जहां दूरी कम होगी वहीं रोजमर्रा आवागमन वाली करीब 40 हजार की आबादी को सहूलियत होगी। इससे बंधे को मजबूती मिलेगी और एपी बंधे के टर्निंग प्वाइंट पर होने वाले कटान से भी बचाव होगा।
-- -- -- -- -
इन गांवों के लोगों का होता है आवागमन
जीरो बांध पिपराघाट से अहिरौलीदान तक सड़क के रूप में इस्तेमाल लोग करते हैं, काफी दिनों यह जर्जर हो चुका था।इसके चलते अहिरौलीदान, नोनिया पट्टी, बाघा चौर के लोगों को सिसवा नाहर व बेदुपार के रास्ते सेवरही आना पड़ता है तो विरवट कोन्हवलिया, जवही दयाल के लोगों को गौराहा व दोमाठ के रास्ते सेवरही आना पड़ता है, लेकिन इस सड़क का चौड़ीकरण व सुंदरीकरण हो जाने से इन सभी गांवों के लोगों इस सड़क के रास्ते सीधे सेवरही आने में आसानी होगी।
-- -- -- -- -- -- --
गंडक में पानी बढ़ने पर बांध पर बनता है दबाव
बाढ़ के दिनों में जब गंडक नदी में पानी बढ़ता है तो 14 किमी तक कमजोर हुए बंधे पर पानी का दबाव बढ़ने लगता है। कटान होने से बंधे का अधिकतर हिस्सा नदी में विलीन हो गया है। पूर्व में कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड की ओर से अच्छा खासा धन खर्च किया गया था। बावजूद कटान नहीं रूका, जिसका नतीजा है कि दिन प्रतिदिन बंधा कमजोर होता गया। लोगों की मांग और क्षेत्रीय विधायक की पहल पर शासन की ओर से इस बंधे का चौड़ीकरण कराने के लिए हरी झंडी मिल गई है।
विज्ञापन
इस पर करीब 3.40 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पीडब्ल्यूडी इसका निर्माण कराएगा। सेवरही विकास ब्लॉक के एपी बंधे के जीरो बांध पिपराघाट से कुशीनगर जिले के अंतिम गांव अहिरौलीदान तक बहने वाली गंडक नदी की कटान से गांवों के बचाव के लिए यह बांध बनाया गया है। इसे मजबूत बनाने के लिए बाढ़ खड़ विभाग की ओर से तीन सालों में करीब 40 करोड़ से अधिक रुपये अलग-अलग परियोजनाओं पर खर्च कर दिया गया है।
विज्ञापन
बावजूद बंधे की मजबूती में कमी है। पहले बंधे पर पिच कराया गया था, जो पूरी तरह जर्जर हो गया था। तमकुहीराज विधायक डा. असीम राय की पहल पर शासन की ओर से इस बंधे पर बनी सड़क की 14 किमी तक चौड़ाई बढ़ाने की अनुमति दी गई है। इसके लिए 3.40 करोड़ रुपये स्वीकृत हुआ है। पीडब्ल्यूडी विभाग इसका निर्माण कराएगा। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन, एई व इंजीनियर बंधे का भ्रमण किया।
विज्ञापन
यह बंधा जिले के अंतिम गांव अहिरौलीदान के पास गाइड बांध से जुड़ जाएगा। गाइड बांध जिले को गोपालगंज से जोड़ता है, बिहार जाने वाले लोगों को इस बंधे के रास्ते जहां दूरी कम होगी वहीं रोजमर्रा आवागमन वाली करीब 40 हजार की आबादी को सहूलियत होगी। इससे बंधे को मजबूती मिलेगी और एपी बंधे के टर्निंग प्वाइंट पर होने वाले कटान से भी बचाव होगा।
इन गांवों के लोगों का होता है आवागमन
जीरो बांध पिपराघाट से अहिरौलीदान तक सड़क के रूप में इस्तेमाल लोग करते हैं, काफी दिनों यह जर्जर हो चुका था।इसके चलते अहिरौलीदान, नोनिया पट्टी, बाघा चौर के लोगों को सिसवा नाहर व बेदुपार के रास्ते सेवरही आना पड़ता है तो विरवट कोन्हवलिया, जवही दयाल के लोगों को गौराहा व दोमाठ के रास्ते सेवरही आना पड़ता है, लेकिन इस सड़क का चौड़ीकरण व सुंदरीकरण हो जाने से इन सभी गांवों के लोगों इस सड़क के रास्ते सीधे सेवरही आने में आसानी होगी।
गंडक में पानी बढ़ने पर बांध पर बनता है दबाव
बाढ़ के दिनों में जब गंडक नदी में पानी बढ़ता है तो 14 किमी तक कमजोर हुए बंधे पर पानी का दबाव बढ़ने लगता है। कटान होने से बंधे का अधिकतर हिस्सा नदी में विलीन हो गया है। पूर्व में कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड की ओर से अच्छा खासा धन खर्च किया गया था। बावजूद कटान नहीं रूका, जिसका नतीजा है कि दिन प्रतिदिन बंधा कमजोर होता गया। लोगों की मांग और क्षेत्रीय विधायक की पहल पर शासन की ओर से इस बंधे का चौड़ीकरण कराने के लिए हरी झंडी मिल गई है।