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Kushinagar News: कभी नदी थी छह किमी दूर, अब घर की चौखट तक पहुंची
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अहिरौली दान क्षेत्र में घर के पास कटान करतीं गंडक नदी।
खैरखुटा में कटान तेज होने के बाद लोगों ने खाली किया घर, बाढ़ खंड के इंजीनियरों ने डाला डेरा
गुरवलिया बाजार। जिस गंडक को मजिस्टर पासवान कभी अपने गांव से करीब छह किलोमीटर दूर बहते देखते थे, वही नदी अब उनके घर की ओर बढ़ती हुई चौखट तक पहुंच गई है।अहिरौली दान के खुरखुटा में एपी बांध टूटने के बाद अब नदी की शांत धारा के बावजूद कटान अब उनके घर के लिए खतरा बन गया है।
घर के भीतर का सामान निकाला जा चुका है। पांच लोगों का परिवार इस आशंका से सहमे हुए हैं कि न जाने कब नदी की अगली लहर घर तक पहुंच जाए। घर के बाहर खड़े मजिस्टर पासवान की नजर सामने कटती जमीन पर टिकी है। चेहरे पर चिंता है और सामने सवाल अगर कटान नहीं रुका तो जाएंगे कहां? जिस घर में परिवार की जिंदगी बीती, उसे छोड़ने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
मजिस्टर पासवान बताते हैं कि यही नदी कभी यहां से करीब छह किलोमीटर 2018 तक दूर बहती थी। आज धीरे-धीरे कटते हुए दरख्त तक आ गई है। अब घर की बारी है। सामान तो निकाल लिया है, अगर कटान इसी तरह बढ़ा तो घर भी छोड़ना पड़ेगा। बांध टूटने के बाद पहले बाढ़ का पानी गांवों में पहुंचा। अब पानी उतरने के साथ कुछ जगहों पर नदी का कटान नई चिंता बन गया है।
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खुरखुटा में कटान तेज होने की सूचना के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारी भी मौके पर डटे हैं। चीफ इंजीनियर, एक्सईएन, एसडीओ और अभियंता मौके पर पहुंचे। रातभर नदी के किनारे बोल्डर और मिट्टी डालकर कटान की रफ्तार रोकने का प्रयास चलता रहा।लेकिन मशीनों और डंपरों की आवाज के बीच मजिस्टर पासवान के घर की ओर बढ़ती लकीरें परिवार की बेचैनी बढ़ा रही हैं।
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गुरवलिया बाजार। जिस गंडक को मजिस्टर पासवान कभी अपने गांव से करीब छह किलोमीटर दूर बहते देखते थे, वही नदी अब उनके घर की ओर बढ़ती हुई चौखट तक पहुंच गई है।अहिरौली दान के खुरखुटा में एपी बांध टूटने के बाद अब नदी की शांत धारा के बावजूद कटान अब उनके घर के लिए खतरा बन गया है।
घर के भीतर का सामान निकाला जा चुका है। पांच लोगों का परिवार इस आशंका से सहमे हुए हैं कि न जाने कब नदी की अगली लहर घर तक पहुंच जाए। घर के बाहर खड़े मजिस्टर पासवान की नजर सामने कटती जमीन पर टिकी है। चेहरे पर चिंता है और सामने सवाल अगर कटान नहीं रुका तो जाएंगे कहां? जिस घर में परिवार की जिंदगी बीती, उसे छोड़ने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
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मजिस्टर पासवान बताते हैं कि यही नदी कभी यहां से करीब छह किलोमीटर 2018 तक दूर बहती थी। आज धीरे-धीरे कटते हुए दरख्त तक आ गई है। अब घर की बारी है। सामान तो निकाल लिया है, अगर कटान इसी तरह बढ़ा तो घर भी छोड़ना पड़ेगा। बांध टूटने के बाद पहले बाढ़ का पानी गांवों में पहुंचा। अब पानी उतरने के साथ कुछ जगहों पर नदी का कटान नई चिंता बन गया है।
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खुरखुटा में कटान तेज होने की सूचना के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारी भी मौके पर डटे हैं। चीफ इंजीनियर, एक्सईएन, एसडीओ और अभियंता मौके पर पहुंचे। रातभर नदी के किनारे बोल्डर और मिट्टी डालकर कटान की रफ्तार रोकने का प्रयास चलता रहा।लेकिन मशीनों और डंपरों की आवाज के बीच मजिस्टर पासवान के घर की ओर बढ़ती लकीरें परिवार की बेचैनी बढ़ा रही हैं।