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गाय माता का दूध और खून एक कमंडल में स्वीकार नहीं : शंकराचार्य

Tue, 05 May 2026 01:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Tue, 05 May 2026 01:56 AM IST
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The milk and blood of Mother Cow cannot be accepted in the same vessel: Shankaracharya.
हाटा(कुशीनगर)। नगर के कप्तानगंज चौराहे पर सोमवार को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की यात्रा पहुंची। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। यहां आयोजित जनसभा में उन्होंने गाय, सनातन परंपरा और वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर विस्तार से अपने विचार रखे।
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शंकराचार्य ने कहा कि गाय का दूध और गाय का खून एक कमंडल में स्वीकार नहीं हो सकता। उन्होंने ऐसे राजनीतिक दलों से दूरी बनाने की अपील की, जो गो पूजा और गो हत्या से जुड़े दोनों लोगों को साथ लेकर चलते हैं। उन्होंने लोगों से स्पष्ट रुख अपनाने और गो संरक्षण के समर्थन में खड़े होने का आह्वान किया।
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उन्होंने गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग दोहराते हुए कहा कि सरकारों को इस दिशा में ठोस और निर्णायक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में सनातन धर्म और गाय को माता मानने वाले मतदाता उसी राजनीतिक दल को समर्थन दें, जो शपथपूर्वक गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देने और उसकी रक्षा सुनिश्चित करने का वादा करे।
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इस दौरान शंकराचार्य ने परीक्षा केंद्रों में प्रवेश के दौरान कलावा, मंगलसूत्र, जनेऊ आदि धार्मिक प्रतीकों को हटाने के निर्देशों पर भी कड़ा एतराज जताया। उन्होंने इसे सनातन परंपरा का अपमान बताया। कहा कि इस प्रकार के निर्णय आस्था पर चोट पहुंचाते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या कलावा, मंगलसूत्र और जनेऊ से नकल हो सकती है। सरकारों से इस तरह की व्यवस्थाओं पर पुनर्विचार करने की मांग की।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना रहा। गो माता की जय के नारों से चौराहा गूंजता रहा। विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर शंकराचार्य के विचारों का समर्थन किया।

आयोजन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस दौरान अश्विनी तिवारी, पूर्व मंत्री राधेश्याम सिंह, राजन तिवारी, राजू तिवारी, रामानंद सिंह, विनय सिंह, वीरेंद्र नाथ तिवारी, सुधाकर शर्मा, विपिन उपाध्याय, शिव शंकर राय, सक्षम तिवारी, सतेंद्र उपाध्याय, विशाल तिवारी, टुनटुन राव, अजय राव आदि मौजूद थे।
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