कसया। बुधवार की रात कुशीनगर स्थित एक निजी होटल में कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। बसंतोत्सव की बेला में आयोजित कार्यक्रम में कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। देर रात तक चले काव्य पाठ के दौरान सभागार तालियों की गूंज से भरता रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ कवयित्री भावना द्विवेदी की सरस्वती वंदना से हुआ। इसके बाद साहित्यकार चंदेश्वर शर्मा ‘परवाना’ ने बसंत ऋतु के आगमन से जुड़े भावों को भोजपुरी काव्य में प्रस्तुत किया। कवि आरके भट्ट ‘बावरा’ ने मधुमास की उमंग को शब्दों में उकेरा। डॉ. इम्तियाज समर ने दौलत के वास्तविक मूल्य पर प्रश्न खड़े करते हुए प्रभावशाली रचना सुनाई, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। डा शैलेंद्र पांडेय ‘असीम’ की दार्शनिक रचना ने जीवन के संघर्ष और प्रेम के भाव को रेखांकित किया। मजीबुल्लाह राही ने प्रेम की अनुभूति पर आधारित रचना प्रस्तुत की, जबकि कवि अवध किशोर ‘अवधू’ ने हंसी और सकारात्मक सोच के महत्व को अपनी कविता के माध्यम से बताया। धीरज राव ने राष्ट्रभक्ति गीत से माहौल को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। मुख्य अतिथि पूर्व सांसद राजेश पांडेय ने कहा कि साहित्य समाज को दिशा देने का कार्य करता है। कवि और साहित्यकार अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज को जागरूक करते हैं और सकारात्मक सोच विकसित करते हैं। विधायक पीएन पाठक ने कवियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से सामाजिक समरसता मजबूत होती है।