फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   The innocent child was locked in a school room for 18 hours, the villagers took him out in the morning

Kushinagar News: स्कूल के कमरे में 18 घंटे बंद रहा मासूम, सुबह ग्रामीणों ने निकाला

Wed, 27 Aug 2025 02:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Wed, 27 Aug 2025 02:11 AM IST
विज्ञापन
The innocent child was locked in a school room for 18 hours, the villagers took him out in the morning
आयुष। संवाद   
तरयासुजान (कुशीनगर)। क्षेत्र के हफुआ चतुर्भुज स्थित प्राथमिक विद्यालय में सोमवार की दोपहर शिक्षण कक्ष में सो रहे एक छात्र के कमरे का ताला बंद कर दिया गया। मंगलवार की सुबह विद्यालय के पास मंदिर में पूजा करने गए लोगों ने कक्ष से बालक के रोने की आवाज सुनीं तो यह खबर गांव में आग की तरह फैल गई। गांव के लोगों खिड़की से खाने पीने का समान दिया और कमरे की चाबी मंगाकर उसे 18 घंटे बाद बाहर निकाला। हफुआ चतुर्भुज गांव निवासी आयुष ठाकुर (7) पुत्र नंदलाल ठाकुर रोज की तहर सोमवार को स्कूल पढ़ने गया था। वहीं पढ़ाई करते हुए अपने कक्षा में सो गया। विद्यालय में छुट्टी होने पर शिक्षकों ने घर जाने की जल्दी में कक्ष का बिना निरीक्षण किए ताला बंद कर घर चले गए। इधर देर शाम तक बेटे के घर नहीं पहुंचने पर मां शारदा देवी गांव में खोजबीन शुरू की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला।
विज्ञापन

मंगलवार की सुबह स्कूल के पास मंदिर में गांव के लोग पूजा करने गए तो मंदिर में लोगाें की आहट सुनकर आयुष सिसकियां भरकर रोने लगा। उसकी आवाज सुनकर जब लोग वहां पहुंचे तो दंग रह गए। लोगों ने आयुष को शांत कराया और कमरे की खिड़की से बिस्कुट पानी और मंदिर का प्रसाद खिलाया। सूचना पर आए एक शिक्षक ने कमरे का ताला खोलकर आयुष को ग्राम प्रतिनिधि प्रधान चन्दन ठाकुर और गांव वालों की मौजूदगी में उसकी मां को सौंप दिया। प्रधानाध्यापक नन्दजी यादव ने बताया यह गांव वालों की साजिश है। हम नियमित निरीक्षण करके ही ताला बंद करते हैं। तीन दिन पहले स्कूल का चार्ज मुझे सीनियार्टी के आधार पर मिला है, जो बच्चा स्कूल के अंदर बंद था, उसका नामांकन नहीं है। उसके चाचा के बेटे गांव के प्रधान हैं। एक रसोईया को हटाया गया है। उसके खिलाफ जांच चल रही है।
विज्ञापन

एक चाबी मेरे पास, दूसरी चाबी प्रधानाध्यापक के चार्ज से तीन दिन पूर्व हटे योगेंद्र कुमार के पास और तीसरी चाबी जांच के घेरे में आई रसोईया के पास है। आबादी के बीच स्कूल है। आपसी में विवाद में सोची समझी यह साजिश है। इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाय। इतना छोटा बच्चा कैसे अकेले स्कूल में रह सकता है। बच्चा सुबह सात बजे सूचना पर ताला खोलकर निकाला गया। बच्चे के चेहरे पर थोड़ी भी सिकन नहीं थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed