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Kushinagar News: रुद्र महायज्ञ में भक्ति की महिमा का किया बखान
Wed, 11 Mar 2026 02:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 11 Mar 2026 02:03 AM IST
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परसिया में कथा सुनाते आचार्य प्रमोद ।संवाद
सुकरौली। क्षेत्र के परसिया में हो रहे नौ दिवसीय रुद्र महायज्ञ के दौरान तीसरे दिन प्रवचन में भक्ति की महिमा का बखान किया गया। रासलीला में राजा परीक्षित को मिले शाप की लीला का मंचन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
आचार्य प्रमोद ने राजा परीक्षित को शाप की कथा सुनाई। कहा कि अपने मुकुट में कलियुग को लेकर राजा सुवर्ण आखेट खेलने गए। वहां प्यास लगने पर वह शमीक ऋषि के आश्रम पर जाकर जल मांगने और समाधिस्थ ऋषि ने कोई उत्तर न देने से कलियुग के प्रभाव से नाराज होकर उनके गले में मरा हुआ सांप डाल देने की कथा सुनाई। उन्होंने ऋषि के पुत्र शृंगी द्वारा पिता के अपमान से क्रोधित होकर राजा को सातवें दिन तक्षक सांप के डसने और गंगा किनारे शुकदेव जी से श्रीमद्भागत सुनते हुए तक्षक के डसने से परमधाम जाने की कथा सुनाई।
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आचार्य प्रमोद ने राजा परीक्षित को शाप की कथा सुनाई। कहा कि अपने मुकुट में कलियुग को लेकर राजा सुवर्ण आखेट खेलने गए। वहां प्यास लगने पर वह शमीक ऋषि के आश्रम पर जाकर जल मांगने और समाधिस्थ ऋषि ने कोई उत्तर न देने से कलियुग के प्रभाव से नाराज होकर उनके गले में मरा हुआ सांप डाल देने की कथा सुनाई। उन्होंने ऋषि के पुत्र शृंगी द्वारा पिता के अपमान से क्रोधित होकर राजा को सातवें दिन तक्षक सांप के डसने और गंगा किनारे शुकदेव जी से श्रीमद्भागत सुनते हुए तक्षक के डसने से परमधाम जाने की कथा सुनाई।
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