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Kushinagar News: लंबे समय से हाईवे पर चल रहा था वाहनों को अवैध एंट्री कराने का खेल
Mon, 11 May 2026 01:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 11 May 2026 01:48 AM IST
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पडरौना। बिहार से जिले की सीमा में हाईवे से दाखिल होने वाले ओवरलोड मालवाहनों की एंट्री का खेल लंबे समय से चल रहा था। इसमें जिम्मेदारों से गठजोड़ की भी बाते सामने आ रही हैं। गोरखपुर से कुशीनगर के तरयासुजान थाना क्षेत्र की बहादुरपुर पुलिस चौकी तक कई गिरोह सक्रिय हैं। खनन अधिकारी की कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए तो आनन-फानन में गिरोह के 13 सदस्यों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
सूत्रों ने बताया कि ओवरलोड मोरंग व बालू के ट्रकों से इंट्री के नाम पर 800 से 1500 रुपये तक वसूले जाते थे। हाईवे पर एंट्री कराने वाले गिरोह के गुर्गे सटीक सूचनाएं देकर ट्रकों को गंतव्य तक भेजते है। एंट्री के नाम पर वसूली की रकम तीन विभागों के जिम्मेदारों तक पहुंचाई जाती थी। इसके चलते जिम्मेदार एंट्री के खेल को मौन स्वीकृति देकर कार्रवाई से बचाते रहे।
तीन मई को मीडिया पर पर मोरंग लदे ट्रक का वीडियो वायरल होने के बाद जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल उठने लगा। डीएम और एसपी ने गोपनीय जांच के निर्देश दिए। इसकी भनक लगते ही एआरटीओ व खनन विभाग के जिम्मेदारों की बेचैनी बढ़ गई। खनन अधिकारी ने गिरोह के 13 गुर्गों पर प्राथमिकी दर्ज कराकर खुद को पाक-साफ दिखाने में जुट गए। सूत्र बताते हैं कि दोनों विभागों के कुछ जिम्मेदार गिरोह के गुर्गों से संपर्क में थे। जांच की भनक लगते ही कुछ दिनों के लिए धंधे पर ब्रेक लगाने का संदेश भेज दिया है।
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खनन अधिकारी, एआरटीओ के कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे से बाॅर्डर से गुजरने वाले हर वाहन की मॉनिटरिंग की जाती है। नंबर छिपाकर ओवरलोड ट्रकों की एंट्री का खेल काफी पहले से चला आ रहा है। कैमरे में यह दिख भी रहा है, लेकिन अब तक शिकायत पर चालान व जुर्माना वसूलने का हवाला देकर जिम्मेदार उच्चाधिकारियों को गुमराह करते रहे। जब अफसरों तक खेल की सच्चाई पहुंच गई तो गिरोह के गुर्गों पर कार्रवाई हुई है।
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खनन विभाग की भूमिका संदिग्ध
सूत्र बताते है कि डीएम और एसपी का रुख देखकर खनन व परिवहन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी खुद के बचाव के लिए कार्रवाई कराकर लंबे समय से चल रहे खेल से अफसरों का ध्यान भटकाने में जुटे हैं। 13 नामजद आरोपियों में कुछ लोगों से खनन व परिवहन विभाग के जिम्मेदार नियमित संपर्क में रहे हैं। पूर्व में तरया सुजान, तमकुहीराज, पटहेरवा, तुर्कपट्टी, कसया, हाटा आदि थानों में मिट्टी खनन व अन्य मामलों में कार्रवाई के दौरान मामले के अल्पीकरण में भी कुछ लोग खासे सक्रिय रहे हैं और मोटी रकम के दम पर मामले को मैनेज कराने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। खनन अधिकारी के कार्यालय में काम करने वाला एक वर्कर कुशीनगर में किराए केे मकान में रहता है। लीडिंग का केंद्र बिंदु इसका आवास या तो कुशीनगर गेट होता है।
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-खनन अधिकारी की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। हाईवे पर सक्रिय गिरोह के बारे में पुलिस भी जानकारी कर रही है। यह गिरोह काफी दिनों से सक्रिय है। इसमें शामिल बाकी लोगों की पहचान की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी। -सिद्धार्थ वर्मा, एएसपी कुशीनगर
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सूत्रों ने बताया कि ओवरलोड मोरंग व बालू के ट्रकों से इंट्री के नाम पर 800 से 1500 रुपये तक वसूले जाते थे। हाईवे पर एंट्री कराने वाले गिरोह के गुर्गे सटीक सूचनाएं देकर ट्रकों को गंतव्य तक भेजते है। एंट्री के नाम पर वसूली की रकम तीन विभागों के जिम्मेदारों तक पहुंचाई जाती थी। इसके चलते जिम्मेदार एंट्री के खेल को मौन स्वीकृति देकर कार्रवाई से बचाते रहे।
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तीन मई को मीडिया पर पर मोरंग लदे ट्रक का वीडियो वायरल होने के बाद जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल उठने लगा। डीएम और एसपी ने गोपनीय जांच के निर्देश दिए। इसकी भनक लगते ही एआरटीओ व खनन विभाग के जिम्मेदारों की बेचैनी बढ़ गई। खनन अधिकारी ने गिरोह के 13 गुर्गों पर प्राथमिकी दर्ज कराकर खुद को पाक-साफ दिखाने में जुट गए। सूत्र बताते हैं कि दोनों विभागों के कुछ जिम्मेदार गिरोह के गुर्गों से संपर्क में थे। जांच की भनक लगते ही कुछ दिनों के लिए धंधे पर ब्रेक लगाने का संदेश भेज दिया है।
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खनन अधिकारी, एआरटीओ के कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे से बाॅर्डर से गुजरने वाले हर वाहन की मॉनिटरिंग की जाती है। नंबर छिपाकर ओवरलोड ट्रकों की एंट्री का खेल काफी पहले से चला आ रहा है। कैमरे में यह दिख भी रहा है, लेकिन अब तक शिकायत पर चालान व जुर्माना वसूलने का हवाला देकर जिम्मेदार उच्चाधिकारियों को गुमराह करते रहे। जब अफसरों तक खेल की सच्चाई पहुंच गई तो गिरोह के गुर्गों पर कार्रवाई हुई है।
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खनन विभाग की भूमिका संदिग्ध
सूत्र बताते है कि डीएम और एसपी का रुख देखकर खनन व परिवहन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी खुद के बचाव के लिए कार्रवाई कराकर लंबे समय से चल रहे खेल से अफसरों का ध्यान भटकाने में जुटे हैं। 13 नामजद आरोपियों में कुछ लोगों से खनन व परिवहन विभाग के जिम्मेदार नियमित संपर्क में रहे हैं। पूर्व में तरया सुजान, तमकुहीराज, पटहेरवा, तुर्कपट्टी, कसया, हाटा आदि थानों में मिट्टी खनन व अन्य मामलों में कार्रवाई के दौरान मामले के अल्पीकरण में भी कुछ लोग खासे सक्रिय रहे हैं और मोटी रकम के दम पर मामले को मैनेज कराने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। खनन अधिकारी के कार्यालय में काम करने वाला एक वर्कर कुशीनगर में किराए केे मकान में रहता है। लीडिंग का केंद्र बिंदु इसका आवास या तो कुशीनगर गेट होता है।
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-खनन अधिकारी की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। हाईवे पर सक्रिय गिरोह के बारे में पुलिस भी जानकारी कर रही है। यह गिरोह काफी दिनों से सक्रिय है। इसमें शामिल बाकी लोगों की पहचान की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी। -सिद्धार्थ वर्मा, एएसपी कुशीनगर