फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   The forest department's search operation continues, but the leopard was not spotted by the thermal drone.

Kushinagar News: वन विभाग की कांबिंग जारी, थर्मल ड्रोन से नहीं दिखा तेंदुआ

Tue, 20 Jan 2026 02:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Tue, 20 Jan 2026 02:13 AM IST
विज्ञापन
The forest department's search operation continues, but the leopard was not spotted by the thermal drone.
महराजगंज सीमा से सटे इलाके में तैनात वन कर्मचारी।स्रोत-सोशल मीडिया
खड्डा। क्षेत्र के सिसवा गोपाल गांव में तेंदुए को लेकर सोमवार को भी लोग सहमे नजर आए। रविवार को थर्मल ड्रोन की मदद वन विभाग ने लिया, लेकिन सरेह में गन्ने की फसल घनी होने के कारण अंदर कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है, ऐसे में अब वनकर्मी कांबिंग की मदद से तेंदुए की तलाश में जुटे हैं।
विज्ञापन

कांबिंग करती हुई टीम बार्डर पर महराजगंज जिले के निचलौल क्षेत्र के चरगहा गांव में चली गई। गांव वालों ने बताया कि आज फिर तेंदुआ दिखा है। महराजगंज के वन विभाग की टीम को जानकारी देने के बाद कुशीनगर की टीम वापस लौट आई। कांबिंग के दौरान कोई पदचिह्न नहीं दिखा।
विज्ञापन

सिसवा गोपाल गांव के सरेह में पूरे दिन वन विभाग की तीन टीम गांव वालों के साथ कांबिंग किया। टीम जब गंडक पुल के पास पहुंची तो नहर इस पार चरगहा गांव के लोगों ने बताया कि गन्ने के खेत में भागते हुए तेंदुआ आज दिखा है। महराजगंज जिले का क्षेत्र होने के कारण वनकर्मी इसकी जानकारी निचलौल के रेंजर को दिया। इसके बाद टीम वापस सरेह की ओर लौट आई।
विज्ञापन
विज्ञापन

पूरे दिन चली कांबिंग के दौरान तेंदुआ का एक भी पदचिह्न नहीं दिखा। थर्मल ड्रोन उड़ाने के बाद जो तस्वीरे कैद हुई, उसमे गन्ने अंदर साफ दिखाई नहीं दे रहा है। इसलिए दूसरे दिन ड्रोन का इस्तेमाल नहीं किया गया। सिसवा गोपाल के लोगों का कहना है कि तेंदुए की हरकत से डर और बढ़ता जा रहा है। इतनी घेराबंदी के बाद भी वह क्षेत्र छोड़कर नहीं जा रहा है और वन विभाग इसे पकड़ने के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं कर रहा है।
ऐसे में अब खुद की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। कहीं आबादी की ओर तेंदुआ पहुंच गया तो लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ जाएगी। दोनों जिले के वन विभाग टीम अगर मिलकर काम करे तो तेंदुआ को पकड़ा जा सकता है। चार दिन से गांव वाले सरेह की ओर नहीं जा रहे हैं और गांव में खुलकर नहीं घूम रहे हैं।

कोट,
गन्ने की फसल घना होने के कारण ड्रोन से कुछ भी नहीं दिख रहा है। कांबिंग की मदद से ही तेंदुए पर काबू पाया जा सकता है या उसके आने-जाने का पद पदचिह्न दिखेगा। कांबिंग के दौरान महराजगंज के चरगहा गांव में जाने पर लोगों ने बताया कि आज फिर तेंदुआ दिखा था। इसके बाद गांव वालों को सतर्क कर दिया गया है। तीन शिफ्ट में 24 घंटे गांव में वन विभाग की टीम ड्यूटी कर रही है।

-अमृता चंद, रेंजर खड्डा

--------------------------
पंफलेट वितरित कर किया जागरूक

खड्डा। तेंदुए से बचाव के लिए वनकर्मी गांवों में मुनादी कराने के अलावा पंफलेट वितरण कर लोगों को सतर्क कर रहे हैं। लोगों को साथ में डंडा और टार्च रखने के लिए कहा गया। सोमवार को वन दरोगा सदानंद यादव के नेतृत्व में गांवों में घूमकर लोगों को जागरूक किया गया। सिसवा गोपाल के अलावा आसपास के गांवों में वन विभाग की टीम पहुंचकर लोगों को सतर्क रहने और मवेशियों को खुले में न छोड़ने की नसीहत दे रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed