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Kushinagar News: आग से झुलसी बुजुर्ग महिला की इलाज के दौरान मौत
Wed, 14 Jan 2026 01:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 14 Jan 2026 01:46 AM IST
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मंसाछापर। पडरौना कोतवाली क्षेत्र के रामधाम पोखरा मेन बाजार, दक्षिणी पडरौना में 31 दिसंबर को अलाव सेंकते समय आग की चपेट में आई बुजुर्ग महिला की मौत इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में 14वें दिन हो गई।
हालांकि एक जांबाज युवती ने अपनी जान की परवाह किए बिना बचाया था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। रामधाम पोखरा मोहल्ला निवासी कमलावती देवी (70 वर्ष) पत्नी स्व. नागेश्वर शर्मा अपने घर के बाहर अलाव जलाकर बैठी थीं। इसी दौरान अचानक उनकी साड़ी में आग पकड़ ली और देखते ही देखते लपटें भड़क उठीं।
महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास लोग जुट तो गए, लेकिन कोई भी आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं कर सका। उसी समय ई-रिक्शा से गुजर रही एक युवती ने हालात को भांपते ही ई-रिक्शा रुकवाया और बिना किसी जान-पहचान के जलती महिला को बचाने के लिए दौड़ पड़ी। महिला को बचाने के दौरान युवती के कपड़ों में भी आग लग गई, बावजूद इसके उसने साहस नहीं छोड़ा और महिला की जान बचाई।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह दृश्य देखकर लोग भावुक हो उठे और ऐसा लगा मानो ईश्वर ने स्वयं उस लड़की को मदद के लिए भेजा हो। गंभीर रूप से झुलसी कमलावती देवी को पहले निजी अस्पताल जिला मुख्यालय में भर्ती करा या गया, जहां से हालत नाजुक होने पर मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर किया गया। करीब 14 दिनों तक चले इलाज के बाद मंगलवार की शाम उनकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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हालांकि एक जांबाज युवती ने अपनी जान की परवाह किए बिना बचाया था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। रामधाम पोखरा मोहल्ला निवासी कमलावती देवी (70 वर्ष) पत्नी स्व. नागेश्वर शर्मा अपने घर के बाहर अलाव जलाकर बैठी थीं। इसी दौरान अचानक उनकी साड़ी में आग पकड़ ली और देखते ही देखते लपटें भड़क उठीं।
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महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास लोग जुट तो गए, लेकिन कोई भी आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं कर सका। उसी समय ई-रिक्शा से गुजर रही एक युवती ने हालात को भांपते ही ई-रिक्शा रुकवाया और बिना किसी जान-पहचान के जलती महिला को बचाने के लिए दौड़ पड़ी। महिला को बचाने के दौरान युवती के कपड़ों में भी आग लग गई, बावजूद इसके उसने साहस नहीं छोड़ा और महिला की जान बचाई।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह दृश्य देखकर लोग भावुक हो उठे और ऐसा लगा मानो ईश्वर ने स्वयं उस लड़की को मदद के लिए भेजा हो। गंभीर रूप से झुलसी कमलावती देवी को पहले निजी अस्पताल जिला मुख्यालय में भर्ती करा या गया, जहां से हालत नाजुक होने पर मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर किया गया। करीब 14 दिनों तक चले इलाज के बाद मंगलवार की शाम उनकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।