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Kushinagar News: केले की खेती का केंद्र बनेगा जिला...किसानों से भी मांगा प्रस्ताव
Thu, 08 Aug 2024 06:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 08 Aug 2024 06:05 AM IST
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पडरौना। केले की खेती को बढ़ावा देने के लिए बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम उमेश मिश्र ने किसानों के साथ बैठक की। कम लागत से अधिक उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में केले की खेती की अपार संभावनाएं हैं। इसे सही दिशा देने की जरूरत है। जिले को केले की खेती का हब बनाया जाएगा। डीएम ने किसानों से भी प्रस्ताव मांगा। केले से बने उत्पाद ओडीओपी में शामिल हैं।
डीएम ने कहा कि केले की खेती को बढ़ावा देने की जरूरत है। केला उत्पादों के निर्यात के लिए कार्ययोजना पर चर्चा की। कहा कि कुशीनगर को केले का हब बनाना है। केले की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन किसानों को हर संभव मदद देगा, ताकि केले से जिले की वैश्विक पहचान बने। डीएम ने जिला उद्यान अधिकारी को टिश्यू कल्चर लैब का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने का निर्देश दिया। किसानों से कहा कि केले से अधिक लाभ के लिए अत्याधुनिक खेती का तरीका सीखें और ड्रिप सिंचाई अपनाएं। जैविक खाद का अधिक से अधिक प्रयोग करें। खाड़ी देशों में निर्यात करने के लिए गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखना होगा। सिंचाई हेतु सोलर पंप का भी उपयोग कर सकते हैं। इससे लागत में कमी आएगी। केले के तने से बनाए जाने वाले रेशे से विभिन्न उत्पादों तथा खिलौनें, चटाई, टोपी, फुटवियर, कैंप, हैंडबैग, बोरे की मांग बाजार में अधिक है। केले के रेशे निकालने की विधि का प्रशिक्षण किसानों को लेने की जरूरत है। डीएम ने ओडीओपी योजना तथा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सब्सिडी व ऋण दिलाने में सहयोग करने को कहा।
इस दौरान सीडीओ गुंजन द्विवेदी, जिला उद्यान अधिकारी कृष्ण कुमार और उद्यान निरीक्षक, उप कृषि निदेशक आशीष कुमार, जिला गन्ना दिलीप सैनी आदि मौजूद रहे।
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डीएम ने कहा कि केले की खेती को बढ़ावा देने की जरूरत है। केला उत्पादों के निर्यात के लिए कार्ययोजना पर चर्चा की। कहा कि कुशीनगर को केले का हब बनाना है। केले की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन किसानों को हर संभव मदद देगा, ताकि केले से जिले की वैश्विक पहचान बने। डीएम ने जिला उद्यान अधिकारी को टिश्यू कल्चर लैब का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने का निर्देश दिया। किसानों से कहा कि केले से अधिक लाभ के लिए अत्याधुनिक खेती का तरीका सीखें और ड्रिप सिंचाई अपनाएं। जैविक खाद का अधिक से अधिक प्रयोग करें। खाड़ी देशों में निर्यात करने के लिए गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखना होगा। सिंचाई हेतु सोलर पंप का भी उपयोग कर सकते हैं। इससे लागत में कमी आएगी। केले के तने से बनाए जाने वाले रेशे से विभिन्न उत्पादों तथा खिलौनें, चटाई, टोपी, फुटवियर, कैंप, हैंडबैग, बोरे की मांग बाजार में अधिक है। केले के रेशे निकालने की विधि का प्रशिक्षण किसानों को लेने की जरूरत है। डीएम ने ओडीओपी योजना तथा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सब्सिडी व ऋण दिलाने में सहयोग करने को कहा।
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इस दौरान सीडीओ गुंजन द्विवेदी, जिला उद्यान अधिकारी कृष्ण कुमार और उद्यान निरीक्षक, उप कृषि निदेशक आशीष कुमार, जिला गन्ना दिलीप सैनी आदि मौजूद रहे।