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मरम्मत के लिए शासन से अवमुक्त हुआ धन
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नौ करोड़ की थी डिमांड मिले सिर्फ एक करोड़
1213.60 किमी लंबी सड़कों की मरम्मत कराने की है जरूरत
जिले में 5281.15 किमी लंबी हैं लोक निर्माण विभाग की सड़कें
राकेश कुमार गौंड़
कुशीनगर। बरसात के बाद जिले की बदहाल सड़कों को मरम्मत करने की उम्मीद पर धन की कमी ने पानी फेर दिया है। लोक निर्माण विभाग की तरफ से कराए गए सर्वे में 1213.60 किलोमीटर लंबाई में सड़कें क्षतिग्रस्त मिली थीं, इनकी मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था। 911.95 लाख रुपये की मांग की गई थी, जिसके सापेक्ष महज एक करोड़ 29 लाख रुपये ही मिले हैं।
वैसे तो बरसात पहले से ही जनपद की अनेक सड़कों में गड्ढों की वजह से लोगों को आवागमन में परेशानी होती थी, लेकिन बरसात शुरू हो जाने के बाद यह सड़कें और भी कष्टदायी हो गईं। इनमें खिरकिया-जटहां मार्ग, दुर्गा मंदिर से बकुलहां मार्ग, नौका टोला बेलवा चुंगी से पांडेय देवरिया जाने वाला मार्ग, पडरौना बाईपास, बेलवा चुंगी मार्ग सहित इस तरह की अनेक सड़कों की मरम्मत के लिए लोग धरना-प्रदर्शन से लेकर ज्ञापन सौंप भी चुके हैं।
लोक निर्माण विभाग से जुड़े लोगों की मानी जाए तो प्रांतीय खंड एवं निर्माण खंड के अंतर्गत राज्य मार्ग, प्रमुख जिला मार्ग, शहरी मार्ग, अन्य जिला मार्ग और ग्रामीण मार्ग आते हैं। प्रांतीय खंड के अंतर्गत इन सड़कों की लंबाई 2954.31 किलोमीटर और निर्माण खंड के अंतर्गत 2326.84 किलोमीटर है। इस तरह कुल 5281.15 किलोमीटर लंबी सड़कें लोक निर्माण विभाग के अधीन हैं। बताया जा रहा है कि इनमें 3946.66 किलोमीटर सड़कें तो पहले से ही गड्ढामुक्त हैं, जबकि 29.54 किलोमीटर लंबी सड़कों पर मौजूदा वित्तीय वर्ष में नवीनीकरण अथवा मरम्मत का कार्य चल रहा है। इसके अतिरिक्त 91.35 किलोमीटर लंबाई में सड़कें इतनी अधिक क्षतिग्रस्त हैं कि वह मरम्मत के लायक नहीं हैं, जबकि 1213.60 किलोमीटर सड़क की मरम्मत कराने की आवश्यकता है। बताया जा रहा है कि इन सड़कों की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग की तरफ से प्रस्ताव बनाकर 911.95 लाख रुपये की मांग भेजी गई थी, जिसमें से एक करोड़ 29 लाख रुपये शासन से अवमुक्त हुए हैं। बरसात समाप्त होते ही सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू हो जाएगा। संवाद
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जनपद में गड्ढायुक्त सड़कों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था। वहां से धन अवमुक्त हुआ है। हालांकि यह धनराशि इतनी नहीं है कि उससे सभी क्षतिग्रस्त सड़कों को गड्ढामुक्त कराया जा सके। फिर भी जितना संभव होगा, उतने की मरम्मत करा दी जाएगी। बरसात खत्म होते ही सड़कों की मरम्मत शुरू हो जाएगी।
हेमराज सिंह, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग
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1213.60 किमी लंबी सड़कों की मरम्मत कराने की है जरूरत
जिले में 5281.15 किमी लंबी हैं लोक निर्माण विभाग की सड़कें
राकेश कुमार गौंड़
कुशीनगर। बरसात के बाद जिले की बदहाल सड़कों को मरम्मत करने की उम्मीद पर धन की कमी ने पानी फेर दिया है। लोक निर्माण विभाग की तरफ से कराए गए सर्वे में 1213.60 किलोमीटर लंबाई में सड़कें क्षतिग्रस्त मिली थीं, इनकी मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था। 911.95 लाख रुपये की मांग की गई थी, जिसके सापेक्ष महज एक करोड़ 29 लाख रुपये ही मिले हैं।
वैसे तो बरसात पहले से ही जनपद की अनेक सड़कों में गड्ढों की वजह से लोगों को आवागमन में परेशानी होती थी, लेकिन बरसात शुरू हो जाने के बाद यह सड़कें और भी कष्टदायी हो गईं। इनमें खिरकिया-जटहां मार्ग, दुर्गा मंदिर से बकुलहां मार्ग, नौका टोला बेलवा चुंगी से पांडेय देवरिया जाने वाला मार्ग, पडरौना बाईपास, बेलवा चुंगी मार्ग सहित इस तरह की अनेक सड़कों की मरम्मत के लिए लोग धरना-प्रदर्शन से लेकर ज्ञापन सौंप भी चुके हैं।
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लोक निर्माण विभाग से जुड़े लोगों की मानी जाए तो प्रांतीय खंड एवं निर्माण खंड के अंतर्गत राज्य मार्ग, प्रमुख जिला मार्ग, शहरी मार्ग, अन्य जिला मार्ग और ग्रामीण मार्ग आते हैं। प्रांतीय खंड के अंतर्गत इन सड़कों की लंबाई 2954.31 किलोमीटर और निर्माण खंड के अंतर्गत 2326.84 किलोमीटर है। इस तरह कुल 5281.15 किलोमीटर लंबी सड़कें लोक निर्माण विभाग के अधीन हैं। बताया जा रहा है कि इनमें 3946.66 किलोमीटर सड़कें तो पहले से ही गड्ढामुक्त हैं, जबकि 29.54 किलोमीटर लंबी सड़कों पर मौजूदा वित्तीय वर्ष में नवीनीकरण अथवा मरम्मत का कार्य चल रहा है। इसके अतिरिक्त 91.35 किलोमीटर लंबाई में सड़कें इतनी अधिक क्षतिग्रस्त हैं कि वह मरम्मत के लायक नहीं हैं, जबकि 1213.60 किलोमीटर सड़क की मरम्मत कराने की आवश्यकता है। बताया जा रहा है कि इन सड़कों की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग की तरफ से प्रस्ताव बनाकर 911.95 लाख रुपये की मांग भेजी गई थी, जिसमें से एक करोड़ 29 लाख रुपये शासन से अवमुक्त हुए हैं। बरसात समाप्त होते ही सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू हो जाएगा। संवाद
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जनपद में गड्ढायुक्त सड़कों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था। वहां से धन अवमुक्त हुआ है। हालांकि यह धनराशि इतनी नहीं है कि उससे सभी क्षतिग्रस्त सड़कों को गड्ढामुक्त कराया जा सके। फिर भी जितना संभव होगा, उतने की मरम्मत करा दी जाएगी। बरसात खत्म होते ही सड़कों की मरम्मत शुरू हो जाएगी।
हेमराज सिंह, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग