फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   the city stops as soon as the train arrives

ट्रेन के आते ही ठहर जाता है पूरा शहर, लग जाता है जाम

Mon, 08 Aug 2022 12:15 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 08 Aug 2022 12:15 AM IST
विज्ञापन
the city stops as soon as the train arrives
नगर के कोतवाली रोड स्थित रेलवे ढ़ाला बंद होने पर लगा जाम। - फोटो : KUSHINAGAR
ट्रेन के आते ही ठहर जाता है पूरा शहर, लग जाता है जाम
विज्ञापन

पडरौना। शहर के बीच से गुजरने वाले कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग पर जैसे ही कोई ट्रेन गुजरती है, एक साथ चारों प्रमुख रेलवे क्रॉसिंग पर आवागमन ठहर जाता है। ट्रेन जाने के बाद सड़क पर लगे जाम से करीब आधा घंटा तक लोगों को जूझना पड़ता है।
इसके चलते आवागमन में लोगों को काफी परेशानी होती है। यह प्रतिदिन की समस्या है, लेकिन न तो अफसर इस तरफ ध्यान देते हैं और न जनप्रतिनिधि।
कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग का निर्माण आजादी के पहले हुआ था। उस समय शहर की आबादी बेहद कम थी। समय के साथ शहर की आबादी काफी बढ़ गई, लेकिन रेलवे ढाला बंद होने के चलते लगे जाम से निजात दिलाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई। नगर में रेलवे लाइन पार करने के लिए कोतवाली रोड, नौका टोला, साहबगंज, खड्डा रोड और नोनिया पट्टी समेत कुल पांच रेलवे ढाले बने हैं।
विज्ञापन

कोई भी ट्रेन आने पर इसमें से नोनियापट्टी को छोड़ सभी चार रेलवे ढाले एक साथ बंद हो जाते हैं। रेलवे ढाला बंद होते ही शहर दो हिस्सों में बंट जाता है। रेलवे लाइन पार कर रहे वाहन सवार लोगों की लंबी लाइन लग जाती है। ट्रेन जाने के बाद करीब आधा घंटा बाद लोगों को जाम से छुटकारा मिलता है। लोगों को जाम से निजात दिलाने के लिए यातायात पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बोले नागरिक
रेलवे ढाला बंद होने के बाद सड़क पर लगे जाम से निकलना किसी चुनौती से कम नहीं है। इससे बचने के लिए ट्रेन आने के समय लोग रेलवे लाइन पार करने से कतराते हैं।
राजेश अग्रवाल, स्थानीय नागरिक
ट्रेन आने के बाद लगने वाले जाम की समस्या पुरानी है। कई बार शिकायत करने के बाद भी इस समस्या से निजात दिलाने के लिए कोई बेहतर इंतजाम नहीं हुआ है।
-आनंद मिश्र, स्थानीय नागरिक
जाम से निजात दिलाने के लिए बार-बार मांग करने के बाद नगर पालिका परिषद की तरफ से सड़क के दोनों तरफ डिवाइडर बनाया गया। लेकिन, नगर पालिका का यह प्रयास नाकाफी साबित हो रहा है।
-विशाल शुक्ल, स्थानीय नागरिक
रेलवे ढाला बंद होने के बाद लगने वाले जाम की समस्या के लिए जब तक कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक यह समस्या बनी रहेगी। इसके लिए जनप्रतिनिधियों को गंभीरता से आगे आना चाहिए।
-विजय मद्धेशिया, स्थानीय नागरिक
बोले जिम्मेदार
रेलवे क्रॉसिंग पर जाम से निजात दिलाने के लिए ओवरब्रिज या अंडर पास बनाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए अभी कोई प्रस्ताव नहीं है। यदि प्रस्ताव मिलता है तो उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा।

-अशोक कुमार, जनसंपर्क अधिकारी, एनईआर, वाराणसी
पडरौना शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए रवींद्रनगर के निकट स्थित सरस्वती चौक से कठकुइयां रोड होते हुए अंबे चौक तक बाईपास रोड बनाने का प्रस्ताव है। इसका टेंडर हो गया है। इसके अलावा पडरौना शहर में अंडरपास या ओवरब्रिज के लिए भी रेलवे के उच्चाधिकारियों को पत्र सौंपा जाएगा।
-विजय कुमार दुबे, सांसद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed