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Kushinagar News: तहसीलदार को चेतावनी, अस्पताल में डॉक्टरों को लगाई फटकार
Sat, 22 Jun 2024 05:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 22 Jun 2024 05:00 AM IST
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हाटा। डीएम उमेश मिश्रा ने शुक्रवार को तहसील और सरकारी अस्पताल का निरीक्षण किया। दोनों जगहों पर कमियां मिलने पर नाराजगी जताई। डीएम ने तहसील के आरके दफ्तर में कमियां मिलने पर तहसीलदार को चेतावनी दी। सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों को फटकार लगाई।
दोपहर में डीएम ने सबसे पहले न्यायालयों का निरीक्षण किया। आरके दफ्तर में करीब दो माह पुराने आदेशों की फाइलों को मालिकान रजिस्टर में दर्ज नहीं किया गया था। रजिस्ट्रार कानूनगो और तहसीलदार इसका संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। डीएम ने रजिस्ट्रार कानूनगो को को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया साथ ही तहसीलदार को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर 15 दिनों के अंदर तहसील के सभी कार्यालयों की व्यवस्था ठीक नहीं हुई तो निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम प्रभाकर सिंह को लेकर डीएम सीएचसी पहुंचे तो वहां अफरातफरी मच गई। डीएम ने कुछ मरीजों से बातचीत की। मरीजों ने बताया कि उन्हें बाहर की दवाएं लिखी गई हैं। डीएम ने चिकित्सा प्रभारी को फटकार लगाई। उन्होंने महिला डॉक्टर से प्रसव की संख्या की जानकारी ली। पता चला कि संस्थागत प्रसव की संख्या आधी से भी कम हो गई है। डीएम ने इसका कारण पूछा। महिला डॉक्टर ने स्टाफ नर्सों पर मरीजों से अच्छा व्यवहार नहीं करने को कारण बताया। डीएम ने सीएचसी प्रभारी डॉ. अमित गुप्ता को चेतावनी दी कि अगर मरीजों को बाहर की दवाएं लिखी गईं तो संबंधित के खिलाफ निश्चित कार्रवाई होगी।
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दोपहर में डीएम ने सबसे पहले न्यायालयों का निरीक्षण किया। आरके दफ्तर में करीब दो माह पुराने आदेशों की फाइलों को मालिकान रजिस्टर में दर्ज नहीं किया गया था। रजिस्ट्रार कानूनगो और तहसीलदार इसका संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। डीएम ने रजिस्ट्रार कानूनगो को को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया साथ ही तहसीलदार को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर 15 दिनों के अंदर तहसील के सभी कार्यालयों की व्यवस्था ठीक नहीं हुई तो निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
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एसडीएम प्रभाकर सिंह को लेकर डीएम सीएचसी पहुंचे तो वहां अफरातफरी मच गई। डीएम ने कुछ मरीजों से बातचीत की। मरीजों ने बताया कि उन्हें बाहर की दवाएं लिखी गई हैं। डीएम ने चिकित्सा प्रभारी को फटकार लगाई। उन्होंने महिला डॉक्टर से प्रसव की संख्या की जानकारी ली। पता चला कि संस्थागत प्रसव की संख्या आधी से भी कम हो गई है। डीएम ने इसका कारण पूछा। महिला डॉक्टर ने स्टाफ नर्सों पर मरीजों से अच्छा व्यवहार नहीं करने को कारण बताया। डीएम ने सीएचसी प्रभारी डॉ. अमित गुप्ता को चेतावनी दी कि अगर मरीजों को बाहर की दवाएं लिखी गईं तो संबंधित के खिलाफ निश्चित कार्रवाई होगी।
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