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Kushinagar News: डेटा जुटाने में जुटी टीम, बैंक खाता खरीदने वाले गिरोह पर नजर

Tue, 28 Jul 2026 02:41 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jul 2026 02:41 AM IST
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Team gathering data; focus on gang buying bank accounts.
पडरौना। सरकारी योजना का लाभ दिलाने या रुपये का लालच देकर बैंक खाता खरीदकर साइबर ठगी को अंजाम देने वाले गिरोह की जड़ें गहरी हैं। गिरोह के गुर्गों तक पुलिस पहुंचने के लिए डेटा जुटाने में जुटी है। हालांकि, भूमिगत हो चुके श्याम केडिया और विश्वजीत सिंह को पुलिस अब तक ढूंढ़ नहीं सकी है। साइबर क्राइम टीम का दावा है कि ठग शातिराना तरीके से वारदात को अंजाम दे रहे थे। पुलिस की जांच तेज होने के बाद गिरोह के गुर्गे भूमिगत हो गए हैं।
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पडरौना ब्लॉक में स्वच्छ भारत मिशन की ओर से अभिजीत राय की तैनात रही। आरोपी अभिजीत राय गांवों में जाकर शौचालय की रकम बैंक खाते में भेजने के नाम पर लाभार्थियों का बैंक में खाता खुलवा लिया और एटीएम कार्ड व चेकबुक जारी करा अपने पास रख लिया। पडरौना कोतवाली क्षेत्र के नाहर छपरा गांव की करीब दस महिलाओं के बैंक खाते में साइबर ठगी की रकम मंगाकर निकाल लिया था। महिलाओं के खिलाफ हरियाणा के रोहतक जिले के करनाल थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जालसाजी का भंडाफोड़ हुआ। पडरौना कोतवाली पुलिस ने अभिजीत राय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की और डीपीआरओ को भी पुलिस ने पत्र विभागीय कार्रवाई के लिए भेजा था। अब तक जालसाज गिरफ्तार नहीं हो सका है।
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इसके अलावा 21 अप्रैल 2026 को सेवरही थाना क्षेत्र के दुबौली गांव निवासी 28 वर्षीय विवेक तीन बहनों में इकलौता भाई था। पड़ोस के संदीप सिंह ने उसे कम दिनों में अधिक रुपये कमाने का लालच देकर गोरखपुर के अपने दोस्त अंकित कुशवाहा, अभिषेक कुशवाहा और सोनू के पास भेजा। तीनों जालसाजों ने ई-काॅमर्स के जरिए कमाई का लालच दिया। झांसे में आने पर विवेक का तीन बैंंकों में खाता खुलवाकर जालसाजों ने उसका पासबुक और एटीएम कार्ड अपने पास रख लिया।
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जालसाजों ने बताया था कि खाते में अंकित का बड़ा भाई रुपये भेजेगा और निकाल कर तुम देना। इस पैसे से दिल्ली और मुंबई से कपड़े लाएंगे और बेचकर कमाई करेंगे। विश्वास में आकर उसने अपना सभी दस्तावेज भी आरोपियों को दे दिया था। एचडीएफसी बैंक का खाता जब फ्रिज हुआ और बैंक से फोन आया तो विवेक को जालसाजी और साइबर अपराध में फंसने की जानकारी हुई। इसका विवेक ने विरोध किया तो चारों जालसाजों ने मिलकर उसे मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया कि उसने मौत को गले लगा लिया।

जिले में सक्रिय साइबर अपराधियों के गिरोह पर नकेल कसने का खाका तैयार कर रही है। साइबर क्राइम थानाध्यक्ष मनमोहन मिश्रा ने बताया कि अब तक 40 से अधिक खातों में साइबर ठगी की रकम मंगाने की जानकारी हुई है। जालसाजों का डेटा निकाला जा रहा है। गिरोह के सदस्यों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
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