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प्रोजेक्टर से होगी दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई
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प्रोजेक्टर से होगी दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई
स्मार्ट क्लास पर आएगा एक लाख रुपये का खर्च
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिले में दिव्यांग छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए स्मार्ट क्लास की स्थापना की तैयारी की जा रही है। इसके लिए करीब एक लाख रुपये की लागत से एक्सीलेरेटेड लर्निंग कैंप में प्रोजेक्टर लगाया जाएगा।
कुशीनगर जिले के विभिन्न परिषदीय स्कूलों में करीब छह हजार दिव्यांग छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं। इसमें से 120 विद्यार्थियों को पडरौना बीआरसी परिसर में स्थापित एक्सीलेरेटेड लर्निंग कैंप में पढ़ने के लिए चिह्नित किया गया है। इन दिव्यांग बच्चों को एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए शैक्षिक सत्र से प्रोजेक्टर के जरिए पढ़ाई कराई जाएगी। इसके लिए एक्सीलेरेटेड लर्निंग कैंप पडरौना में स्मार्ट क्लास की स्थापन की तैयारी शुरू कर दी गई है। विभाग की तरफ से ह्वाइट बोर्ड, प्रोजेक्टर, मेटल कैबिनेट विद यूपीस, स्पीकर और सीपीयू आदि की खरीदारी कर ली गई है। इस खरीदारी के लिए विभाग की तरफ से करीब एक लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यदि प्रयोग सफल रहा तो जिले के अन्य सभी ब्लॉकों में दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई के लिए स्मार्ट क्लास की स्थापना की जाएगी। कोरोना संक्रमण के पहले चिह्नित दिव्यांग बच्चे एक्सीलेरेटेड लर्निंग कैंप में रहते थे, लेकिन एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए शैक्षिक सत्र में दिव्यांग बच्चों के अभिभावक अपने पाल्यों को स्वयं स्कूल छोड़ेंगे और विद्यालय बंद होने पर घर ले जाएंगे। स्कूल संचालन के दौरान स्पेशल एजुकेटर इन दिव्यांग बच्चों को प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाई कराएंगे।
समेकित शिक्षा के जिला समान्वयक बलवंत बहादुर ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराने के लिए शासन के निर्देश पर स्मार्ट क्लास की स्थापना की जाएगी। ट्रायल के तौर पर पडरौना बीआरसी परिसर स्थित एक्सीलेरेटेट लर्निंग कैंप में लगाया जा रहा है। यदि ट्रायल सफल रहा तो जिले के सभी ब्लॉक के लर्निंग कैंप में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था की जाएगी।
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स्मार्ट क्लास पर आएगा एक लाख रुपये का खर्च
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिले में दिव्यांग छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए स्मार्ट क्लास की स्थापना की तैयारी की जा रही है। इसके लिए करीब एक लाख रुपये की लागत से एक्सीलेरेटेड लर्निंग कैंप में प्रोजेक्टर लगाया जाएगा।
कुशीनगर जिले के विभिन्न परिषदीय स्कूलों में करीब छह हजार दिव्यांग छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं। इसमें से 120 विद्यार्थियों को पडरौना बीआरसी परिसर में स्थापित एक्सीलेरेटेड लर्निंग कैंप में पढ़ने के लिए चिह्नित किया गया है। इन दिव्यांग बच्चों को एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए शैक्षिक सत्र से प्रोजेक्टर के जरिए पढ़ाई कराई जाएगी। इसके लिए एक्सीलेरेटेड लर्निंग कैंप पडरौना में स्मार्ट क्लास की स्थापन की तैयारी शुरू कर दी गई है। विभाग की तरफ से ह्वाइट बोर्ड, प्रोजेक्टर, मेटल कैबिनेट विद यूपीस, स्पीकर और सीपीयू आदि की खरीदारी कर ली गई है। इस खरीदारी के लिए विभाग की तरफ से करीब एक लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यदि प्रयोग सफल रहा तो जिले के अन्य सभी ब्लॉकों में दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई के लिए स्मार्ट क्लास की स्थापना की जाएगी। कोरोना संक्रमण के पहले चिह्नित दिव्यांग बच्चे एक्सीलेरेटेड लर्निंग कैंप में रहते थे, लेकिन एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए शैक्षिक सत्र में दिव्यांग बच्चों के अभिभावक अपने पाल्यों को स्वयं स्कूल छोड़ेंगे और विद्यालय बंद होने पर घर ले जाएंगे। स्कूल संचालन के दौरान स्पेशल एजुकेटर इन दिव्यांग बच्चों को प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाई कराएंगे।
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समेकित शिक्षा के जिला समान्वयक बलवंत बहादुर ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराने के लिए शासन के निर्देश पर स्मार्ट क्लास की स्थापना की जाएगी। ट्रायल के तौर पर पडरौना बीआरसी परिसर स्थित एक्सीलेरेटेट लर्निंग कैंप में लगाया जा रहा है। यदि ट्रायल सफल रहा तो जिले के सभी ब्लॉक के लर्निंग कैंप में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था की जाएगी।
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