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UP News: कुशीनगर में पूर्व राज्यमंत्री के काफिले पर पथराव, वाहन क्षतिग्रस्त
Sat, 08 Jul 2023 06:32 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी पडरौना/मंसाछापर।
संवाद न्यूज एजेंसी पडरौना/मंसाछापर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 08 Jul 2023 06:32 PM IST
सार
पूर्व मंत्री ने कहा कि मृतक बुजुर्ग के मामले में आरोपी गैरइरादतन हत्या का आरोपी पूर्व प्रधान की शह पर काफिले पर हमला कराया गया है। उनका कहना है कि करीब 40 मिनट तक उनके काफिले को रोके रखा। निजी सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों की मेहनत से वह सही सलामत वापस आए।
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सुभासपा के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव व पूर्व राज्यमंत्री डॉ. अरविंद राजभर( file)
- फोटो : facebook
विस्तार
कुशीनगर जिले में पडरौना कोतवाली क्षेत्र के चिरइयहवा गांव में पिछले माह हुई मारपीट में घायल बुजुर्ग की मौत हो गई है। इसकी सूचना पर उनके परिजनों से मिलने जा रहे सुभासपा के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव व पूर्व राज्यमंत्री डॉ. अरविंद राजभर के काफिले पर एक पक्ष के लोगों ने पथराव कर दिया।
इससे उनका वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। पथराव होने से करीब 40 मिनट तक पूर्व राज्यमंत्री का काफिला लोगों की भीड़ में फंसा रहा। उनका आरोप है कि स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के कारण उनके साथ यह घटना हुई है।
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चिरइयहवा गांव में पिछले महीने एक जमीन पर अवैध कब्जा हुआ था। कब्जा हटवाने के लिए गांव के बुजुर्ग विश्वनाथ राजभर ने प्रशासन को पत्र दिया था। राजस्व विभाग और कोतवाली पुलिस की मौजूदगी में जमीन से अवैध कब्जा हटवाया गया। जमीन से कब्जा हटवाने से नाराज एक पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडा से हमला कर दिया। उन लोगों ने एक महिला समेत तीन लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घायल विश्वनाथ राजभर की इलाज के दौरान गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी।
इसकी जानकारी होने पर शुक्रवार की देर शाम सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव व पूर्व मंत्री समर्थकों के साथ चिरइयहवा गांव में मृतक विश्वनाथ राजभर के परिजनों से मिलने जा रहे थे। पूर्व राज्यमंत्री का आरोप है कि करीब 250 लोगों ने उनके वाहन को रोक लिया और ईट-पत्थर चलाकर वाहन का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त कर दिया।
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उन्होंने बताया कि घटना की सूचना देने के बाद भी पुलिस नहीं पहुंच सकी। स्थानीय प्रशासन को पहले सूचना दी गई थी कि वह पीड़ित परिवार से मिलने आ रहे हैं। उसके बाद भी उन्हें कोई सुरक्षा नहीं दी गई।
पूर्व मंत्री ने कहा कि मृतक बुजुर्ग के मामले में आरोपी गैरइरादतन हत्या का आरोपी पूर्व प्रधान की शह पर काफिले पर हमला कराया गया है। उनका कहना है कि करीब 40 मिनट तक उनके काफिले को रोके रखा। निजी सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों की मेहनत से वह सही सलामत वापस आए।
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इससे उनका वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। पथराव होने से करीब 40 मिनट तक पूर्व राज्यमंत्री का काफिला लोगों की भीड़ में फंसा रहा। उनका आरोप है कि स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के कारण उनके साथ यह घटना हुई है।
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चिरइयहवा गांव में पिछले महीने एक जमीन पर अवैध कब्जा हुआ था। कब्जा हटवाने के लिए गांव के बुजुर्ग विश्वनाथ राजभर ने प्रशासन को पत्र दिया था। राजस्व विभाग और कोतवाली पुलिस की मौजूदगी में जमीन से अवैध कब्जा हटवाया गया। जमीन से कब्जा हटवाने से नाराज एक पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडा से हमला कर दिया। उन लोगों ने एक महिला समेत तीन लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घायल विश्वनाथ राजभर की इलाज के दौरान गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी।
इसकी जानकारी होने पर शुक्रवार की देर शाम सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव व पूर्व मंत्री समर्थकों के साथ चिरइयहवा गांव में मृतक विश्वनाथ राजभर के परिजनों से मिलने जा रहे थे। पूर्व राज्यमंत्री का आरोप है कि करीब 250 लोगों ने उनके वाहन को रोक लिया और ईट-पत्थर चलाकर वाहन का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त कर दिया।
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उन्होंने बताया कि घटना की सूचना देने के बाद भी पुलिस नहीं पहुंच सकी। स्थानीय प्रशासन को पहले सूचना दी गई थी कि वह पीड़ित परिवार से मिलने आ रहे हैं। उसके बाद भी उन्हें कोई सुरक्षा नहीं दी गई।
पूर्व मंत्री ने कहा कि मृतक बुजुर्ग के मामले में आरोपी गैरइरादतन हत्या का आरोपी पूर्व प्रधान की शह पर काफिले पर हमला कराया गया है। उनका कहना है कि करीब 40 मिनट तक उनके काफिले को रोके रखा। निजी सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों की मेहनत से वह सही सलामत वापस आए।