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Kushinagar News: स्टील और एल्यूमीनियम के बर्तन पीछे... पीतल की बढ़ी मांग
Sat, 07 Feb 2026 12:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 07 Feb 2026 12:16 AM IST
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- सहालग में बर्तन बाजार में बढ़ी खरीदारों की भीड़, दामों में भी आया उछाल
पडरौना। फरवरी में शादियों के मुहूर्त शुरू होते ही बर्तन बाजार में भीड़ बढ़ गई है। घरों की रसोई में पीतल के बर्तनों की मांग में वृद्धि देखी जा रही है। पिछले एक माह में पीतल के दामों में लगभग 100 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर आम ग्राहकों और शादी-विवाह की तैयारियों पर पड़ रहा है। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण लोग एल्यूमीनियम और अन्य धातुओं की बजाय पीतल को प्राथमिकता दे रहे हैं।
पीतल के बर्तन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं। इनमें रखा भोजन और पानी शरीर के लिए फायदेमंद होता है। यही कारण है कि लोग अब स्टील और प्लास्टिक के बर्तनों की जगह पीतल को अधिक महत्व दे रहे हैं। शादी-विवाह, पूजा पाठ और धार्मिक आयोजनों में पीतल के बर्तनों की मांग लगातार बढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी विवाह के अवसर पर पीतल के बर्तन देने की परंपरा निभाई जाती है। सहालग के नजदीक आते ही बाजारों में थाल, कटोरी, गिलास, लोटा, चम्मच जैसे बर्तनों के पूरे सेट की मांग बढ़ी है।
शहर के राकेश कसेरा, राजेश गुप्ता, राजन जायसवाल, सत्येंद्र रौनियार आदि व्यापारियों के अनुसार, एक माह पहले जहां पीतल के बर्तन 700 रुपये प्रति किलो बिक रहे थे। वहीं अब इनकी कीमत बढ़कर 800 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। कीमतों में आई इस तेजी से वैवाहिक आयोजनों के बजट पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
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पडरौना। फरवरी में शादियों के मुहूर्त शुरू होते ही बर्तन बाजार में भीड़ बढ़ गई है। घरों की रसोई में पीतल के बर्तनों की मांग में वृद्धि देखी जा रही है। पिछले एक माह में पीतल के दामों में लगभग 100 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर आम ग्राहकों और शादी-विवाह की तैयारियों पर पड़ रहा है। स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण लोग एल्यूमीनियम और अन्य धातुओं की बजाय पीतल को प्राथमिकता दे रहे हैं।
पीतल के बर्तन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं। इनमें रखा भोजन और पानी शरीर के लिए फायदेमंद होता है। यही कारण है कि लोग अब स्टील और प्लास्टिक के बर्तनों की जगह पीतल को अधिक महत्व दे रहे हैं। शादी-विवाह, पूजा पाठ और धार्मिक आयोजनों में पीतल के बर्तनों की मांग लगातार बढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी विवाह के अवसर पर पीतल के बर्तन देने की परंपरा निभाई जाती है। सहालग के नजदीक आते ही बाजारों में थाल, कटोरी, गिलास, लोटा, चम्मच जैसे बर्तनों के पूरे सेट की मांग बढ़ी है।
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शहर के राकेश कसेरा, राजेश गुप्ता, राजन जायसवाल, सत्येंद्र रौनियार आदि व्यापारियों के अनुसार, एक माह पहले जहां पीतल के बर्तन 700 रुपये प्रति किलो बिक रहे थे। वहीं अब इनकी कीमत बढ़कर 800 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। कीमतों में आई इस तेजी से वैवाहिक आयोजनों के बजट पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
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