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इस महिला ने 54 साल पहले पं. दीनदयाल को कराया था भोजन, अब मुश्किल से मिल रही है दो वक्त की रोटी

Fri, 08 Jan 2021 04:04 PM IST
vivek shukla सुमंत कुशवाहा, पकड़ियार बाजार (कुशीनगर)।
सुमंत कुशवाहा, पकड़ियार बाजार (कुशीनगर)। Published by: vivek shukla Updated Fri, 08 Jan 2021 04:04 PM IST
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special story of kushinagar woman with Pt. Deendayal Upadhyay
सुगंधी देवी। - फोटो : अमर उजाला।
एकात्म मानववाद के प्रेरणा पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर राजनीति करने वाली बीजेपी प्रदेश से केंद्र तक सत्ता में है। परंतु, वर्ष 1967 में जिस परिवार ने पंडित दीनदयाल को अपनी झोपड़ी में सम्मान के साथ भोजन कराया था, उस परिवार को आज तक पक्का आवास नसीब नहीं हुआ।
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पंडित जी को अपने हाथ से भोजन बनाकर खिलाने वाली महिला के तीन बेटे सब्जी बेचकर व ठेला लगाकर जीविका चला रहे हैं। प्रशासन से मदद नहीं मिलने के बाद अब कुछ लोग व्यक्तिगत तौर पर चंदा जुटाकर इस महिला का घर बनवाने का प्रयास कर रहे हैं।
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जानकारी के अनुसार, नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के ग्राम सभा खजुरी में 1967 में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की एक सभा आयोजित की गई थी। सभा के आयोजक रहे पिपरा बुजुर्ग निवासी व जनसंघ के नेता रहे रविंद्र पांडेय ने बताया कि अक्तूबर में दीनदयाल जी एक दिन पहले ही लक्ष्मीगंज निवासी जगदंबा के घर रात में रुके थे।
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अगले दिन खजुरी में सभा करने आए थे। सभा के बाद उन्हें जिस कार्यकर्ता के घर भोजन करना था, उसने असमर्थता जता दी। इसके बाद पंडित जी स्वयं ही आयोजन स्थल के बगल में स्थित रामज्ञा बनिया के घर पहुंचे। रामज्ञा की पत्नी सुगंधी देवी ने बताया कि दोपहर में अचानक घर आए कुछ लोगों ने भोजन की इच्छा जताई।

घर में मौजूद कोदई (कोदो) का भात (चावल) व सब्जी बनाया, जिसे पंडित जी समेत कई अन्य लोगों ने खाया था। सुगंधी देवी ने बताया कि उसके तीन बेटे हैं। भूमि बहुत कम है। बड़ा लड़का चाट का ठेला लगाता है जबकि मझला बाजार में सब्जी बेचता है। छोटा बेटा दशरथ बलरामपुर में फेरी लगाकर कपड़ा बेचता है। किसी तरह दो वक्त की रोटी मिल जाती है। चार कमरों का पुराना मकान जर्जर हो चुका है। अंत्योदय कार्ड मिला है लेकिन, सूची में नाम नहीं होने के कारण आवास नहीं मिला।

निवर्तमान ग्राम प्रधान हरिकेश गुप्ता का कहना है कि वर्ष 2011 की बीपीएल सूची में नाम नहीं होने से आवास नहीं मिला। अब नाम प्रस्तावित किया गया है। एडीओ पंचायत नेबुआ नौरंगिया नंदलाल सिंह का कहना है कि इस परिवार के बारे जानकारी हुई है। ग्राम पंचायत सचिव से परिवार की आर्थिक स्थिति समेत अन्य जानकारी मांगी गई है। पात्रता के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
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