{"_id":"6a3596fba8af31bdd5024a78","slug":"sluggish-pace-of-work-at-padrauna-railway-station-facilities-ranging-from-seating-to-drinking-water-are-in-a-dismal-state-kushinagar-news-c-205-1-ksh1049-162098-2026-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: पडरौना रेलवे स्टेशन पर काम की सुस्त रफ्तार, बैठने से लेकर पेयजल तक की व्यवस्था बदहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: पडरौना रेलवे स्टेशन पर काम की सुस्त रफ्तार, बैठने से लेकर पेयजल तक की व्यवस्था बदहाल
विज्ञापन
पेड़ के नीचे खड़े यात्री।
पडरौना। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत से पडरौना रेलवे स्टेशन के कायाकल्प का काम चल रहा है, निर्माण कार्य की सुस्त रफ्तार और स्टेशन पर बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण चिलचिलाती धूप व भीषण गर्मी में यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह है कि स्टेशन न तो पीने के पानी का सही इंतजाम है और न ही धूप से बचने के लिए पर्याप्त छांव की व्यवस्था। ऐसे में यहां से आने-जाने वाले यात्रियों को सुविधाओं के अभाव में दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। लेकिन रेलवे प्रशासन कोई सुधि नहीं ले रहा है।
गौरतलब है कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पडरौना रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने के लिए निर्माण कार्य चल रहा है। जिसके चलते स्टेशन परिसर में यात्रियों के पेयजल तक के इंतजाम ठीक नहीं है। कई जगहों पर नलों की टोटियां टूटी पड़ी हैं, जिससे आपूर्ति ठप है। यात्री उमस भरी गर्मी में यात्री गर्म पानी पीने को मजबूर हैं।
ट्रेनों के इंतजार में बैठने के लिए लगे बेंच छतिग्रस्त हालत में पड़ी हैं। पर्याप्त छांव न होने के कारण यात्रियों को तपती धूप में प्लेटफार्म पर खड़ा रहना पड़ रहा है या फिर पेड़ों की छांव का सहारा लेना पड़ रहा है। धूप में ही यात्री ट्रेनों उतर व चढ़ रहे हैं। इसके अलावा स्टेशन पर मालगाड़ी से सामान उतारने वाले स्थानीय मजदूरों की स्थिति भी दयनीय है। दिन-रात कड़ा परिश्रम करने वाले मजदूरों के लिए आराम करने, शुद्ध पेयजल व शौचालय जैसा कोई बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गौरतलब है कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पडरौना रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने के लिए निर्माण कार्य चल रहा है। जिसके चलते स्टेशन परिसर में यात्रियों के पेयजल तक के इंतजाम ठीक नहीं है। कई जगहों पर नलों की टोटियां टूटी पड़ी हैं, जिससे आपूर्ति ठप है। यात्री उमस भरी गर्मी में यात्री गर्म पानी पीने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
ट्रेनों के इंतजार में बैठने के लिए लगे बेंच छतिग्रस्त हालत में पड़ी हैं। पर्याप्त छांव न होने के कारण यात्रियों को तपती धूप में प्लेटफार्म पर खड़ा रहना पड़ रहा है या फिर पेड़ों की छांव का सहारा लेना पड़ रहा है। धूप में ही यात्री ट्रेनों उतर व चढ़ रहे हैं। इसके अलावा स्टेशन पर मालगाड़ी से सामान उतारने वाले स्थानीय मजदूरों की स्थिति भी दयनीय है। दिन-रात कड़ा परिश्रम करने वाले मजदूरों के लिए आराम करने, शुद्ध पेयजल व शौचालय जैसा कोई बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं है।
विज्ञापन