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Kushinagar News: बुद्ध की धरती पर पर्यटन विकास परियोजनाओं की सुस्त चाल...हस्तांतरण भी लटका
Sat, 01 Mar 2025 11:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 01 Mar 2025 11:52 PM IST
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पकवा इनार। बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली पर कुशीनगर में पर्यटन विकास को लेकर चल रही योजनाएं ठंडे बस्ते में हैं। पर्यटन विकास के लिए शुरू की गई करोड़ों रुपये की नव-निर्मित परियोजनाएं मामूली वजहों से शुरू नहीं हो पा रही हैं।
ऐसी कई परियोजना हैं जो काम पूर्ण होने के बाद भी हस्तांतरित नहीं हुई हैं। वहीं कुछ टेंडर प्रक्रिया पूरी न होने पाने के कारण शुरू नहीं हो सकी हैं। विश्व बैंक से सहायतित इन योजनाओं को शीघ्र शुरू कराने का जिम्मेदार दावा कर रहे हैं, लेकिन इनके शुरू होने को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है।
बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली पर पर्यटन विभाग व वर्ल्ड बैंक ने अगस्त 2021 में 16 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से राही पर्यटन आवास गृह, टूरिस्ट इंफार्मेशन सेंटर, विपश्यना उपवन, फूड प्लाजा, हिरण्यवती नदी के बुद्धा घाट पर परिक्रमा पथ, फुट ओवरब्रिज, लाइटिंग, हस्त शिल्पकारों के लिए आठ दुकानें नवनिर्मित कराई गई हैं। इनमें राही पर्यटन आवास गृह व टूरिस्ट इंफाॅर्मेशन सेंटर आदि कार्य पूरा होने के साथ यह क्रियाशील हैं।
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वहीं, पर्यटकों के ध्यान के लिए नवनिर्मित विपश्यना उपवन हस्तांतरण में पेंच फंसा है। वहीं लजीज व मनपसंद व्यंजनों को परोसने के लिए बना फूड प्लाजा महीनों से टेंडर प्रक्रिया में उलझा पड़ा है। जबकि, ये दोनों परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।
इसके अलावा हस्त शिल्पकारों व उनके उत्पादों के बिक्री के लिए फूड प्लाजा में ही दुकानें बनाई गई हैं,उनका भी चयन कर आवंटन नहीं किया जा सका है। कुछ हद तक यही हाल बुद्धा घाट पर परिक्रमा पथ व फुट ओवरब्रिज का है, साफ-सफाई के अभाव में पाथवे पर गंदगी व लगे विक्टोरियन लैंप भी नहीं जल रहे हैं। यानी करोड़ों खर्च करने के बाद भी पर्यटन बढ़ावा को बढ़ावा देने के लिए नवनिर्मित परियोजनाएं धूल फांक रहीं हैं। जबकि, इन्हें सजाने-संवारने व क्रियाशील करने के लिए जिला प्रशासन को कई बार कड़ी फटकार सुनी पड़ी है, लेकिन जिम्मेदारों पर इसका कोई असर नहीं दिखाई देता।
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ऐसी कई परियोजना हैं जो काम पूर्ण होने के बाद भी हस्तांतरित नहीं हुई हैं। वहीं कुछ टेंडर प्रक्रिया पूरी न होने पाने के कारण शुरू नहीं हो सकी हैं। विश्व बैंक से सहायतित इन योजनाओं को शीघ्र शुरू कराने का जिम्मेदार दावा कर रहे हैं, लेकिन इनके शुरू होने को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है।
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बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली पर पर्यटन विभाग व वर्ल्ड बैंक ने अगस्त 2021 में 16 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से राही पर्यटन आवास गृह, टूरिस्ट इंफार्मेशन सेंटर, विपश्यना उपवन, फूड प्लाजा, हिरण्यवती नदी के बुद्धा घाट पर परिक्रमा पथ, फुट ओवरब्रिज, लाइटिंग, हस्त शिल्पकारों के लिए आठ दुकानें नवनिर्मित कराई गई हैं। इनमें राही पर्यटन आवास गृह व टूरिस्ट इंफाॅर्मेशन सेंटर आदि कार्य पूरा होने के साथ यह क्रियाशील हैं।
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वहीं, पर्यटकों के ध्यान के लिए नवनिर्मित विपश्यना उपवन हस्तांतरण में पेंच फंसा है। वहीं लजीज व मनपसंद व्यंजनों को परोसने के लिए बना फूड प्लाजा महीनों से टेंडर प्रक्रिया में उलझा पड़ा है। जबकि, ये दोनों परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।
इसके अलावा हस्त शिल्पकारों व उनके उत्पादों के बिक्री के लिए फूड प्लाजा में ही दुकानें बनाई गई हैं,उनका भी चयन कर आवंटन नहीं किया जा सका है। कुछ हद तक यही हाल बुद्धा घाट पर परिक्रमा पथ व फुट ओवरब्रिज का है, साफ-सफाई के अभाव में पाथवे पर गंदगी व लगे विक्टोरियन लैंप भी नहीं जल रहे हैं। यानी करोड़ों खर्च करने के बाद भी पर्यटन बढ़ावा को बढ़ावा देने के लिए नवनिर्मित परियोजनाएं धूल फांक रहीं हैं। जबकि, इन्हें सजाने-संवारने व क्रियाशील करने के लिए जिला प्रशासन को कई बार कड़ी फटकार सुनी पड़ी है, लेकिन जिम्मेदारों पर इसका कोई असर नहीं दिखाई देता।