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Kushinagar News: बस बेचने के नाम पर साढ़े सात लाख ठगे
Sat, 27 Sep 2025 09:15 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 27 Sep 2025 09:15 PM IST
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उजारनाथ। क्षेत्र सेंदुरिया बुजुर्ग निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया है कि पडरौना कोतवाली के गांव सेवक छापर के एक व्यक्ति ने उसे अपनी बस झूठ बोलकर 7.50 लाख में बेचकर रुपये ले लिया और अब कागजात नहीं दे रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
सेंदुरिया बुजुर्ग गांव निवासी बाल्मीकि मद्देशिया ने पुलिस को दिए तहरीर में कहा कि उनकी पटहेरिया चौराहे पर चाय की दुकान है। उसी के बगल में बस की बॉडी बनाने की दुकान है। वहीं पर पडरौना कोतवाली के सेवक छापर निवासी एक व्यक्ति अपना बस की बॉडी बनवा रहा था। उसकी दुकान पर उसके परिचित तुर्कपट्टी के गांव राजापाकड़ निवासी पप्पू वर्मा के साथ वह व्यक्ति आया और चाय-नाश्ता करने के बाद कहा कि आपको बस लेनी है। मुझे आपके मित्र ने बताया है। आप मेरी बस ले लीजिए।
इन दिनों कुछ परिवारिक दिक्कतों के चलते आर्थिक तंगी में चल रहा हूं। बातचीत में उक्त बस को 4.50 लाख खरीद लिया। उन्होंने कागज बनाया और कहा कि कोई फाइनेंस बस पर नहीं है। होगा भी तो उसे कल दिए गए रुपये जमा कर देंगे, लेकिन बाद में पता चला कि उस बस पर छह लाख फाइनेंस है। जिसका करीब 3.0 लाख रुपये भरा है।
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वह घर जाने पर घर छिप जाते है और फोन भी नहीं उठाते हैं। अब वह यह धमकी दे रहे है कि कोई कगजात नहीं दूंगा, जो करना हो कर लेना। थानाध्यक्ष विनय कुमार मिश्र ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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सेंदुरिया बुजुर्ग गांव निवासी बाल्मीकि मद्देशिया ने पुलिस को दिए तहरीर में कहा कि उनकी पटहेरिया चौराहे पर चाय की दुकान है। उसी के बगल में बस की बॉडी बनाने की दुकान है। वहीं पर पडरौना कोतवाली के सेवक छापर निवासी एक व्यक्ति अपना बस की बॉडी बनवा रहा था। उसकी दुकान पर उसके परिचित तुर्कपट्टी के गांव राजापाकड़ निवासी पप्पू वर्मा के साथ वह व्यक्ति आया और चाय-नाश्ता करने के बाद कहा कि आपको बस लेनी है। मुझे आपके मित्र ने बताया है। आप मेरी बस ले लीजिए।
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इन दिनों कुछ परिवारिक दिक्कतों के चलते आर्थिक तंगी में चल रहा हूं। बातचीत में उक्त बस को 4.50 लाख खरीद लिया। उन्होंने कागज बनाया और कहा कि कोई फाइनेंस बस पर नहीं है। होगा भी तो उसे कल दिए गए रुपये जमा कर देंगे, लेकिन बाद में पता चला कि उस बस पर छह लाख फाइनेंस है। जिसका करीब 3.0 लाख रुपये भरा है।
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वह घर जाने पर घर छिप जाते है और फोन भी नहीं उठाते हैं। अब वह यह धमकी दे रहे है कि कोई कगजात नहीं दूंगा, जो करना हो कर लेना। थानाध्यक्ष विनय कुमार मिश्र ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।