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तीन वर्षों में नहीं बने शौचालय, सत्यापन में हो गए पूरे

Wed, 15 Feb 2017 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कुशीनगर।
अमर उजाला ब्यूरो, कुशीनगर। Updated Wed, 15 Feb 2017 12:02 AM IST
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scam to make toilet
TOILET
शासन से धन आवंटित होने के बाद भी विशुनपुरा ब्लॉक के जिन छह गांवों के शौचालय वित्तीय वर्ष 2014-15 से नहीं बनवाए गए थे, वे सचिवों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश के बाद सत्यापन में ही पूरे हो गए। विभाग पूर्व में कराई गई जांच को गलत बताते हुए इस बीच हुए सत्यापन को आधार बनाकर आरोपी सचिवों को क्लीनचिट देने की तैयारी में दिख रहा है। मामले में जहां डीपीआरओ का कहना है कि उन गांवों में शौचालय बनवाए गए हैं, लेकिन अपूर्ण हैं, वहीं डीएम ने मुकदमा हर हाल में दर्ज कराने का आदेश दिया है।
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विशुनपुरा ब्लॉक के मनिकौरा, सोनवल, अरनहवा, बेतिया, चिरइहवा और माघी कोठिलवा सहित कसया क्षेत्र के करीब 24 गांव ऐसे हैं, जहां वित्तीय वर्ष 2014-15 में शौचालय बनाए जाने थे, शासन से इसके लिए धन भी आवंटित हो गया था, मगर ये शौचालय या तो बने नहीं या अपूर्ण थे। विशुनपुरा ब्लॉक के छह गांवों में शौचालयों के लिए 12 हजार रुपये की दर से 300 के लिए 36 लाख रुपये अवमुक्त हुए थे। पूर्व में कराई गई जांच में मनिकौरा, सोनवल, अरनहवा, बेतिया, चिरइहवा और माघी कोठिलवा में शौचालय न बनने पर खुद डीपीआरओ ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश एडीओ विशुनपुरा को दिया था। मुकदमा न होने पर एडीओ पंचायत की संलिप्तता मानते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। यह आदेश 18 जनवरी को दिया गया था। एक महीना होने जा रहा है, लेकिन अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। अलबत्ता इतने दिनों के बीच कराए गए सत्यापन में विशुनपुरा ब्लॉक के उन छह गांवों के शौचालय पूर्ण जरुर हो गए। शेष गांवों में शौचालय अपूर्ण बताए जा रहे हैं।
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इस संबंध में डीपीआरओ अरुण कुमार का कहना है कि पूर्व में सफाईकर्मियों और खंड प्रेरकों से जांच कराई गई थी, जिसमें विशुनपुरा के उन छह गांवों में शौचालय नहीं पाए गए थे। मुकदमा कराने से पहले एडीओ की तरफ से इनका सत्यापन कराया गया तो शौचालय बने मिले। विशुनपुरा और कसया ब्लॉक के 24 गांवों में शौचालय अपूर्ण होने का अंदेशा था, जिनमें नरचोचवा गांव के लिए धन जारी नहीं हुआ है। अन्य गांवों में शौचालय बने हैं, लेकिन किसी का प्लास्टर नहीं हुआ है तो किसी में फाटक अथवा छत ही नहीं हैं, जबकि डीएम शंभु कुमार का कहना था कि शौचालय न बनवाने वाले ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आदेश हुआ है। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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