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Kushinagar News: अधूरी तैयारियों के बीच पटाखों की बिक्री शुरू
Wed, 30 Oct 2024 02:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 30 Oct 2024 02:37 AM IST
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पडरौना। शहर से लेकर कस्बे तक अधूरी तैयारियों के बीच पटाखों की बिक्री शुरू हो गई है। मानक के अनुसार अस्थाई दुकानों पर तैयारियां नहीं हुई है। आबादी के बीच सजी दुकानों को लेकर आसपास के लोग भयभीत नजर आ रहे है। कटरैन के बजाए अधिकांश दुकानें प्लास्टिक और टेंट में लगी हैं। पडरौना शहर में बाईपास सड़क के किनारे खाली पड़े प्लाट पर पटाखे की दुकानें सजाई गईं हैं। इससे भीड़ होने के कारण बाईपास सड़क से गुजरने वाले वाहनों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है।
जिले में पडरौना, कसया, हाटा, कप्तानगंज, खड्डा और तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में 12 जगहों पर पटाखों की दुकानें मंगलवार की सुबह सज गईं। इन सभी जगहों पर 500 से अधिक पटाखों की अस्थायी दुकानों के लिए लाइसेंस जारी किए गए हैं। इन दुकानों से पटाखों की बिक्री भी शुरू कर दी गई है, लेकिन कई जगहों पर मानकों का भी ख्याल नहीं रखा गया है।
जबकि प्रशासन की ओर से जारी लाइसेंस में शर्त है कि पटाखे की दुकान के आसपास कोई धूम्रपान सामग्री, लैंप और मोमबत्ती जैसी चीजें नहीं रखेंगे। ऐसी चीजें जो आग लगा सकती हैं या उसे फैला सकती हैं, उसे दुकान से दूर रखना होगा। इसके साथ दो पटाखों की दुकानों के बीच की दूरी रखनी होगी। दुकान में आग बुझाने के यंत्र, बालू मिट्टी भी रखना अनिवार्य है ताकि आपात स्थिति में आग को फैलने से रोका जा सके। ज्यादातर जगहों पर इस गाइडलाइन का पालन होता नहीं दिख रहा है।
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अग्निशमन यंत्र तो सभी दुकानदारों के पास हैं, लेकिन इक्का-दुक्का दुकानों पर ही बालू-मिट्टी रखा हुआ पाया गया। पडरौना शहर के बाईपास सड़क के किनारे खाली पड़ी प्लाट पर पटाखे की दुकान सजाई गई है। बाईपास सड़क के किनारे दुकान लगा होने के कारण वाहनों के आवागमन से पहले दिन मंगलवार को ही लोगों को जाम की दुश्वारियां झेलनी पड़ी। बड़े मालवाहक वाहनों के जाम में फंस जाने के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई।
हालांकि, यहां ट्रैफिक पुलिस के जवान व होमगार्ड भी तैनात किए गए हैं। पटाखा की दुकान लगाने वाले कुछ व्यापारियों का कहना है कि पहले जूनियर हाईस्कूल और डिग्री कॉलेज के खेल मैदान में दुकानें सजती थी, लेकिन इस बार नए जगह को चिह्नित किया गया है। पहले दिन तो कम भीड़ रही। छोटी दीपावली व बड़ी दीपावली के दिन भीड़ अधिक होगी। इससे यातायात व्यवस्था के प्रभावित होने की आशंका है।
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जिले में पडरौना, कसया, हाटा, कप्तानगंज, खड्डा और तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में 12 जगहों पर पटाखों की दुकानें मंगलवार की सुबह सज गईं। इन सभी जगहों पर 500 से अधिक पटाखों की अस्थायी दुकानों के लिए लाइसेंस जारी किए गए हैं। इन दुकानों से पटाखों की बिक्री भी शुरू कर दी गई है, लेकिन कई जगहों पर मानकों का भी ख्याल नहीं रखा गया है।
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जबकि प्रशासन की ओर से जारी लाइसेंस में शर्त है कि पटाखे की दुकान के आसपास कोई धूम्रपान सामग्री, लैंप और मोमबत्ती जैसी चीजें नहीं रखेंगे। ऐसी चीजें जो आग लगा सकती हैं या उसे फैला सकती हैं, उसे दुकान से दूर रखना होगा। इसके साथ दो पटाखों की दुकानों के बीच की दूरी रखनी होगी। दुकान में आग बुझाने के यंत्र, बालू मिट्टी भी रखना अनिवार्य है ताकि आपात स्थिति में आग को फैलने से रोका जा सके। ज्यादातर जगहों पर इस गाइडलाइन का पालन होता नहीं दिख रहा है।
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अग्निशमन यंत्र तो सभी दुकानदारों के पास हैं, लेकिन इक्का-दुक्का दुकानों पर ही बालू-मिट्टी रखा हुआ पाया गया। पडरौना शहर के बाईपास सड़क के किनारे खाली पड़ी प्लाट पर पटाखे की दुकान सजाई गई है। बाईपास सड़क के किनारे दुकान लगा होने के कारण वाहनों के आवागमन से पहले दिन मंगलवार को ही लोगों को जाम की दुश्वारियां झेलनी पड़ी। बड़े मालवाहक वाहनों के जाम में फंस जाने के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई।
हालांकि, यहां ट्रैफिक पुलिस के जवान व होमगार्ड भी तैनात किए गए हैं। पटाखा की दुकान लगाने वाले कुछ व्यापारियों का कहना है कि पहले जूनियर हाईस्कूल और डिग्री कॉलेज के खेल मैदान में दुकानें सजती थी, लेकिन इस बार नए जगह को चिह्नित किया गया है। पहले दिन तो कम भीड़ रही। छोटी दीपावली व बड़ी दीपावली के दिन भीड़ अधिक होगी। इससे यातायात व्यवस्था के प्रभावित होने की आशंका है।