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अब आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट आने में नहीं लगेगा वक्त
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जिला अस्पताल में आरटीपीसीआर जांच शुरू
पडरौना (कुशीनगर)। कोरोना के संभावित मरीजों की आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट के लिए अब पहले की तरह अधिक समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जिला अस्पताल में बने आरटीपीसीआर लैब में एनएमएस (नॉन मेडिकल साइंटिस्ट) के कार्यभार संभालने के बाद यह जांच शुरू कर दी गई है।
कोरोना के संभावित रोगियों का आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजा जाता था, जिसकी रिपोर्ट आने में तीन से चार दिन लग जाते थे। कुछ माह पहले तो रिपोर्ट आने में कई दिन लग जाते थे, जिसकी वजह से मरीज का समुचित इलाज नहीं हो पाता था। कोविड के संभावित मरीजों की इस समस्या को देखते हुए डीएम की पहल पर लक्षण के आधार पर ही इलाज शुरू कर दिया गया था। बाद में रिपोर्ट आने पर उसके अनुसार उपचार होता था।
आरटीपीसीआर जांच में आ रही परेशानी को देखते हुए जिला अस्पताल में द्वितीय तल पर आरटीपीसीआर लैब स्थापित किया गया है। इसके लिए एक एनएमएस, दो एलटी और दो एलए का पद है। इसके लिए दो एनएमएस आए थे, लेकिन कार्यभार संभालने से पहले ही चले गए। अब एक अन्य एनएमएस टोनी पांडेय की तैनाती की गई है। इनके अलावा एलटी आकृति व अंशिका, एलए वीरेंद्र और शत्रुघ्न को तैनात किया गया है। इसके नोडल अधिकारी जिला अस्पताल के पैथालॉजिस्ट डॉ. वाईके सिरोहिया बनाए गए हैं, जबकि लैब इंचार्ज ऐनुल हक अंसारी हैं।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके वर्मा ने बताया कि एनएमएस के कार्यभार संभालने और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रजिस्ट्रेशन से पंजीकरण के बाद आरटीपीसीआर लैब में कोविड की जांच शुरू कर दी गई है। औसतन हर दिन 50-60 सैंपल की जांच की जा रही है। इसका विवरण पोर्टल पर अपलोड भी हो रहा है।
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पडरौना (कुशीनगर)। कोरोना के संभावित मरीजों की आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट के लिए अब पहले की तरह अधिक समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जिला अस्पताल में बने आरटीपीसीआर लैब में एनएमएस (नॉन मेडिकल साइंटिस्ट) के कार्यभार संभालने के बाद यह जांच शुरू कर दी गई है।
कोरोना के संभावित रोगियों का आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेजा जाता था, जिसकी रिपोर्ट आने में तीन से चार दिन लग जाते थे। कुछ माह पहले तो रिपोर्ट आने में कई दिन लग जाते थे, जिसकी वजह से मरीज का समुचित इलाज नहीं हो पाता था। कोविड के संभावित मरीजों की इस समस्या को देखते हुए डीएम की पहल पर लक्षण के आधार पर ही इलाज शुरू कर दिया गया था। बाद में रिपोर्ट आने पर उसके अनुसार उपचार होता था।
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आरटीपीसीआर जांच में आ रही परेशानी को देखते हुए जिला अस्पताल में द्वितीय तल पर आरटीपीसीआर लैब स्थापित किया गया है। इसके लिए एक एनएमएस, दो एलटी और दो एलए का पद है। इसके लिए दो एनएमएस आए थे, लेकिन कार्यभार संभालने से पहले ही चले गए। अब एक अन्य एनएमएस टोनी पांडेय की तैनाती की गई है। इनके अलावा एलटी आकृति व अंशिका, एलए वीरेंद्र और शत्रुघ्न को तैनात किया गया है। इसके नोडल अधिकारी जिला अस्पताल के पैथालॉजिस्ट डॉ. वाईके सिरोहिया बनाए गए हैं, जबकि लैब इंचार्ज ऐनुल हक अंसारी हैं।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके वर्मा ने बताया कि एनएमएस के कार्यभार संभालने और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रजिस्ट्रेशन से पंजीकरण के बाद आरटीपीसीआर लैब में कोविड की जांच शुरू कर दी गई है। औसतन हर दिन 50-60 सैंपल की जांच की जा रही है। इसका विवरण पोर्टल पर अपलोड भी हो रहा है।