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Kushinagar News: नदी चेतावनी बिंदु की ओर, बाढ़ बचाव कार्य अधूरे
Sat, 04 Jul 2026 02:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 04 Jul 2026 02:44 AM IST
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खड्डा। नेपाल के वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से शुक्रवार को गंडक नदी में पानी के डिस्चार्ज में कुछ ही घंटों के अंदर तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि शाम को डिस्चार्ज में कमी आ गई। जलस्तर में हल्की बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन अभी यह चेतावनी बिंदु से 18 सेमी नीचे नदी बह रही है। दूसरी तरफ बाढ़ से बचाव का अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए बचाव का कार्य तेज कर दिया गया है।
शुक्रवार सुबह आठ बजे वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से नदी में 25,300 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। दोपहर दो बजे यह बढ़कर 42,800 क्यूसेक पहुंच गया। इसके बाद शाम चार बजे डिस्चार्ज बढ़कर 52,400 क्यूसेक हो गया। हालांकि शाम छह बजे इसमें कमी आई और डिस्चार्ज घटकर 41,000 क्यूसेक दर्ज किया गया। डिस्चार्ज में उतार-चढ़ाव के बीच खड्डा क्षेत्र के भैंसहा गेज पर गंडक नदी का जलस्तर भी धीरे-धीरे बढ़ा। शाम चार बजे जलस्तर 94.68 मीटर दर्ज किया गया, जो शाम छह बजे बढ़कर 94.82 मीटर हो गया।वर्तमान में भैंसहा गेज पर नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु 95.00 मीटर से 18 सेंटीमीटर नीचे है। ऐसे में तटवर्ती गांवों या तटबंधों पर फिलहाल किसी प्रकार का खतरा नहीं है। हालांकि सिंचाई एवं बाढ़ खंड के जानकारों का कहना है कि गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र एवं नेपाल की पहाड़ियों में यदि लगातार भारी वर्षा होती है, तो बैराज से पानी छोड़े जाने की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे नदी का जलस्तर तेजी से ऊपर जा सकता है। इसलिए नदी की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। फिलहाल बरसात के मौसम के बावजूद गंडक नदी का रुख सामान्य बना हुआ है और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, हालांकि प्रशासन नदी की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।
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शुक्रवार सुबह आठ बजे वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से नदी में 25,300 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। दोपहर दो बजे यह बढ़कर 42,800 क्यूसेक पहुंच गया। इसके बाद शाम चार बजे डिस्चार्ज बढ़कर 52,400 क्यूसेक हो गया। हालांकि शाम छह बजे इसमें कमी आई और डिस्चार्ज घटकर 41,000 क्यूसेक दर्ज किया गया। डिस्चार्ज में उतार-चढ़ाव के बीच खड्डा क्षेत्र के भैंसहा गेज पर गंडक नदी का जलस्तर भी धीरे-धीरे बढ़ा। शाम चार बजे जलस्तर 94.68 मीटर दर्ज किया गया, जो शाम छह बजे बढ़कर 94.82 मीटर हो गया।वर्तमान में भैंसहा गेज पर नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु 95.00 मीटर से 18 सेंटीमीटर नीचे है। ऐसे में तटवर्ती गांवों या तटबंधों पर फिलहाल किसी प्रकार का खतरा नहीं है। हालांकि सिंचाई एवं बाढ़ खंड के जानकारों का कहना है कि गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र एवं नेपाल की पहाड़ियों में यदि लगातार भारी वर्षा होती है, तो बैराज से पानी छोड़े जाने की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे नदी का जलस्तर तेजी से ऊपर जा सकता है। इसलिए नदी की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। फिलहाल बरसात के मौसम के बावजूद गंडक नदी का रुख सामान्य बना हुआ है और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, हालांकि प्रशासन नदी की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।
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