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रेगुलेटर का फाटक टूटा, खेतों में पानी
kushinagar
Updated Mon, 01 Aug 2016 11:30 PM IST
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बाढ़
- फोटो : santosh verma
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जटहा बाजार। कटाई भरपुरवा गांव के डोम छपरा टोले के पास गंडक नदी के बांध पर बने रेगुलेटर का फाटक टूट जाने के कारण नदी का पानी खेतों में भर रहा है। गंडक नदी का डिस्चार्ज कम होने से स्थिति में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन जलस्तर बढ़ने पर फसलों के बर्बाद होने का खतरा बना हुआ है।खड्डा ब्लॉक के गांव कटाई भरपुरवा के डोम छपरा टोले के पास गंडक नदी के बांध पर रेगुलेटर लगा है। बरसात के दिनों में जब इस क्षेत्र में पानी अधिक होता है तो फाटक उठाकर पानी नदी में गिरा दिया जाता है।
नदी में पानी ज्यादा होने पर फाटक को बंद कर दिया जाता है। कुछ दिनों पूर्व फाटक टूट गया। क्षेत्र के किसानों ने सिंचाई विभाग को इसकी जानकारी देते हुए बरसात पूर्व ही फाटक की मरम्मत कराने का अनुरोध किया, परंतु अफसरों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। बीते सप्ताह अचानक ही गंडक नदी का डिस्चार्ज साढ़े तीन लाख क्यूसेक तक पहुंच जाने के लिए नदी का पानी इस टूटे फाटक के रास्ते तेजी से कटाई भरपुरवा, जटहां बाजार, पडरही आदि गांवों के सरेह में भरने लगा। क्षेत्र के किसान सरतेज मिश्र, संजीव मिश्र, पप्पू आदि के अनुसार शनिवार को तो पानी कटाई भरपुरवा-खड्डा मार्ग के ऊपर से बहने लगा। नदी के इस पानी के चलते धान की फसल जलमग्न हो गई है, गन्ना और केला की फसल में भी पानी जमा हो गया है। राहत की बात बस इतनी है कि गंडक का जलस्तर लगातार कम होने से इन खेतों में पानी बढ़ना रुक गया है। किसानों को अब इस बात की चिंता है कि जैसे ही नदी का डिस्चार्ज बढ़ेगा, टूटे फाटक के रास्ते इस क्षेत्र के खेतों में फिर पानी बढ़ने लगेगा। लोग बताते हैं कि आगे जाकर यह पानी जुड़वनिया नाले में गिरेगा जिससे दर्जन भर अन्य गांवों में भी बाढ़ जैसी स्थिति बन जाएगी। लोगों ने सिंचाई विभाग से इस फाटक की मरम्मत की मांग की है।
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नदी में पानी ज्यादा होने पर फाटक को बंद कर दिया जाता है। कुछ दिनों पूर्व फाटक टूट गया। क्षेत्र के किसानों ने सिंचाई विभाग को इसकी जानकारी देते हुए बरसात पूर्व ही फाटक की मरम्मत कराने का अनुरोध किया, परंतु अफसरों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। बीते सप्ताह अचानक ही गंडक नदी का डिस्चार्ज साढ़े तीन लाख क्यूसेक तक पहुंच जाने के लिए नदी का पानी इस टूटे फाटक के रास्ते तेजी से कटाई भरपुरवा, जटहां बाजार, पडरही आदि गांवों के सरेह में भरने लगा। क्षेत्र के किसान सरतेज मिश्र, संजीव मिश्र, पप्पू आदि के अनुसार शनिवार को तो पानी कटाई भरपुरवा-खड्डा मार्ग के ऊपर से बहने लगा। नदी के इस पानी के चलते धान की फसल जलमग्न हो गई है, गन्ना और केला की फसल में भी पानी जमा हो गया है। राहत की बात बस इतनी है कि गंडक का जलस्तर लगातार कम होने से इन खेतों में पानी बढ़ना रुक गया है। किसानों को अब इस बात की चिंता है कि जैसे ही नदी का डिस्चार्ज बढ़ेगा, टूटे फाटक के रास्ते इस क्षेत्र के खेतों में फिर पानी बढ़ने लगेगा। लोग बताते हैं कि आगे जाकर यह पानी जुड़वनिया नाले में गिरेगा जिससे दर्जन भर अन्य गांवों में भी बाढ़ जैसी स्थिति बन जाएगी। लोगों ने सिंचाई विभाग से इस फाटक की मरम्मत की मांग की है।
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