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नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाला 15 हजार का इनामी गिरफ्तार
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नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाला 15 हजार का इनामी गिरफ्तार
- एसटीएफ ने लखनऊ से किया गिरफ्तार
- जिले के पटहेरवा थाना क्षेत्र के नरायनपुर गांव का निवासी है रिजवान अंसारी
पडरौना। स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) ने नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले जिले के एक व्यक्ति को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। उस पर 15 हजार रुपये का इनाम है। एसटीएफ उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर रही है।
नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने और अमरोहा से वर्ष 2017 से वांछित 15 हजार रुपये के एक इनामी को एसटीएफ ने सोमवार को लखनऊ से गिरफ्तार किया। वह जनपद के पटहेरवा थाना क्षेत्र के नरायनपुर गांव का निवासी है। रिजवान अंसारी नाम के इस अपराधी के पास तीन मोबाइल फोन, एक निर्वाचन कार्ड और 14 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं।
एसटीएफ ने बताया है कि रिजवान की गिरफ्तारी सुबह साढ़े दस बजे लखनऊ में आलमबाग बस स्टैंड के निकट की गई। कुछ दिनों से एसटीएफ को सूचना मिल रही थी कि विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने तथा अमरोहा के नगर थाना में धोखाधड़ी सहित विभिन्न मुकदमों में वांछित 15 हजार रुपये का इनामी रिजवान अंसारी लखनऊ, दिल्ली, जम्मू और कश्मीर आदि स्थानों पर छिपकर रह रहा है। वह नौकरी की तलाश कर रहे युवक-युवतियों को झांसा देकर ठगी कर रहा है। इसमें विस्तार से जानकारी एकत्र करने के लिए एसटीएफ की लखनऊ इकाई को निर्देशित किया गया था। एसटीएफ लखनऊ के एसपी लाल प्रताप सिंह की देखरेख में उसकी तलाश की जा रही थी। पता चला कि कुछ युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर बातचीत के लिए लखनऊ बुलाया है। इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ के कांस्टेबल महेंद्र प्रताप सिंह, विनय कुमार सिंह तथा अमरोहा पुलिस ने उसे सोमवार को आलम बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया।
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2017 से ही सक्रिय है इस धोखाधड़ी में
रिजवान ने एसटीएफ की पूछताछ में बताया कि वर्ष 2017 में अपने साथियों के साथ मिलकर आरती और उसके भाई रोहित के साथ रेलवे में टीईटी की नौकरी दिलाने के नाम पर नौ लाख रुपये की ठगी किए थे। उस मामले में आरती ने मुकदमा दर्ज कराया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, जम्मू और कश्मीर आदि जगहों पर छिपकर रहता था। वहां भी नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठगी करने का प्रयास करता था। उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा अमरोहा नगर और कुशीनगर के पटहेरवा थाना में भी पंजीकृत है।
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- एसटीएफ ने लखनऊ से किया गिरफ्तार
- जिले के पटहेरवा थाना क्षेत्र के नरायनपुर गांव का निवासी है रिजवान अंसारी
पडरौना। स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) ने नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले जिले के एक व्यक्ति को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। उस पर 15 हजार रुपये का इनाम है। एसटीएफ उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर रही है।
नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने और अमरोहा से वर्ष 2017 से वांछित 15 हजार रुपये के एक इनामी को एसटीएफ ने सोमवार को लखनऊ से गिरफ्तार किया। वह जनपद के पटहेरवा थाना क्षेत्र के नरायनपुर गांव का निवासी है। रिजवान अंसारी नाम के इस अपराधी के पास तीन मोबाइल फोन, एक निर्वाचन कार्ड और 14 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं।
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एसटीएफ ने बताया है कि रिजवान की गिरफ्तारी सुबह साढ़े दस बजे लखनऊ में आलमबाग बस स्टैंड के निकट की गई। कुछ दिनों से एसटीएफ को सूचना मिल रही थी कि विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने तथा अमरोहा के नगर थाना में धोखाधड़ी सहित विभिन्न मुकदमों में वांछित 15 हजार रुपये का इनामी रिजवान अंसारी लखनऊ, दिल्ली, जम्मू और कश्मीर आदि स्थानों पर छिपकर रह रहा है। वह नौकरी की तलाश कर रहे युवक-युवतियों को झांसा देकर ठगी कर रहा है। इसमें विस्तार से जानकारी एकत्र करने के लिए एसटीएफ की लखनऊ इकाई को निर्देशित किया गया था। एसटीएफ लखनऊ के एसपी लाल प्रताप सिंह की देखरेख में उसकी तलाश की जा रही थी। पता चला कि कुछ युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर बातचीत के लिए लखनऊ बुलाया है। इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ के कांस्टेबल महेंद्र प्रताप सिंह, विनय कुमार सिंह तथा अमरोहा पुलिस ने उसे सोमवार को आलम बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया।
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2017 से ही सक्रिय है इस धोखाधड़ी में
रिजवान ने एसटीएफ की पूछताछ में बताया कि वर्ष 2017 में अपने साथियों के साथ मिलकर आरती और उसके भाई रोहित के साथ रेलवे में टीईटी की नौकरी दिलाने के नाम पर नौ लाख रुपये की ठगी किए थे। उस मामले में आरती ने मुकदमा दर्ज कराया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, जम्मू और कश्मीर आदि जगहों पर छिपकर रहता था। वहां भी नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठगी करने का प्रयास करता था। उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा अमरोहा नगर और कुशीनगर के पटहेरवा थाना में भी पंजीकृत है।