कुशीनगर। देवरिया के सांसद शशांक मणि ने बुधवार को एपी बांध टूटने को गंभीर विषय बताया। उन्होंने नारायणी नदी में उफान के बाद बांध की निगरानी पर सवाल उठाए। सांसद ने कहा कि जहां अफसर निगरानी कर रहे थे, वहां बांध सुरक्षित रहा, लेकिन जहां अंदेशा नहीं था, वहां रैट होल के कारण बांध टूट गया। उन्होंने कहा कि फिलहाल बंधे को ठीक कराना प्राथमिकता है। चूक की जांच कराई जाएगी।
सांसद ने बताया कि मुख्यमंत्री के दौरे के बाद से वह क्षेत्र में मौजूद हैं। मंगलवार शाम तक वह बाढ़ खंड की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने मुख्य अभियंता प्रभाकर प्रसाद से जानकारी मांगी है और जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से भी फोन पर बात की है। सांसद ने कहा कि नारायणी नदी में 5.50 लाख से अधिक पानी का डिस्चार्ज होने पर बंधे की निगरानी बढ़ाने के लिए बाढ़ खंड के एक्सईएन एमके सिंह से बात हुई थी। इंजीनियरों की टीम जिस एपी बंधे को कमजोर बताकर निगरानी कर रही थी, वह सुरक्षित रहा। इसके बजाय, अधिक ऊंचाई वाला बंधा टूटा, जिसे उन्होंने गंभीर चूक और कमजोर निगरानी का परिणाम बताया। क्षेत्र के लोगों से भी कई शिकायतें मिली हैं। सांसद ने कहा कि अमवा बांध पर रिंग बांध भी कमजोर निगरानी के कारण टूट गया, जिससे खैरटिया गांव के 30 से अधिक घरों में पानी घुस गया।