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Kushinagar News: सुबह हुई बूंदाबांदी, गर्मी से मिल रही राहत
Sat, 24 Jun 2023 12:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 24 Jun 2023 12:23 AM IST
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जिले में मानसून ने बुधवार को दी थी दस्तक
संवाद न्यज एजेंसी
पडरौना। बीते बुधवार को जिले में मानसून ने दस्तक दी थी। शुक्रवार की सुबह शहर सहित जिले के अन्य हिस्सों में बूंदाबांदी हुई। इससे उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को राहत महसूस हुई। दिन में कभी धूप तो कभी आसमान में बादल छाए रहे। किसान भी खेती करने में जुट गए हैं। हालांकि, दोपहर बाद पुन: उमस भरी गर्मी शुरू हो गई।
करीब 20 दिन से जनपद के लोग तपिश सह रहे थे। बुधवार की सुबह करीब दो घंटे रिमझिम मानसूनी बारिश हुई थी। इसके बाद शुक्रवार की सुबह करीब आठ बजे एक घंटे तक शहर समेत जिले के अन्य हिस्सों में बूंदाबांदी हुई। मौसम सुहाना हो गया, उमस भरी गर्मी से परेशान लोग राहत की सांस ली।
बारिश बंद हुई तो आसमान में कभी बादल छाए रहते तो कभी हल्की धूप निकल रही थी। दोपहर बाद पुन: उमस भरी गर्मी शुरू हो गई। इससे लोगों को परेशान होना पड़ा। हालांकि, इस रिमझिम बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है। सूख रही धान की नर्सरी और गन्ने की फसल को संजीवनी मिली है। इससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसान फसल में यूरिया डालने में जुट गए हैं।
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कृषि विज्ञान केंद्र की मौसम वैज्ञानिक श्रुति वी सिंह ने बताया कि बीते करीब एक सप्ताह से पश्चिमी विक्षोभ बना है, लेकिन निम्न वायुदाब के चलते मानसून सक्रिय नहीं हो रहा था। बुधवार की सुबह निम्न वायुदाब क्षेत्र बनने पर आसमान में बादल छाने के साथ रिमझिम बारिश हुई है। आने वाले कुछ दिनों तक कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।
बारिश से भीगे तो हो जाएंगे बीमार
मानसूनी बारिश की शुरुआत में लोगों को स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए। यदि गलती से भी बारिश में भीगे तो स्वास्थ्य खराब हो सकता है। इसके अलावा बदलते मौसम में लोगों को भोजन में पौष्टिक आहार लेना चाहिए। खुले में रखे खाद्य पदार्थ बिल्कुल न लें।
- डॉ. संजीव सुमन, चिकित्सा प्रभारी, पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय, पडरौना
इस समय होने वाली बारिश सभी तरह की फसलों के लिए लाभप्रद हैं। बारिश की प्रत्येक बूंद फसलों को संजीवनी प्रदान करेगी। बारिश बंद होने के बाद गन्ना समेत अन्य फसलों मेें जरूरत के मुताबिक किसान उर्वरक डाल सकते हैं। इसके अलावा बरसात के समय खेत में पानी एकत्र करने के लिए किसानों को अपने खेत की मेड़बंदी अभी से कर लेनी चाहिए।
- डॉ. बीआर मौर्या, जिला कृषि अधिकारी, कुशीनगर
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संवाद न्यज एजेंसी
पडरौना। बीते बुधवार को जिले में मानसून ने दस्तक दी थी। शुक्रवार की सुबह शहर सहित जिले के अन्य हिस्सों में बूंदाबांदी हुई। इससे उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को राहत महसूस हुई। दिन में कभी धूप तो कभी आसमान में बादल छाए रहे। किसान भी खेती करने में जुट गए हैं। हालांकि, दोपहर बाद पुन: उमस भरी गर्मी शुरू हो गई।
करीब 20 दिन से जनपद के लोग तपिश सह रहे थे। बुधवार की सुबह करीब दो घंटे रिमझिम मानसूनी बारिश हुई थी। इसके बाद शुक्रवार की सुबह करीब आठ बजे एक घंटे तक शहर समेत जिले के अन्य हिस्सों में बूंदाबांदी हुई। मौसम सुहाना हो गया, उमस भरी गर्मी से परेशान लोग राहत की सांस ली।
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बारिश बंद हुई तो आसमान में कभी बादल छाए रहते तो कभी हल्की धूप निकल रही थी। दोपहर बाद पुन: उमस भरी गर्मी शुरू हो गई। इससे लोगों को परेशान होना पड़ा। हालांकि, इस रिमझिम बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है। सूख रही धान की नर्सरी और गन्ने की फसल को संजीवनी मिली है। इससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसान फसल में यूरिया डालने में जुट गए हैं।
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कृषि विज्ञान केंद्र की मौसम वैज्ञानिक श्रुति वी सिंह ने बताया कि बीते करीब एक सप्ताह से पश्चिमी विक्षोभ बना है, लेकिन निम्न वायुदाब के चलते मानसून सक्रिय नहीं हो रहा था। बुधवार की सुबह निम्न वायुदाब क्षेत्र बनने पर आसमान में बादल छाने के साथ रिमझिम बारिश हुई है। आने वाले कुछ दिनों तक कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।
बारिश से भीगे तो हो जाएंगे बीमार
मानसूनी बारिश की शुरुआत में लोगों को स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए। यदि गलती से भी बारिश में भीगे तो स्वास्थ्य खराब हो सकता है। इसके अलावा बदलते मौसम में लोगों को भोजन में पौष्टिक आहार लेना चाहिए। खुले में रखे खाद्य पदार्थ बिल्कुल न लें।
- डॉ. संजीव सुमन, चिकित्सा प्रभारी, पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय, पडरौना
इस समय होने वाली बारिश सभी तरह की फसलों के लिए लाभप्रद हैं। बारिश की प्रत्येक बूंद फसलों को संजीवनी प्रदान करेगी। बारिश बंद होने के बाद गन्ना समेत अन्य फसलों मेें जरूरत के मुताबिक किसान उर्वरक डाल सकते हैं। इसके अलावा बरसात के समय खेत में पानी एकत्र करने के लिए किसानों को अपने खेत की मेड़बंदी अभी से कर लेनी चाहिए।
- डॉ. बीआर मौर्या, जिला कृषि अधिकारी, कुशीनगर