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कृषि कानून के विरोध में सपा सहित कई दलों ने किया प्रदर्शन
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कृषि कानून के विरोध में हो रहे प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट गेट पर सपा कार्यकर्ताओं को संबोधित क?
- फोटो : KUSHINAGAR
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कृषि कानून के विरोध में सपा सहित कई दलों ने किया प्रदर्शन
पुलिस ने सपा कार्यकर्ताओं को दौड़ाकर कलेक्ट्रेट गेट से खदेड़ा
सपा के पूर्व राज्यमंत्री सहित 71 लोग लिए गए हिरासत में
भाकियू कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट गेट पर दिया धरना, डीएम को बुलाने पर अड़े रहे
भाकपा और एआईएमआईएम ने प्रदर्शन कर एडीएम को ज्ञापन सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कृषि कानून के विरोध में समाजवादी पार्टी, भारतीय किसान यूनियन सहित कई दलों व संगठनों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। सपा नेता अपने पार्टी के जिला कार्यालय से जुलूस की शक्ल में प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंचे, जहां सरकार विरोधी नारे लगाए। पुलिस ने ज्ञापन सौंपकर वहां से हटने के लिए कहा, लेकिन पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन जारी रहा। इसके बाद पुलिस ने सपा कार्यकर्ताओं को दौड़ाकर कलेक्ट्रेट गेट से खदेड़ दिया। एमएलसी रामअवध यादव, पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह, पूर्व विधायक पूर्णमासी देहाती, पूर्व जिलाध्यक्ष मुहम्मद इलियास अंसारी सहित 71 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइंस भेजा गया। शाम तक कलेक्ट्रेट गेट पर पुलिस फोर्स तैनात रही।
कृषि कानून के विरोध में दिल्ली में आंदोलनरत किसानों के आह्वान पर सोमवार को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन का आयोजन हुआ। इसमें किसान संगठनों के अलावा सपा, भाकपा सहित विभिन्न संगठनों ने अलग-अलग धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। सबसे जोरदार विरोध प्रदर्शन सपा का रहा।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर एमएलसी रामअवध यादव, पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह, पूर्व विधायक पूर्णमासी देहाती, पूर्व जिलाध्यक्ष मुहम्मद इलियास अंसारी, पूर्व जिला उपाध्यक्ष शैलेंद्र प्रताप सिंह, युवजन सभा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष रणविजय सिंह उर्फ मोहन, पूर्व जिला कोषाध्यक्ष विजय पांडेय, एके बादल, युवजन सभा के पूर्व अध्यक्ष परवेज आलम, काशी नरेश सिंह, डॉ. आस मोहम्मद, सभासद इमदाद हुसैन, संतोष कुशवाहा, रमेश यादव, आफताब, हरि यादव, बृजेश सिंह सहित काफी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता जनपद मुख्यालय पर एकत्र हुए और कृषि कानून के विरोध में धरना-प्रदर्शन करने लगे। ये लोग किसानों की आय बढ़ाओ, खेती किसानी बचाओ तथा कृषि कानून वापस लो, के नारे लगा रहे थे। मौजूद पुलिस प्रशासन ने ज्ञापन देने के लिए कई बार इन लोगों से गुजारिश की, लेकिन न मानने पर पुलिस फोर्स ने कार्यकर्ताओं को दौड़ा लिया। पुलिस वहां से सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं सहित 71 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइंस ले गई, जहां शाम तक उन्हें बैठाए रखा। एएसपी अयोध्या प्रसाद सिंह ने बताया कि विरोध प्रदर्शन कर रहे सपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से कई बार ज्ञापन देने को कहा गया, लेकिन वे नहीं मान रहे थे। इसके बाद उन्हें कलेक्ट्रेट गेट से खदेड़ा गया तथा 71 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइंस भेज दिया गया। इनके अलावा कृषि कानून के विरोध में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपना ज्ञापन एडीएम को सौंपा। इन लोगों ने भी इसे किसानों के लिए काला कानून बताते हुए वापस लेने की मांग की।
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फोटो है।
भाकियू ने दिया कलेक्ट्रेट गेट पर धरना
पडरौना। कृषि कानून के विरोध में भाकियू कार्यकर्ताओं ने भी सोमवार को कलेक्ट्रेट गेट पर धरना दिया। ये लोग ज्ञापन देने के लिए डीएम को बुलाने की मांग पर काफी देर तक अड़े रहे। करीब साढ़े तीन बजे राष्ट्रपति को संबोधित अपना ज्ञापन एसडीएम सदर रामकेश यादव को सौंपकर धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
जिलाध्यक्ष ध्रुव नारायण यादव की अगुवाई में कलेक्ट्रेट पर धरना दे रहे कार्यकर्ताओं की मांग थी कि तीनों कृषि कानून वापस लिए जाएं, न्यूनतम समर्थन मूल्य सभी फसलों पर लागू किया जाए तथा इसके लिए कानून बनाया जाए। इसके अलावा डीएम को संबोधित एक और ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा, जिसमें किसानों का बकाया गन्ना का भुगतान तत्काल कराने, किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, पकहां में पानी की टंकी से पेयजल की आपूर्ति कराने और पडरौना-जटहां मार्ग के क्षतिग्रस्त मार्ग का निर्माण कराने की मांग शामिल थी। धरना प्रदर्शन में हरिराम राय, दूधनाथ, रामलाल यादव, भृगुराशन कुशवाहा, शंभू यादव, कुंती देवी, नायक यादव, मोछू, बाबूराम, उमेश कुशवाहा, फुलवंती, हसीना खातून, राबड़ी देवी, फूलबासी, रुमाली देवी सहित अन्य लोग शामिल थे।
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पुलिस ने सपा कार्यकर्ताओं को दौड़ाकर कलेक्ट्रेट गेट से खदेड़ा
सपा के पूर्व राज्यमंत्री सहित 71 लोग लिए गए हिरासत में
भाकियू कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट गेट पर दिया धरना, डीएम को बुलाने पर अड़े रहे
भाकपा और एआईएमआईएम ने प्रदर्शन कर एडीएम को ज्ञापन सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कृषि कानून के विरोध में समाजवादी पार्टी, भारतीय किसान यूनियन सहित कई दलों व संगठनों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। सपा नेता अपने पार्टी के जिला कार्यालय से जुलूस की शक्ल में प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंचे, जहां सरकार विरोधी नारे लगाए। पुलिस ने ज्ञापन सौंपकर वहां से हटने के लिए कहा, लेकिन पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन जारी रहा। इसके बाद पुलिस ने सपा कार्यकर्ताओं को दौड़ाकर कलेक्ट्रेट गेट से खदेड़ दिया। एमएलसी रामअवध यादव, पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह, पूर्व विधायक पूर्णमासी देहाती, पूर्व जिलाध्यक्ष मुहम्मद इलियास अंसारी सहित 71 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइंस भेजा गया। शाम तक कलेक्ट्रेट गेट पर पुलिस फोर्स तैनात रही।
कृषि कानून के विरोध में दिल्ली में आंदोलनरत किसानों के आह्वान पर सोमवार को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन का आयोजन हुआ। इसमें किसान संगठनों के अलावा सपा, भाकपा सहित विभिन्न संगठनों ने अलग-अलग धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। सबसे जोरदार विरोध प्रदर्शन सपा का रहा।
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर एमएलसी रामअवध यादव, पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह, पूर्व विधायक पूर्णमासी देहाती, पूर्व जिलाध्यक्ष मुहम्मद इलियास अंसारी, पूर्व जिला उपाध्यक्ष शैलेंद्र प्रताप सिंह, युवजन सभा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष रणविजय सिंह उर्फ मोहन, पूर्व जिला कोषाध्यक्ष विजय पांडेय, एके बादल, युवजन सभा के पूर्व अध्यक्ष परवेज आलम, काशी नरेश सिंह, डॉ. आस मोहम्मद, सभासद इमदाद हुसैन, संतोष कुशवाहा, रमेश यादव, आफताब, हरि यादव, बृजेश सिंह सहित काफी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता जनपद मुख्यालय पर एकत्र हुए और कृषि कानून के विरोध में धरना-प्रदर्शन करने लगे। ये लोग किसानों की आय बढ़ाओ, खेती किसानी बचाओ तथा कृषि कानून वापस लो, के नारे लगा रहे थे। मौजूद पुलिस प्रशासन ने ज्ञापन देने के लिए कई बार इन लोगों से गुजारिश की, लेकिन न मानने पर पुलिस फोर्स ने कार्यकर्ताओं को दौड़ा लिया। पुलिस वहां से सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं सहित 71 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइंस ले गई, जहां शाम तक उन्हें बैठाए रखा। एएसपी अयोध्या प्रसाद सिंह ने बताया कि विरोध प्रदर्शन कर रहे सपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से कई बार ज्ञापन देने को कहा गया, लेकिन वे नहीं मान रहे थे। इसके बाद उन्हें कलेक्ट्रेट गेट से खदेड़ा गया तथा 71 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइंस भेज दिया गया। इनके अलावा कृषि कानून के विरोध में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपना ज्ञापन एडीएम को सौंपा। इन लोगों ने भी इसे किसानों के लिए काला कानून बताते हुए वापस लेने की मांग की।
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फोटो है।
भाकियू ने दिया कलेक्ट्रेट गेट पर धरना
पडरौना। कृषि कानून के विरोध में भाकियू कार्यकर्ताओं ने भी सोमवार को कलेक्ट्रेट गेट पर धरना दिया। ये लोग ज्ञापन देने के लिए डीएम को बुलाने की मांग पर काफी देर तक अड़े रहे। करीब साढ़े तीन बजे राष्ट्रपति को संबोधित अपना ज्ञापन एसडीएम सदर रामकेश यादव को सौंपकर धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
जिलाध्यक्ष ध्रुव नारायण यादव की अगुवाई में कलेक्ट्रेट पर धरना दे रहे कार्यकर्ताओं की मांग थी कि तीनों कृषि कानून वापस लिए जाएं, न्यूनतम समर्थन मूल्य सभी फसलों पर लागू किया जाए तथा इसके लिए कानून बनाया जाए। इसके अलावा डीएम को संबोधित एक और ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा, जिसमें किसानों का बकाया गन्ना का भुगतान तत्काल कराने, किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, पकहां में पानी की टंकी से पेयजल की आपूर्ति कराने और पडरौना-जटहां मार्ग के क्षतिग्रस्त मार्ग का निर्माण कराने की मांग शामिल थी। धरना प्रदर्शन में हरिराम राय, दूधनाथ, रामलाल यादव, भृगुराशन कुशवाहा, शंभू यादव, कुंती देवी, नायक यादव, मोछू, बाबूराम, उमेश कुशवाहा, फुलवंती, हसीना खातून, राबड़ी देवी, फूलबासी, रुमाली देवी सहित अन्य लोग शामिल थे।