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Kushinagar News: वायरल वीडियो में जेई पर रिश्वत लेने का आरोप, जांच शुरू
Thu, 18 Jun 2026 02:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 18 Jun 2026 02:29 AM IST
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हाटा। हाटा डिवीजन के खोठ्ठा पावर हाउस में तैनात जेई महेंद्र नाथ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो को 13 जून का बताया जा रहा है। नए बिजली कनेक्शन पर टीएफआर लगाने के नाम पर रुपये लेते हुए दिखने का दावा किया जा रहा है। वीडियो किसी उपभोक्ता द्वारा बनाया बताया जा रहा है। संवाद न्यूज एजेंसी वारल वीडियो की पुष्टि नहीं करती है।
वायरल वीडियो में अवर अभियंता और उपभोक्ता के बीच रुपये के लेन-देन को लेकर बातचीत सुनाई दे रही है। वीडियो में जेई यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि मुझे रुपये कम दोगे तो तुम्हारा नुकसान हो जाएगा। अवर अभियंता महेंद्र नाथ ने रिश्वत लेने के आरोपों को खारिज किया। उनका कहना है कि यदि उपभोक्ता सीएससी के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करता तो उसे अधिक राशि खर्च करनी पड़ती। उन्होंने उपभोक्ता का काम कम खर्च में करा दिया, जिससे उसका नुकसान न हो। उन्होंने कहा कि वीडियो को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है।
हाटा डिवीजन के अधिशासी अभियंता दुर्गेश ने बताया कि मामला संज्ञान में है। वह स्वयं इसकी जांच कर रहे हैं। किसी भी कर्मचारी या अधिकारी का उपभोक्ता से सीधे भुगतान लेना नियमों के विरुद्ध है। यदि जांच में यह तथ्य सामने आता है कि अवर अभियंता ने किसी प्रकार की धनराशि ली है, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल विभागीय जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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वायरल वीडियो में अवर अभियंता और उपभोक्ता के बीच रुपये के लेन-देन को लेकर बातचीत सुनाई दे रही है। वीडियो में जेई यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि मुझे रुपये कम दोगे तो तुम्हारा नुकसान हो जाएगा। अवर अभियंता महेंद्र नाथ ने रिश्वत लेने के आरोपों को खारिज किया। उनका कहना है कि यदि उपभोक्ता सीएससी के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करता तो उसे अधिक राशि खर्च करनी पड़ती। उन्होंने उपभोक्ता का काम कम खर्च में करा दिया, जिससे उसका नुकसान न हो। उन्होंने कहा कि वीडियो को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है।
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हाटा डिवीजन के अधिशासी अभियंता दुर्गेश ने बताया कि मामला संज्ञान में है। वह स्वयं इसकी जांच कर रहे हैं। किसी भी कर्मचारी या अधिकारी का उपभोक्ता से सीधे भुगतान लेना नियमों के विरुद्ध है। यदि जांच में यह तथ्य सामने आता है कि अवर अभियंता ने किसी प्रकार की धनराशि ली है, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल विभागीय जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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