फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   Pressure on Narvajot dam due to rise in water level in Gandak river.

गंडक नदी में जलस्तर बढ़ने से नरवाजोत बांध पर बना दबाव

Thu, 28 Jul 2022 11:49 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 28 Jul 2022 11:49 PM IST
विज्ञापन
Pressure on Narvajot dam due to rise in water level in Gandak river.
नरवाजोत में बांध से सटकर बह रही गंडक नदी। - फोटो : KUSHINAGAR
गंडक नदी में जलस्तर बढ़ने से नरवाजोत बांध पर बना दबाव
विज्ञापन

- तीन दिनों में जलस्तर बढ़कर सवा लाख क्यूसेक के पार पहुंचा
तमकुहीरोड। गंडक नदी का डिस्चार्ज एक बार फिर बढ़ने से नरवाजोत बांध पर पानी का दबाव बढ़ने लगा है। नदी का डिस्चार्ज पिछले तीन दिनों से लगातार सवा लाख क्यूसेक से ऊपर बना हुआ है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि किलोमीटर 1.700 पर 8 करोड़ 63 लाख 35 हजार की लागत से ठोकर का निर्माण व परक्यूपाइन कार्य पूरा कराया जा चुका। फिर भी नदी 1.400 किलोमीटर से 1.700 किलोमीटर के बीच बांध से सटकर बह रही है। इससे कटान का खतरा बना हुआ है।
सेवरही क्षेत्र में नरवाजोत एक्सटेंशन से अहिरौलीदान तक लगभग 21 किलोमीटर की लंबाई में बहने वाली गंडक नदी के किनारे बने तटबंधों की स्थिति वाल्मीकिनगर बैराज से छोड़े जाने वाले डिस्चार्ज पर निर्भर करता है। डिस्चार्ज बढ़ने के साथ ही तटबंधों पर कटान का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन डिस्चार्ज घटने की स्थिति में कटान का खतरा दोगुना बढ़ जाता है। पिछले साल नरवाजोत में किलोमीटर 1.700 पर कई दशक पुराने बने ठोकर के कटान की जद में आ जाने से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई थी और ठोकर पर झोपड़ी का आशियाना बनाकर रहने वाले दस से अधिक परिवारों को पलायन करना पड़ा था। हालांकि, इस साल बाढ़ खंड विभाग की ओर से उस क्षतिग्रस्त ठोकर का निर्माण 8 करोड़ 63 लाख 35 हजार की लागत से पूरा कराया जा चुका है। इसके बावजूद बांध के किलोमीटर 1.400 से किलोमीटर 1.700 के बीच गंडक नदी का भारी दबाव बना हुआ है।
विज्ञापन

ग्राम प्रधान रामाजी निषाद, कैलाश सिंह, ध्रुव निषाद, पन्नालाल यादव, पुजारी सिंह, रामायन राय, प्रभुनाथ यादव, राजेंद्र सिंह का कहना है कि यदि गंडक नदी का डिस्चार्ज बढ़ने व घटने के बीच यहां कटान शुरू होती है तो बांध किनारे बसे नरवाजोत, बूटन टोला, मोतीराय टोला, भंगी टोला, दहारी टोला, तवकल टोला, उपाध्याय टोला, शिव टोला, देवनारायन टोला सहित अन्य कई गांवों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इसी आशंका के मद्देनजर बाढ़ खंड विभाग से सभी संवेदनशील स्थानों पर बाढ़ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कराए जाने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस संबंध में बाढ़ खंड तृतीय के सहायक अभियंता एसके प्रियदर्शी का कहना है कि इमरजेंसी वर्क के लिए सभी संवेदनशील जगहों पर पर्याप्त बचाव सामग्री का इंतजाम है। फिलहाल बांध को कहीं से कोई खतरा नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed