{"_id":"6a593bafbba1b5446a0c3b31","slug":"pressure-on-dams-persists-fear-of-flooding-in-riverside-villages-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-163821-2026-07-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: बांधों पर दबाव बरकरार, तटवर्ती गांवों में बाढ़ का भय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: बांधों पर दबाव बरकरार, तटवर्ती गांवों में बाढ़ का भय
Fri, 17 Jul 2026 01:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 17 Jul 2026 01:44 AM IST
विज्ञापन
तमकुहीरोड। गंडक नदी के डिस्चार्ज में कमी आने लगी है लेकिन तटबंधों पर पानी का दबाव बरकरार है। नरवाजोत से अहिरौलीदान तक कई स्थानों पर नदी कहीं बांध से तो कहीं ठोकरों से टकरा रही है। बांध के किनारे बसे लोगों का कहना है कि खतरा आगे भी बना रहने वाला है। बाढ़ खंड के अभियंता बांध की निगरानी में जुटे रहे।
सेवरही में गंडक नदी नरवाजोत से लेकर अहिरौलीदान तक लगभग साढ़े सत्रह किलोमीटर की लंबाई में बहती है। मंगलवार को गंडक नदी का डिस्चार्ज 2.24 लाख क्यूसेक पहुंच गया था। उसके बाद डिस्चार्ज घटने से नदी के जलस्तर में कमी आने लगी है। बृहस्पतिवार को यह डिस्चार्ज 1.50 लाख क्यूसेक से नीचे आ गया है। हालांकि, अभी खतरा टला नहीं है और नरवाजोत व जवही दयाल में परियोजना कार्य स्थल बाढ़ के पानी से डूबे हुए हैं।
पिपराघाट, घघवा जगदीश, विरवट कोन्हवलिया, नोनियापट्टी, कचहरी टोला, डीह टोला, अहिरौलीदान में खतरा बरकरार है और लोग सहमे हुए है। बांध के किनारे बसे लोगों का कहना है कि संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो बांध पर कभी भी खतरा बढ़ सकता है। एसडीओ दीपरतन सिंह का कहना है कि हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। तटबंध के सभी संवेदनशील जगहों की निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी चुनौती से निपटा जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
सेवरही में गंडक नदी नरवाजोत से लेकर अहिरौलीदान तक लगभग साढ़े सत्रह किलोमीटर की लंबाई में बहती है। मंगलवार को गंडक नदी का डिस्चार्ज 2.24 लाख क्यूसेक पहुंच गया था। उसके बाद डिस्चार्ज घटने से नदी के जलस्तर में कमी आने लगी है। बृहस्पतिवार को यह डिस्चार्ज 1.50 लाख क्यूसेक से नीचे आ गया है। हालांकि, अभी खतरा टला नहीं है और नरवाजोत व जवही दयाल में परियोजना कार्य स्थल बाढ़ के पानी से डूबे हुए हैं।
विज्ञापन
पिपराघाट, घघवा जगदीश, विरवट कोन्हवलिया, नोनियापट्टी, कचहरी टोला, डीह टोला, अहिरौलीदान में खतरा बरकरार है और लोग सहमे हुए है। बांध के किनारे बसे लोगों का कहना है कि संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो बांध पर कभी भी खतरा बढ़ सकता है। एसडीओ दीपरतन सिंह का कहना है कि हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। तटबंध के सभी संवेदनशील जगहों की निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी चुनौती से निपटा जा सके।
विज्ञापन