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Kushinagar News: सिंगल बड से पौधा तैयार करना किसानों के लिए लाभकारी
Wed, 20 Mar 2024 12:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 20 Mar 2024 12:48 AM IST
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तमकुहीरोड। सिंगल बड प्रणाली से गन्ने की पौध तैयार कर बुआई करना किसानों के लिए लाभकारी साबित होगा। इस विधि से बुआई करने पर गन्ने की बढ़वार तेजी से होती है। उसकी उत्पादन क्षमता पहले से बेहतर रहती है।
ये बातें बाबू गेंदा सिंह गन्ना प्रजनन एवं अनुसंधान संस्थान सेवरही के संयुक्त निदेशक डॉ. सुभाष चंद्र सिंह ने कहीं। वे मंगलवार को उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद व गन्ना विकास विभाग की ओर से चलाए जा रहे किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम में रामकोला, कठकुइयां और लक्ष्मीगंज गन्ना परिक्षेत्र से आए 149 किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सिंगल बड सिस्टम अर्थात एक आंख वाले गन्ने का बीज जब 25-30 दिन का हो जाए, तो उसकी बुआई करने से वह बीज शीघ्र जड़ों को पकड़ लेता है। उसकी बढ़वार भी तेजी से होती है। संस्थान की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अर्चना सिराड़ी, वैज्ञानिक डॉ. विनय मिश्र, डॉ. वाईपी भारती, डॉ. केके साहू, डॉ. सत्येंद्र कुमार, डॉ. केपी सिंह, डॉ. कृष्णानंद ने गन्ने की उन्नत प्रजातियों, भूमि संरक्षण, कीटनाशकों व उर्वरकों के समुचित प्रयोग, गन्ने की फसल में लगने वाले कीटों से बचाव आदि के बारे में जानकारी दी। इस दौरान अजय कुमार राय, प्रेमप्रकाश द्विवेदी, संजय शुक्ल, श्रीकृष्ण शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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ये बातें बाबू गेंदा सिंह गन्ना प्रजनन एवं अनुसंधान संस्थान सेवरही के संयुक्त निदेशक डॉ. सुभाष चंद्र सिंह ने कहीं। वे मंगलवार को उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद व गन्ना विकास विभाग की ओर से चलाए जा रहे किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम में रामकोला, कठकुइयां और लक्ष्मीगंज गन्ना परिक्षेत्र से आए 149 किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सिंगल बड सिस्टम अर्थात एक आंख वाले गन्ने का बीज जब 25-30 दिन का हो जाए, तो उसकी बुआई करने से वह बीज शीघ्र जड़ों को पकड़ लेता है। उसकी बढ़वार भी तेजी से होती है। संस्थान की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अर्चना सिराड़ी, वैज्ञानिक डॉ. विनय मिश्र, डॉ. वाईपी भारती, डॉ. केके साहू, डॉ. सत्येंद्र कुमार, डॉ. केपी सिंह, डॉ. कृष्णानंद ने गन्ने की उन्नत प्रजातियों, भूमि संरक्षण, कीटनाशकों व उर्वरकों के समुचित प्रयोग, गन्ने की फसल में लगने वाले कीटों से बचाव आदि के बारे में जानकारी दी। इस दौरान अजय कुमार राय, प्रेमप्रकाश द्विवेदी, संजय शुक्ल, श्रीकृष्ण शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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