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Kushinagar News: बौद्ध क्षेत्र के विकास के लिए तैयार करें माइक्रोप्लॉन
Wed, 28 May 2025 01:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 28 May 2025 01:28 AM IST
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कलक्ट्रेट परिसर में कसाडा की बैठक करते डीएम।स्रोत-सोशल मीडियाा
पडरौना। कलक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को कसाडा बोर्ड तथा विनियमित क्षेत्र के सदस्यों के साथ डीएम ने बैठक की। इसमें पुनरक्षित पडरौना महायोजना और कुशीनगर विशेष क्षेत्र महायोजना पर चर्चा कर डीएम ने माइक्रोप्लाॅन तैयार कर बौद्ध विहार परिक्षेत्र का विकास करने के निर्देश दिए।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर को एसडीएम सदर ने विनयमित क्षेत्र पडरौना के तहत सम्मिलित गांवों, उनके विकास के पहलुओं, आधारभूत मानचित्र, समय-समय पर परिवर्तन होने वाले शुल्कों, दाखिल मानचित्रों के बारे में सापेक्ष निस्तारित, शेष व निरस्त हुए नक्शे (भवनों का) आदि के बारे में जानकारी दी। बैठक में डीएम ने धारा-10 में जारी कारण बताओ नोटिस की संख्या काफी कम होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जहां नक्शा पास हो सकता था, लेकिन नहीं कराया गया तो उसे शीघ्र नोटिस देकर अन्य कार्रवाई करें। कुशीनगर क्षेत्र में विकासात्मक कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित करें, ताकि कोई पर्यटक यहां आता है तो अधिक से अधिक समय तक रूके। डीएम ने विभिन्न परिक्षेत्रों में लगने वाले आवासीय व व्यवसायिक भवनों के निर्मित क्षेत्रफल पर नक्शा प्रोसेसिंग शुल्क प्रति वर्ग मीटर, विकास शुल्क, अनुज्ञा शुल्क की जानकारी लेते हुए ई-कार्ट चालक, कम्प्यूटर आपरेटर आदि भर्ती करने तथा अन्य विकासात्मक कार्यों के प्रस्तावों पर की चर्चा की। इस दौरान सीडीओ गुजंन द्विवेदी, एडीएम वैभव मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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डीएम महेंद्र सिंह तंवर को एसडीएम सदर ने विनयमित क्षेत्र पडरौना के तहत सम्मिलित गांवों, उनके विकास के पहलुओं, आधारभूत मानचित्र, समय-समय पर परिवर्तन होने वाले शुल्कों, दाखिल मानचित्रों के बारे में सापेक्ष निस्तारित, शेष व निरस्त हुए नक्शे (भवनों का) आदि के बारे में जानकारी दी। बैठक में डीएम ने धारा-10 में जारी कारण बताओ नोटिस की संख्या काफी कम होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जहां नक्शा पास हो सकता था, लेकिन नहीं कराया गया तो उसे शीघ्र नोटिस देकर अन्य कार्रवाई करें। कुशीनगर क्षेत्र में विकासात्मक कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित करें, ताकि कोई पर्यटक यहां आता है तो अधिक से अधिक समय तक रूके। डीएम ने विभिन्न परिक्षेत्रों में लगने वाले आवासीय व व्यवसायिक भवनों के निर्मित क्षेत्रफल पर नक्शा प्रोसेसिंग शुल्क प्रति वर्ग मीटर, विकास शुल्क, अनुज्ञा शुल्क की जानकारी लेते हुए ई-कार्ट चालक, कम्प्यूटर आपरेटर आदि भर्ती करने तथा अन्य विकासात्मक कार्यों के प्रस्तावों पर की चर्चा की। इस दौरान सीडीओ गुजंन द्विवेदी, एडीएम वैभव मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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