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कुशीनगर के प्रमोदकांत को मिला साहित्यभूषण सम्मान, सीओ पद से हुए हैं सेवानिवृत
Fri, 26 Feb 2021 10:58 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पडरौना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पडरौना
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 26 Feb 2021 10:58 PM IST
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प्रमोदकांत
- फोटो : amar ujala
कसया ब्लाक के मठिया माधोपुर गांव निवासी प्रमोदकांत मिश्र को उत्तर प्रदेश साहित्य संस्थान ने साहित्यभूषण सम्मान से नवाजा है। 10 अगस्त 1960 को जन्मे प्रमोदकांत पुलिस विभाग में सीओ पद से सेवा रिटायर हुए हैं और अब अयोध्या में रहते हैं।
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मठिया माधोपुर गांव निवासी शिक्षक श्रीकांत मिश्र व रामसखी देवी के दूसरे नंबर के पुत्र प्रमोदकांत गांव में वर्ष 1982 में सब-इंस्पेक्टर के रूप में पुलिस विभाग में चयनित हुए थे। किशोरावस्था से ही प्रमोदकांत की रुचि साहित्य में रही। बुद्ध स्थली कुशीनगर स्थित बुध्द स्नातकोत्तर महाविद्यालय से उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले प्रमोदकांत ने संस्कृत, हिंदी और अंग्रेजी साहित्य की साधना शुरू कर दिया था। साहित्य प्रेम ने इन्हें विभिन्न आयोजनों और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया और यहीं से इनके साहित्य सृजन का कार्य शुरू हो गया था। वर्ष 2020 में 31 अगस्त को पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) पद से सेवा निवृत्त हुए।
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वर्ष 1991 में इनका पहला काव्यसंग्रह 'निशांत' प्रकाशित हुआ था। वर्ष 1993 में 'आलोक शिखर' के प्रकाशित होने का बाद ख्याति बढ़ी। वर्ष 1998 में प्रकाशित 'पगडंडियों से गुजरते हुए', वर्ष 2001 में प्रकाशित 'गुं गुरुभ्यो नमः', दो खंडों में क्रमशः वर्ष 2003 व 2004 में प्रकाशित 'इदं लोकाय' और वर्ष 2003 में प्रकाशित 'अमृत पुत्र' प्रमुख हैं।
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साहित्य से व से जुड़े प्रमोदकांत को इससे पहले भाऊराव देवरस न्यास द्वारा प्रताप नारायण मिश्र स्मृति युवा साहित्यकार सम्मान 1998, युवा विकास मंच फैज़ाबाद द्वारा उत्कृष्ट साहित्य सृजन युवा प्रतिभा सम्मान 1999, मानस सेवा समिति मोहन मंदिर अयोध्या द्वारा 'श्रीमानस सेवा समिति सम्मान 1999 तथा सनातन धर्म परिषद एवं तुलसी जन्मभूमि सुकरखेत विकास समिति द्वारा 'श्री तुलसी सम्मान 2002 मिल चुका है।