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बिजली कटौती : अनिद्रा ने लोगों की बढ़ाई मुसीबत
Sat, 17 Jun 2023 11:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 17 Jun 2023 11:59 PM IST
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पडरौना। उमसभरी गर्मी में शहर से लेकर गांव तक हो रही बिजली कटौती लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। दिन में काम के बाद घर पहुंचे लोगों की रात की नींद पूरी नहीं हो रही है। इसकी वजह से लोगों काे अनिद्रा का शिकार होना पड़ रहा है। वाहन चलाते समय झपकी आने से दुर्घटना और कामकाज के दौरान असुविधा हो रही है। इससे परेशान लोग जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में भी पहुंंच रहे हैं।
तल्ख मौसम लोगों को बीमार बना रहा है। काम के बाद घर पहुंच रहे लोगों को बिजली नहीं होने से देर रात तक रतजगा करना पड़ रहा है। दिन में दफ्तर पहुंच रहे लोग काम के दौरान झपकी ले रहे हैं। इसकी वजह पूछने पर रात को नीद पूरी नहीं होना बता रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचने वाले कई ऐसे मरीज हैं, जिनके सिर में दर्द रह रहा है। डॉक्टर नेत्र विभाग में मरीजों को दिखाने के लिए सलाह दे रहे हैं। नेत्र विभाग में शनिवार को पहुंचे रामकुमार, दीपक सिंह, त्रिभुवन दुबे, रामपुकार ने बताया कि सुबह काम पर जाने की तेजी रहती है। रात को आने पर गर्मी इतनी है। ऊपर से बिजली के अभाव में नींद पूरी नहीं हो पा रही है। डॉक्टर गर्मी से बचाव की सलाह देते हुए दवा दे रहे हैं। ऐसे मरीजों की संख्या जिला अस्पताल में बढ़ती जा रही है।
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क्या कहते हैं नेत्र सर्जन
-धूप से जितना हो सके, उतना बचा जाए। बाइक से चलते समय गमछा, काला चश्मा और हेलमेट का इस्तेमाल करें। आंखों को ठंडे पानी से तीन से चार बार धोएं। शाम को घर जाने पर स्नान करें। तरल पदार्थ का सेवन अधिक करें। कम से कम पांच घंटे जरूर सोएं। आंखों में दिक्कत होने पर बिना डॉक्टर के सलाह किसी भी दवा का प्रयोग न करें।
डॉ. अमरेंद्र सिंह, नेत्र सर्जन, जिला अस्पताल
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- बिजली कटौती लोगों को बीमार बना रही है। घर के अंदर समय काटना मुश्किल हो गया है। गर्मी ने रात की नीद छीन लिया है। शिकायत के बाद भी बिजली कटौती बंद नहीं हो रही है।
पूजा मद्धेशिया
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-बिजली की आंख मिचौली से रात का सोना दूभर हो गया है। आधी रात के बाद किसी तरह बच्चे सो रहे हैं। इंटवर्टर लगा है, लेकिन डिस्चार्ज हो जा रहा है। जनहित में बिजली व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाना चाहिए।
दिव्या लक्ष्मी
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-पूरे दिन दुकान पर काम के बाद रात को घर पहुंचने पर भी बेचैनी रह रही है। भीषण गर्मी की वजह से नीद तक नहीं आ रही है। इसकी वजह से नींद आने पर दुकान पर झपकी आती है। कम से कम रात को भी बिजली मिले तो काम चल जाएगा।
सिद्धार्थ वर्मा, दुकानदार
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- रात को नींद पूरी नहीं होने से दिन में कही जा नहीं पा रहा हूं। बाइक चलाने में दिक्कतें आ रही हैं। इसकी वजह से काम प्रभावित हो रहा है। दुकान पर बैठकर ही काम निपटाया जा रहा है। बिजली निगम के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जरुरत है।
अशोक, दुकानदार
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तल्ख मौसम लोगों को बीमार बना रहा है। काम के बाद घर पहुंच रहे लोगों को बिजली नहीं होने से देर रात तक रतजगा करना पड़ रहा है। दिन में दफ्तर पहुंच रहे लोग काम के दौरान झपकी ले रहे हैं। इसकी वजह पूछने पर रात को नीद पूरी नहीं होना बता रहे हैं।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचने वाले कई ऐसे मरीज हैं, जिनके सिर में दर्द रह रहा है। डॉक्टर नेत्र विभाग में मरीजों को दिखाने के लिए सलाह दे रहे हैं। नेत्र विभाग में शनिवार को पहुंचे रामकुमार, दीपक सिंह, त्रिभुवन दुबे, रामपुकार ने बताया कि सुबह काम पर जाने की तेजी रहती है। रात को आने पर गर्मी इतनी है। ऊपर से बिजली के अभाव में नींद पूरी नहीं हो पा रही है। डॉक्टर गर्मी से बचाव की सलाह देते हुए दवा दे रहे हैं। ऐसे मरीजों की संख्या जिला अस्पताल में बढ़ती जा रही है।
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क्या कहते हैं नेत्र सर्जन
-धूप से जितना हो सके, उतना बचा जाए। बाइक से चलते समय गमछा, काला चश्मा और हेलमेट का इस्तेमाल करें। आंखों को ठंडे पानी से तीन से चार बार धोएं। शाम को घर जाने पर स्नान करें। तरल पदार्थ का सेवन अधिक करें। कम से कम पांच घंटे जरूर सोएं। आंखों में दिक्कत होने पर बिना डॉक्टर के सलाह किसी भी दवा का प्रयोग न करें।
डॉ. अमरेंद्र सिंह, नेत्र सर्जन, जिला अस्पताल
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- बिजली कटौती लोगों को बीमार बना रही है। घर के अंदर समय काटना मुश्किल हो गया है। गर्मी ने रात की नीद छीन लिया है। शिकायत के बाद भी बिजली कटौती बंद नहीं हो रही है।
पूजा मद्धेशिया
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-बिजली की आंख मिचौली से रात का सोना दूभर हो गया है। आधी रात के बाद किसी तरह बच्चे सो रहे हैं। इंटवर्टर लगा है, लेकिन डिस्चार्ज हो जा रहा है। जनहित में बिजली व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाना चाहिए।
दिव्या लक्ष्मी
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-पूरे दिन दुकान पर काम के बाद रात को घर पहुंचने पर भी बेचैनी रह रही है। भीषण गर्मी की वजह से नीद तक नहीं आ रही है। इसकी वजह से नींद आने पर दुकान पर झपकी आती है। कम से कम रात को भी बिजली मिले तो काम चल जाएगा।
सिद्धार्थ वर्मा, दुकानदार
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- रात को नींद पूरी नहीं होने से दिन में कही जा नहीं पा रहा हूं। बाइक चलाने में दिक्कतें आ रही हैं। इसकी वजह से काम प्रभावित हो रहा है। दुकान पर बैठकर ही काम निपटाया जा रहा है। बिजली निगम के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जरुरत है।
अशोक, दुकानदार