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गर्मी बढ़ते ही बढ़ी बिजली कटौती, उपभोक्ता परेशान
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सेवरही के स्वर्णनगर में लगा ट्रांसफार्मर।
- फोटो : KUSHINAGAR
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गर्मी बढ़ते ही बढ़ी बिजली कटौती, उपभोक्ता परेशान
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक हो रही कटौती
व्यवसायी और घरेलू उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी
बिजली की आंख मिचौली से परीक्षार्थियों को भी हो रहीं दिक्कतें
पडरौना। गर्मी बढ़ते ही शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती बढ़ गई है। शहरी क्षेत्रों में 18 से 20 घंटे ही बिजली मिल रही है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के आने-जाने का कोई निर्धारित समय नहीं है। इससे उपभोक्ता परेशान हैं। इधर, बोर्ड परीक्षा शुरू हो गई है और विश्वविद्यालयी परीक्षा शुरू होने वाली है। इससे विद्यार्थियों को भी बिजली की आंख मिचौली के दौरान पढ़ाई करने में दिक्कत हो रही है।
एक तो गर्मी, दूसरे बिजली कटौती ने उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गर्मी में मच्छरों की भरमार होने लगी है। बिजली कट जाने पर मच्छर भी भर जा रहे हैं। गर्मी में बिजली की खपत बढ़ने के कारण भी कटौती अधिक हो गई है।
जिले में 32 विद्युत उपकेंद्र के जरिए विद्युत आपूर्ति होती है। इसमें अधिकतर उपकेंद्रों पर बिजली की कटौती की जा रही है। शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया जा रहा है, लेकिन ये दावे खोखले साबित हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत निगम की तरफ से साढ़े सत्रह घंटे बिजली आपूर्ति करने की बात कही जा रही है, लेकिन उपभोक्ताओं की मानें तो बिजली आने-जाने का कोई निर्धारित समय नहीं रह गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से 12 घंटे तक ही बिजली मिल रही है। बिजली कटते ही उपभोक्ताओं को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ता है। क्योंकि ओवरहेड टैंक से आपूर्ति कुछ ही देर में बंद हो जाती है और मोटर न चलने के कारण लोग अपनी टंकियों में पानी नहीं भर पाते हैं।
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बातचीत
गर्मी शुरू होते ही पडरौना शहर में बिजली कटौती शुरू हो गई है। हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा चल रही है। विद्युत निगम के जिम्मेदार इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
ज्योति गुप्ता, हाईस्कूल परीक्षार्थी
चुनाव के समय बिजली कटौती नहीं होती थी। चुनाव बीतने के बाद कटौती शुरू हो गई है। इससे दिन में जेनरेटर चलाना पड़ रहा है। फाल्ट की समस्या होने पर कर्मी फोन नहीं उठाते हैं।
अनिल यादव, व्यवसायी
शहर में 24 घंटे बिजली मिलने का दावा खोखला साबित हो रहा है। हर साल गर्मी का मौसम आते ही कटौती शुरू हो जाती है। इससे व्यवसाय प्रभावित होता है।
जयप्रकाश, व्यवसायी
बिजली न रहने पर मोटर से टंकी में पानी भरने में परेशानी हो रही है। विद्युत निगम की टीम बिल काटने व बिल वसूलने के लिए समय ही उपभोक्ताओं के घर जाती है।
शरदचंद्र शुक्ला, घरेलू उपभोक्ता
बिजली निगम की व्यवस्था रामभरोसे है। रात में बिजली कट जाने पर मच्छर और गर्मी से परेशानी बढ़ जा रही है। बिजली न रहने पर पानी की आपूर्ति भी बंद हो जाती है।
पवन मोदनवाल, घरेलू उपभोक्ता
वर्जन
हर तीसरे उपभोक्ता का 10 हजार रुपये से अधिक का बिल बकाया है। तकनीकी खराबी के कारण क्षण भर के लिए बिजली कटती है। प्रयास है कि शहरी क्षेत्रों में बिजली 24 घंटे उपलब्ध रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में भी परीक्षा को देखते हुए शाम को बिजली आपूर्ति की जा रही है।
प्रवीण कुमार चौबे,
प्रभारी एक्सईएन, विद्युत वितरण खंड, पडरौना
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शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक हो रही कटौती
व्यवसायी और घरेलू उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी
बिजली की आंख मिचौली से परीक्षार्थियों को भी हो रहीं दिक्कतें
पडरौना। गर्मी बढ़ते ही शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती बढ़ गई है। शहरी क्षेत्रों में 18 से 20 घंटे ही बिजली मिल रही है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के आने-जाने का कोई निर्धारित समय नहीं है। इससे उपभोक्ता परेशान हैं। इधर, बोर्ड परीक्षा शुरू हो गई है और विश्वविद्यालयी परीक्षा शुरू होने वाली है। इससे विद्यार्थियों को भी बिजली की आंख मिचौली के दौरान पढ़ाई करने में दिक्कत हो रही है।
एक तो गर्मी, दूसरे बिजली कटौती ने उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गर्मी में मच्छरों की भरमार होने लगी है। बिजली कट जाने पर मच्छर भी भर जा रहे हैं। गर्मी में बिजली की खपत बढ़ने के कारण भी कटौती अधिक हो गई है।
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जिले में 32 विद्युत उपकेंद्र के जरिए विद्युत आपूर्ति होती है। इसमें अधिकतर उपकेंद्रों पर बिजली की कटौती की जा रही है। शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया जा रहा है, लेकिन ये दावे खोखले साबित हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत निगम की तरफ से साढ़े सत्रह घंटे बिजली आपूर्ति करने की बात कही जा रही है, लेकिन उपभोक्ताओं की मानें तो बिजली आने-जाने का कोई निर्धारित समय नहीं रह गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से 12 घंटे तक ही बिजली मिल रही है। बिजली कटते ही उपभोक्ताओं को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ता है। क्योंकि ओवरहेड टैंक से आपूर्ति कुछ ही देर में बंद हो जाती है और मोटर न चलने के कारण लोग अपनी टंकियों में पानी नहीं भर पाते हैं।
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गर्मी शुरू होते ही पडरौना शहर में बिजली कटौती शुरू हो गई है। हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा चल रही है। विद्युत निगम के जिम्मेदार इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
ज्योति गुप्ता, हाईस्कूल परीक्षार्थी
चुनाव के समय बिजली कटौती नहीं होती थी। चुनाव बीतने के बाद कटौती शुरू हो गई है। इससे दिन में जेनरेटर चलाना पड़ रहा है। फाल्ट की समस्या होने पर कर्मी फोन नहीं उठाते हैं।
अनिल यादव, व्यवसायी
शहर में 24 घंटे बिजली मिलने का दावा खोखला साबित हो रहा है। हर साल गर्मी का मौसम आते ही कटौती शुरू हो जाती है। इससे व्यवसाय प्रभावित होता है।
जयप्रकाश, व्यवसायी
बिजली न रहने पर मोटर से टंकी में पानी भरने में परेशानी हो रही है। विद्युत निगम की टीम बिल काटने व बिल वसूलने के लिए समय ही उपभोक्ताओं के घर जाती है।
शरदचंद्र शुक्ला, घरेलू उपभोक्ता
बिजली निगम की व्यवस्था रामभरोसे है। रात में बिजली कट जाने पर मच्छर और गर्मी से परेशानी बढ़ जा रही है। बिजली न रहने पर पानी की आपूर्ति भी बंद हो जाती है।
पवन मोदनवाल, घरेलू उपभोक्ता
वर्जन
हर तीसरे उपभोक्ता का 10 हजार रुपये से अधिक का बिल बकाया है। तकनीकी खराबी के कारण क्षण भर के लिए बिजली कटती है। प्रयास है कि शहरी क्षेत्रों में बिजली 24 घंटे उपलब्ध रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में भी परीक्षा को देखते हुए शाम को बिजली आपूर्ति की जा रही है।
प्रवीण कुमार चौबे,
प्रभारी एक्सईएन, विद्युत वितरण खंड, पडरौना