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आलू का उत्पादन हो सकता है प्रभावित
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राजकीय आलू प्रक्षेत्र कसया बरवां फार्म में आलू के फसल में भरा बारिश का पानी का निरीक्षण करते जिला
- फोटो : KUSHINAGAR
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आलू का उत्पादन हो सकता है प्रभावित
9.90 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू बीजोत्पादन की हुई है खेती
कुफरी सिंदूरी व कुफरी ख्याति प्रजाति की बुआई की गई
कसया (कुशीनगर)। मंगलवार रात करीब नौ बजे से हो रही बारिश से आलू उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। राजकीय आलू प्रक्षेत्र केंद्र में आलू के बीज उत्पादन के लिए कुल 9.90 हेक्टेयर में खेती की गई है।
राजकीय आलू प्रक्षेत्र केंद्र कसया (बरवा फार्म) में उद्यान विभाग की तरफ से आलू बीजोत्पादन के लिए प्रत्येक वर्ष खेती की जाती है। इस वर्ष भी बीज उत्पादन के लिए कुफरी सिंदूरी प्रजाति 6.33 हेक्टेयर व कुफरी ख्याति 3.57 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की बुआई की गई है। यह बुआई फार्म में 29 अक्तूबर से 14 नवंबर के बीच की गई थी। मंगलवार रात से हो रही बारिश के चलते उत्पादन प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए बुधवार सुबह जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार तिवारी ने फार्म का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि बारिश का पानी आलू के खेत में भरा है। जलनिकासी का प्रबंध नहीं है। इससे आलू की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और उत्पादन भी प्रभावित होगा।
बरवां फार्म में 20 अक्तूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा हुई थी। इसके चलते आलू की बुआई में देर हुई और रकबा भी कम हो गया। जबकि बुआई 12 हेक्टेयर में होना निर्धारित था। जनसभा स्थल पर बने हेलीपैड आदि के चलते रकबा कम हो गया। उद्यान प्रभारी पत्रिका सिंह ने बताया कि बारिश के चलते उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। यदि बारिश थम गई तो कम नुकसान होगा।
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9.90 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू बीजोत्पादन की हुई है खेती
कुफरी सिंदूरी व कुफरी ख्याति प्रजाति की बुआई की गई
कसया (कुशीनगर)। मंगलवार रात करीब नौ बजे से हो रही बारिश से आलू उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। राजकीय आलू प्रक्षेत्र केंद्र में आलू के बीज उत्पादन के लिए कुल 9.90 हेक्टेयर में खेती की गई है।
राजकीय आलू प्रक्षेत्र केंद्र कसया (बरवा फार्म) में उद्यान विभाग की तरफ से आलू बीजोत्पादन के लिए प्रत्येक वर्ष खेती की जाती है। इस वर्ष भी बीज उत्पादन के लिए कुफरी सिंदूरी प्रजाति 6.33 हेक्टेयर व कुफरी ख्याति 3.57 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की बुआई की गई है। यह बुआई फार्म में 29 अक्तूबर से 14 नवंबर के बीच की गई थी। मंगलवार रात से हो रही बारिश के चलते उत्पादन प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए बुधवार सुबह जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार तिवारी ने फार्म का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि बारिश का पानी आलू के खेत में भरा है। जलनिकासी का प्रबंध नहीं है। इससे आलू की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और उत्पादन भी प्रभावित होगा।
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बरवां फार्म में 20 अक्तूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा हुई थी। इसके चलते आलू की बुआई में देर हुई और रकबा भी कम हो गया। जबकि बुआई 12 हेक्टेयर में होना निर्धारित था। जनसभा स्थल पर बने हेलीपैड आदि के चलते रकबा कम हो गया। उद्यान प्रभारी पत्रिका सिंह ने बताया कि बारिश के चलते उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। यदि बारिश थम गई तो कम नुकसान होगा।
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