{"_id":"68aa16ea92bb0588710ab453","slug":"police-will-tighten-the-noose-on-fake-gst-gang-active-on-highways-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-143962-2025-08-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: हाईवे पर सक्रिय फर्जी जीएसटी गैंग पर पुलिस कसेगी शिकंजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: हाईवे पर सक्रिय फर्जी जीएसटी गैंग पर पुलिस कसेगी शिकंजा
विज्ञापन
कुशीनगर/तमकुहीराज। हाईवे पर फर्जी अधिकारी बनकर ट्रक चालकों से वसूली करने वाले गिरोह से जुड़े गुर्गों की कुंडली पुलिस खंगाल रही है। हाईवे पर सक्रिय इस गैंग में शामिल आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई करने की तैयारी में है। हालांकि पुलिस अभी कुछ बताने से परहेज कर रही है। इस गिरोह से जुड़े गुर्गों के सर्वाधिक सक्रियता का केंद्र तमकुहीराज थाना क्षेत्र के हाईवे स्थित गाजीपुर बैरियर है।
हाईवे पर फर्जी अधिकारी बन हाईवे पर वसूली करने वाले गैंग के मास्टरमाइंड तमकुहीराज थाना क्षेत्र के गाजीपुर बैरियर टोला निवासी मुखिया यादव उर्फ प्रिंस की पारिवारिक कुछ वर्ष पूर्व तक खस्ताहाल रही थी। इसके अलावे गैंग के अन्य गुर्गों की भी आर्थिक स्थित तेजी से बदली है और जीवन जीने का अंदाज फर्श से अर्श तक पहुंच गया। अनपढ़ व कम शिक्षा के बावजूद गिरोह के गुर्गे ट्रक चालकों को झांसा में लेने के लिए विभिन्न प्रांतों की भाषाएं बोलने में माहिर है। मोबाइल व लैपटॉप संचालित करने में उस्ताद गिरोह के सदस्य आसानी से चिन्हित शिकारों को झांसे में रुपये वसूल लेते है। सूत्र बताते है कि मुखिया यादव उर्फ प्रिंस के पिता कम रकबे की खेती व श्रम के बदौलत परिवार को पालते रहे, लेकिन मुखिया यादव के फर्जी अधिकारी बन कर हाईवे पर वसूली गैंग का मास्टरमाइंड बन कर उभरते ही परिवार की आर्थिक स्थित तेजी से बदली।
मुखिया यादव ने परिवार के कमाई का कोई वैध जरिया नहीं होने के बावजूद पैतृक घर से हट कर दूसरे जगह भी घर का निर्माण आधुनिक ढंग से कराया है और सुविधा के लिए चार पहिया वाहन खरीदा है।जुलाई 2024 में जेल जाने के बाद मुखिया यादव के भाई ने गिरोह संचालन की कमान संभाली और बड़े पैमाने पर ट्रक चालकों को निशाना बनाया जाने लगा और दोनों भाइयों की युगल जोड़ी ने पुलिस व जांच टीमों को छकाना शुरु कर दिया। गैंग से जुड़े गाजीपुर निवासी नाजिर खान के परिवार के जीविकोपार्जन का आधार कुछ वर्ष पूर्व खेती था लेकिन गैंग में इंट्री के बाद अवैध कमाई से परिवार की आर्थिक स्थित तेजी से बदली है।
विज्ञापन
इसी गांव निवासी मोईन खान के परिवार के कुछ सदस्य विदेश रह कर नौकरी करते है। परिवार के विकास में योगदान के लिए मोईन ने गिरोह में काम करना मुनासिब समझा।इसी गांव निवासी मुफलिसी में जीवन जीने वाले लालू यादव ने भी फर्जी अधिकारी बन वसूली कर रूपये कमाने का रास्ता अख्तियार किया। नगर पंचायत तमकुहीराज के वार्ड नंबर दो हरिहरपुर निवासी सैफ अली उर्फ टिंकू के परिवार के सदस्य भी विदेश रह कर नौकरी करते है लेकिन मोटा आमदनी सैफ घर रह कर ही करता है।वार्ड नंबर तीन तुलसीनगर निवासी कैफ अली, परसौनी बुजुर्ग निवासी महरुद्दीन, वार्ड नंबर दो यशोधरा नगर हरिहरपुर निवासी अजय कुमार चौहान उर्फ भोला व इसी वार्ड निवासी चंदन कुमार धोबी ने भी मोटी आमदनी के लिए फर्जी अधिकारी बन ट्रक चालकों से वसूली गिरोह के शातिर गुर्गे है।इंस्पेक्टर तमकुहीराज सुशील शुक्ला ने बताया मामले की विवेचना की जा रही है।ठोस व प्रभावी कार्रवाई के लिए पुलिस सुबूत इकट्ठा कर रही है।
विज्ञापन
हाईवे पर फर्जी अधिकारी बन हाईवे पर वसूली करने वाले गैंग के मास्टरमाइंड तमकुहीराज थाना क्षेत्र के गाजीपुर बैरियर टोला निवासी मुखिया यादव उर्फ प्रिंस की पारिवारिक कुछ वर्ष पूर्व तक खस्ताहाल रही थी। इसके अलावे गैंग के अन्य गुर्गों की भी आर्थिक स्थित तेजी से बदली है और जीवन जीने का अंदाज फर्श से अर्श तक पहुंच गया। अनपढ़ व कम शिक्षा के बावजूद गिरोह के गुर्गे ट्रक चालकों को झांसा में लेने के लिए विभिन्न प्रांतों की भाषाएं बोलने में माहिर है। मोबाइल व लैपटॉप संचालित करने में उस्ताद गिरोह के सदस्य आसानी से चिन्हित शिकारों को झांसे में रुपये वसूल लेते है। सूत्र बताते है कि मुखिया यादव उर्फ प्रिंस के पिता कम रकबे की खेती व श्रम के बदौलत परिवार को पालते रहे, लेकिन मुखिया यादव के फर्जी अधिकारी बन कर हाईवे पर वसूली गैंग का मास्टरमाइंड बन कर उभरते ही परिवार की आर्थिक स्थित तेजी से बदली।
विज्ञापन
मुखिया यादव ने परिवार के कमाई का कोई वैध जरिया नहीं होने के बावजूद पैतृक घर से हट कर दूसरे जगह भी घर का निर्माण आधुनिक ढंग से कराया है और सुविधा के लिए चार पहिया वाहन खरीदा है।जुलाई 2024 में जेल जाने के बाद मुखिया यादव के भाई ने गिरोह संचालन की कमान संभाली और बड़े पैमाने पर ट्रक चालकों को निशाना बनाया जाने लगा और दोनों भाइयों की युगल जोड़ी ने पुलिस व जांच टीमों को छकाना शुरु कर दिया। गैंग से जुड़े गाजीपुर निवासी नाजिर खान के परिवार के जीविकोपार्जन का आधार कुछ वर्ष पूर्व खेती था लेकिन गैंग में इंट्री के बाद अवैध कमाई से परिवार की आर्थिक स्थित तेजी से बदली है।
विज्ञापन
इसी गांव निवासी मोईन खान के परिवार के कुछ सदस्य विदेश रह कर नौकरी करते है। परिवार के विकास में योगदान के लिए मोईन ने गिरोह में काम करना मुनासिब समझा।इसी गांव निवासी मुफलिसी में जीवन जीने वाले लालू यादव ने भी फर्जी अधिकारी बन वसूली कर रूपये कमाने का रास्ता अख्तियार किया। नगर पंचायत तमकुहीराज के वार्ड नंबर दो हरिहरपुर निवासी सैफ अली उर्फ टिंकू के परिवार के सदस्य भी विदेश रह कर नौकरी करते है लेकिन मोटा आमदनी सैफ घर रह कर ही करता है।वार्ड नंबर तीन तुलसीनगर निवासी कैफ अली, परसौनी बुजुर्ग निवासी महरुद्दीन, वार्ड नंबर दो यशोधरा नगर हरिहरपुर निवासी अजय कुमार चौहान उर्फ भोला व इसी वार्ड निवासी चंदन कुमार धोबी ने भी मोटी आमदनी के लिए फर्जी अधिकारी बन ट्रक चालकों से वसूली गिरोह के शातिर गुर्गे है।इंस्पेक्टर तमकुहीराज सुशील शुक्ला ने बताया मामले की विवेचना की जा रही है।ठोस व प्रभावी कार्रवाई के लिए पुलिस सुबूत इकट्ठा कर रही है।